खानपान से घट सकता है डिमेंशिया का जोखिम, स्टडी में सामने आई अहम बात

खानपान से घट सकता है डिमेंशिया का जोखिम, स्टडी में सामने आई अहम बात

डिमेंशिया से बचाव को लेकर एक नई अंतरराष्ट्रीय रिसर्च में दावा किया गया है कि हफ्ते में कम से कम एक बार चीज़ खाने वाले बुजुर्गों में डिमेंशिया का खतरा कम हो सकता है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि इसे इलाज नहीं माना जाए और डाइट में बदलाव से पहले डॉक्टर की सलाह जरूरी है।

Dementia Research: जापान में 65 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों पर की गई एक नई स्टडी में यह सामने आया है कि नियमित रूप से सीमित मात्रा में चीज़ का सेवन करने वालों में डिमेंशिया का जोखिम करीब 24 प्रतिशत तक कम पाया गया। यह रिसर्च हाल ही में अंतरराष्ट्रीय जर्नल MDPI में प्रकाशित हुई है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, चीज में मौजूद विटामिन K₂, प्रोटीन और अमीनो एसिड ब्रेन हेल्थ को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं, हालांकि इसे डिमेंशिया से पूरी सुरक्षा की गारंटी नहीं माना गया है।

रिसर्च में क्या सामने आया

यह अध्ययन जापान के बुजुर्गों पर किया गया, जिसमें उनकी डाइट और ब्रेन हेल्थ के बीच संबंध की जांच की गई। वैज्ञानिकों ने पाया कि जो लोग नियमित रूप से चीज खाते थे, उनमें डिमेंशिया के लक्षण अपेक्षाकृत कम दिखे।

रिपोर्ट के मुताबिक, चीज में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट दिमाग में होने वाली सूजन को कम करते हैं, जबकि विटामिन K₂ ब्रेन की नसों को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है। यही वजह है कि चीज का सीमित और संतुलित सेवन ब्रेन हेल्थ के लिए लाभकारी माना जा रहा है।

क्या चीज खाने से पूरी तरह बचा जा सकता है डिमेंशिया?

वैज्ञानिकों ने साफ किया है कि यह रिसर्च केवल चीज और डिमेंशिया के बीच एक संबंध को दिखाती है, यह किसी तरह का इलाज या पक्की गारंटी नहीं है। यानी सिर्फ चीज खाने से हर व्यक्ति को डिमेंशिया से पूरी तरह बचाव मिल जाए, ऐसा जरूरी नहीं है।

रिसर्च में यह भी सामने आया कि जिन लोगों ने चीज का सेवन किया, उनकी कुल डाइट और लाइफस्टाइल भी अपेक्षाकृत बेहतर थी। इसलिए यह संभव है कि डिमेंशिया का कम जोखिम सिर्फ चीज नहीं, बल्कि बेहतर जीवनशैली का संयुक्त असर हो।

डॉक्टर की सलाह क्यों जरूरी

दिल्ली के आरएमएल अस्पताल से जुड़े मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. सुभाष गिरि का कहना है कि किसी भी व्यक्ति को सिर्फ एक रिसर्च के आधार पर अपने खानपान में बड़ा बदलाव नहीं करना चाहिए। चीज में फैट और नमक की मात्रा भी होती है, जो कुछ लोगों के लिए नुकसानदायक हो सकती है।

डॉ. गिरि के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति अपनी डाइट में चीज शामिल करना चाहता है, तो उसे पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए, खासकर अगर उसे डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर या हार्ट से जुड़ी समस्या हो।

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