कश्मीरा शाह ने साझा की ‘मॉम गिल्ट’ और पहचान की कहानी, बच्चों की एक बात ने बदल दी सोच

अभिनेत्री Kashmera Shah ने ‘मॉम गिल्ट’, करियर और अपनी पहचान को लेकर भावुक अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि बच्चों की एक बात ने उनकी सोच पूरी तरह बदल दी।

Kashmera Shah का मानना है कि मां बनने के बाद उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल गई। अब उनका हर फैसला बच्चों को ध्यान में रखकर होता है और जिंदगी सिर्फ कैमरे या काम तक सीमित नहीं रह गई है। इन दिनों वह Laughter Chefs के तीसरे सीजन में नजर आ रही हैं।

एंटरटेनमेंट न्यूज़: भारतीय अभिनेत्री और टीवी पर्सनैलिटी Kashmera Shah ने हाल ही में मातृत्व, करियर और अपनी व्यक्तिगत पहचान को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि मां बनने के बाद उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल गई, लेकिन एक घटना ने उन्हें यह एहसास कराया कि बच्चों की परवरिश के साथ अपनी पहचान बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है।

कश्मीरा ने स्वीकार किया कि कामकाजी मां के रूप में सबसे बड़ी चुनौती “मॉम गिल्ट” यानी बच्चों को पर्याप्त समय न दे पाने का अपराधबोध होता है। हालांकि उनका मानना है कि अपनी पहचान खो देना उससे भी ज्यादा मुश्किल है।

“आप स्टार कहां हैं, डैडी हैं…”

Kashmera Shah ने एक भावुक घटना साझा करते हुए बताया कि उन्होंने मां बनने के बाद लगभग छह साल तक काम से दूरी बना ली थी। उस दौरान उनका पूरा ध्यान बच्चों की परवरिश पर था, जबकि उनके पति Krushna Abhishek लगातार काम कर रहे थे। उन्होंने बताया कि एक दिन वह स्पोर्ट्स आउटफिट में स्क्वॉश खेलकर घर लौटी थीं। पार्किंग एरिया में मौजूद कुछ लोग उन्हें देख रहे थे, जिससे उनके छोटे बेटे को गुस्सा आ गया।

कश्मीरा ने बेटे को समझाने के लिए कहा कि लोग उन्हें इसलिए देख रहे हैं क्योंकि वह “स्टार” हैं। लेकिन बेटे का जवाब उन्हें भीतर तक चुभ गया। बच्चे ने कहा, “आप स्टार कहां हैं, वो तो डैडी हैं।” इस घटना ने उन्हें एहसास कराया कि उनके बच्चों को उनकी पेशेवर पहचान के बारे में लगभग पता ही नहीं था। इसके बाद उन्होंने बच्चों को अपना काम और करियर दिखाया, जिससे वे बेहद खुश हुए।

मां होने के साथ पहचान बनाए रखना जरूरी

कश्मीरा का मानना है कि महिलाओं के लिए मां बनने के बाद भी अपनी व्यक्तिगत पहचान बनाए रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि उन्होंने और उनके पति ने जिम्मेदारियों को बांटने का फैसला किया था—जब एक काम करेगा तो दूसरा बच्चों के साथ रहेगा। लेकिन समय के साथ उन्हें महसूस हुआ कि केवल घर तक सीमित रहना उनके आत्मविश्वास और पहचान दोनों को प्रभावित कर रहा था।

उनका कहना है कि कामकाजी मां को अपराधबोध जरूर होता है, लेकिन यह अपने सपनों और पहचान को पूरी तरह छोड़ देने से बेहतर है। Kashmera Shah ने बताया कि वह अपने बच्चों को ग्लैमर की दुनिया से दूर रखते हुए सामान्य जीवन जीने की सीख देती हैं। उन्होंने कहा कि उनके बच्चे सामान्य स्कूल में पढ़ते हैं और उन्हें यह समझाया गया है कि परिवार की सुविधाएं मेहनत से हासिल की गई हैं। 

यदि दोस्तों के साथ बाहर जाना हो, तो वे सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करें। कश्मीरा ने यह भी बताया कि बच्चों के जन्मदिन की पार्टियां घर पर सादगी से मनाई जाती हैं और परिवार उन्हें दिखावे से दूर रखने की कोशिश करता है।

पशुओं के प्रति संवेदनशीलता और अनुशासन

उन्होंने साझा किया कि वह अपने बच्चों को सामाजिक संवेदनशीलता भी सिखाती हैं। हाल ही में वह उन्हें एक डॉग शेल्टर लेकर गईं, जहां बच्चों ने जानवरों के प्रति सहानुभूति और दया का महत्व समझा। खाने को लेकर भी घर में सख्त नियम हैं। बच्चों के लिए अलग खाना नहीं बनता। परिवार जो खाता है, वही बच्चे भी खाते हैं। इसी कारण उन्होंने छोटी उम्र से ही मसालेदार खाना खाना सीख लिया।

कश्मीरा के अनुसार, मातृत्व के बाद उनकी जीवनशैली पूरी तरह बदल गई। उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों से उनके घर पर बड़ी पार्टियां नहीं हुई हैं और अब उनकी दिनचर्या बच्चों की छुट्टियों और जरूरतों के अनुसार तय होती है। उन्होंने यह भी बताया कि घर में धूम्रपान की अनुमति नहीं है और परिवार बच्चों के साथ ज्यादा समय बिताने को प्राथमिकता देता है। अक्सर वे सामाजिक आयोजनों से जल्दी लौट आते हैं ताकि बच्चों के साथ समय बिता सकें।

अपनी मां से मिली सीख

Kashmera Shah ने कहा कि उनकी परवरिश उनकी मां से काफी अलग रही। उनके अनुसार, उनकी मां प्यार जाहिर नहीं करती थीं, जबकि वह अपने बच्चों को खुलकर गले लगाती हैं और उनकी छोटी उपलब्धियों का जश्न मनाती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी मां ने कभी उन पर डॉक्टर या इंजीनियर बनने का दबाव नहीं डाला। 

इसी स्वतंत्रता ने उन्हें मॉडलिंग और अभिनय का रास्ता चुनने की प्रेरणा दी। अब वह अपने बच्चों को भी यही सिखाती हैं कि वे अपना करियर खुद चुनें और अपनी मेहनत से सफलता हासिल करें।

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