फ्लैट फुट एक ऐसी स्थिति है जिसमें पैर का आर्च कम या खत्म हो जाता है, जिससे तलवा जमीन से पूरी तरह सट जाता है। यह कभी जन्मजात तो कभी उम्र, वजन या गलत जूतों के कारण विकसित होता है और कुछ लोगों में दर्द, सूजन व चलने में बदलाव की समस्या पैदा कर सकता है।
Flat Foot Problem: फ्लैट फुट यानी पैरों के आर्च का कम या समाप्त हो जाना एक आम ऑर्थोपेडिक स्थिति है, जो बच्चों और बड़ों दोनों में देखी जाती है। यह तब होता है जब पैर का प्राकृतिक घुमाव कमजोर पड़ जाता है और खड़े होने पर तलवा जमीन से पूरी तरह सट जाता है। लंबे समय तक खड़े रहने, अधिक वजन, गलत फुटवियर या मांसपेशियों की कमजोरी इसके प्रमुख कारण हो सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, लक्षण दिखने पर समय पर जांच और सही देखभाल से इससे जुड़ी परेशानियों को नियंत्रित किया जा सकता है।
फ्लैट फुट क्या है और क्यों होता है?
फ्लैट फुट में पैर का आर्च दिखाई नहीं देता या बहुत कम होता है। सामान्य स्थिति में पैरों के तलवे में हल्का घुमाव होता है, जो शरीर के वजन को संतुलित तरीके से बांटता है। जब यह आर्च कमजोर पड़ जाता है, तो पूरा दबाव तलवे पर पड़ने लगता है।
इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं, जैसे पैरों की मांसपेशियों या लिगामेंट्स का कमजोर होना, लंबे समय तक गलत जूते पहनना, अधिक वजन या चोट। बच्चों में यह स्थिति कई बार अस्थायी होती है और बढ़ती उम्र के साथ खुद ठीक भी हो जाती है।

फ्लैट फुट से क्या समस्याएं हो सकती हैं?
डॉ. यादव बताते हैं कि कुछ लोगों को फ्लैट फुट के कारण पैरों में दर्द, थकान या भारीपन महसूस हो सकता है, खासकर लंबे समय तक खड़े रहने या चलने पर। एड़ी, टखनों और पिंडलियों में खिंचाव या सूजन भी देखी जा सकती है।
कई मामलों में इसका असर शरीर के संतुलन पर पड़ता है, जिससे चाल में बदलाव आ सकता है। घुटनों, कमर या पीठ में दर्द भी हो सकता है, क्योंकि वजन का वितरण सही तरीके से नहीं हो पाता। हालांकि सभी लोगों में लक्षण समान हों, यह जरूरी नहीं है।
फ्लैट फुट का इलाज क्या है?
फ्लैट फुट का इलाज इस बात पर निर्भर करता है कि व्यक्ति को दर्द या असहजता हो रही है या नहीं। यदि कोई लक्षण नहीं हैं, तो कई बार उपचार की जरूरत नहीं पड़ती। लेकिन दर्द की स्थिति में आर्च सपोर्ट वाले जूते या खास इनसोल उपयोगी साबित हो सकते हैं।
इसके साथ नियमित एक्सरसाइज से पैरों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं। वजन नियंत्रित रखना भी अहम है, क्योंकि ज्यादा वजन पैरों पर दबाव बढ़ाता है। गंभीर मामलों में, जब अन्य उपाय असर न करें, तो सर्जरी पर विचार किया जा सकता है।
किन लोगों को ज्यादा सावधान रहने की जरूरत?
जो लोग लंबे समय तक खड़े रहते हैं या जिनका काम पैरों पर अधिक दबाव डालता है, उन्हें खास सतर्कता बरतनी चाहिए। खेलकूद या अधिक शारीरिक गतिविधि करने वालों में भी लक्षण बढ़ सकते हैं।
यदि पैरों में लगातार दर्द, सूजन या चलने में दिक्कत महसूस हो, तो इसे नजरअंदाज न करें। समय पर जांच और सही सलाह से फ्लैट फुट से जुड़ी समस्याओं को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।













