वेब सीरीज 'ठुकरा के मेरा प्यार' सीजन 2 के अभिनेता धवल ठाकुर ने खुलासा किया कि करियर की शुरुआत में उनसे फर्जी कास्टिंग एजेंसियों ने पोर्टफोलियो और कार्ड के नाम पर ₹20 हजार मांगे थे। उन्होंने नए कलाकारों को ऐसे स्कैम से सतर्क रहने की सलाह दी।
बॉलीवुड: लोकप्रिय वेब सीरीज 'ठुकरा के मेरा प्यार' के दूसरे सीजन को दर्शकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। इस सफलता के बीच मुख्य कलाकार धवल ठाकुर और संचिता बसु ने अपने अभिनय सफर, संघर्ष, सोशल मीडिया से मनोरंजन जगत तक के सफर, कास्टिंग स्कैम और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से बात की। बातचीत के दौरान धवल ठाकुर ने करियर की शुरुआत में फर्जी कास्टिंग एजेंसियों से जुड़े अपने अनुभव साझा किए और नए कलाकारों को सतर्क रहने की सलाह दी। वहीं संचिता बसु ने बताया कि कैसे सोशल मीडिया ने उनकी जिंदगी बदल दी और उन्हें फिल्मों तक पहुंचाया।
धवल ठाकुर ने बताया कैसे पहचान में आया कास्टिंग स्कैम
धवल ठाकुर ने कहा कि शुरुआती दिनों में वह भी फर्जी कास्टिंग एजेंसियों के जाल में फंसते-फंसते बच गए थे। उन्होंने बताया कि कॉलेज के दौरान सोशल मीडिया पर कास्टिंग से जुड़ा एक विज्ञापन देखकर वह ऑडिशन देने पहुंचे। वहां उनसे कहा गया कि अभिनय का मौका पाने के लिए पहले पोर्टफोलियो, रजिस्ट्रेशन और कलाकार कार्ड बनवाना होगा, जिसके लिए ₹10 हजार से ₹20 हजार तक का भुगतान करना पड़ेगा। धवल के अनुसार, उनके साथ ऐसी स्थिति दो बार हुई। इसके बाद उन्हें एहसास हुआ कि यह असली ऑडिशन नहीं बल्कि नए कलाकारों से पैसे वसूलने का तरीका था। उन्होंने कहा कि बाद में कुछ अनुभवी कलाकारों ने उन्हें विश्वसनीय कास्टिंग नेटवर्क से जोड़ा, जहां बिना किसी शुल्क के पेशेवर ऑडिशन मिलने शुरू हुए।
नए कलाकारों को दी महत्वपूर्ण सलाह
धवल ठाकुर ने संघर्ष कर रहे कलाकारों से अपील की कि वे किसी भी ऑडिशन या भूमिका के बदले पैसे न दें। उन्होंने कहा कि प्रतिष्ठित और पेशेवर कास्टिंग डायरेक्टर कभी भी ऑडिशन के नाम पर शुल्क नहीं मांगते। यदि कोई संस्था पहले पैसे जमा करने की शर्त रखती है, तो कलाकारों को सावधानी बरतनी चाहिए और उसकी विश्वसनीयता की जांच करनी चाहिए। उनका मानना है कि जागरूकता ही इस तरह के कास्टिंग स्कैम से बचने का सबसे प्रभावी तरीका है।
'ठुकरा के मेरा प्यार' में भूमिका निभाने का अनुभव
धवल ठाकुर ने बताया कि इस सीरीज का प्रस्ताव मिलने के बाद उनकी पहली प्राथमिकता स्क्रिप्ट पढ़ना और अपने किरदार की तैयारी करना था। उन्होंने कहा कि हर किरदार को पूरी ईमानदारी के साथ निभाने की कोशिश करते हैं और इसी सोच के साथ उन्होंने इस भूमिका पर काम किया। दूसरी ओर संचिता बसु ने कहा कि उन्हें शुरुआत से ही अपने किरदार शानवी से जुड़ाव महसूस हुआ। उन्होंने बताया कि गर्ल्स स्कूल में पढ़ाई करने के कारण कॉलेज जीवन का अनुभव उन्हें कभी नहीं मिला था, इसलिए इस किरदार के माध्यम से वह उस अनुभव को जी सकीं।
ऑडिशन से शुरू हुई दोस्ती
दोनों कलाकारों ने बताया कि उनकी पहली मुलाकात ऑडिशन के दौरान हुई थी। वर्कशॉप और स्क्रिप्ट रीडिंग के दौरान उनकी दोस्ती मजबूत होती गई, जिसका सकारात्मक प्रभाव उनकी ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री पर भी दिखाई दिया। संचिता ने कहा कि शुरुआत में धवल काफी शांत स्वभाव के लगे, लेकिन समय के साथ दोनों की समझ इतनी अच्छी हो गई कि कई बार बिना कुछ कहे भी एक-दूसरे की बात समझ जाते थे।

सोशल मीडिया ने बदली संचिता बसु की जिंदगी
संचिता बसु ने बताया कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि अभिनय उनका पेशा बनेगा। उन्होंने नौवीं कक्षा के दौरान शौक के तौर पर सोशल मीडिया पर वीडियो बनाना शुरू किया। शुरुआती महीनों में उनके वीडियो को बहुत कम लोगों ने देखा, लेकिन उन्होंने लगातार मेहनत जारी रखी। एक दिन उनका वीडियो वायरल हुआ और वहीं से उनके करियर की दिशा बदल गई। इसके बाद उन्हें एक तेलुगु फिल्म का प्रस्ताव मिला। शुरुआत में उन्हें लगा कि यह फर्जी कॉल है, लेकिन बाद में पुष्टि होने पर उन्होंने फिल्म में काम किया। उन्होंने बताया कि उस समय वह 11वीं कक्षा में थीं और शूटिंग के साथ-साथ अपनी पढ़ाई और ऑनलाइन परीक्षाएं भी जारी रखीं।
परिवार का मिला साथ
संचिता ने कहा कि उनकी मां शुरू से उनके साथ खड़ी रहीं, जबकि पिता को शुरुआत में उनके सोशल मीडिया कंटेंट के बारे में जानकारी नहीं थी। जब मीडिया में उनके काम की चर्चा हुई, तब परिवार को उनके अभिनय करियर की गंभीरता का एहसास हुआ। उन्होंने बताया कि 'ठुकरा के मेरा प्यार' रिलीज होने के बाद उनके पिता ने पहली बार उनके काम की खुलकर सराहना की, जो उनके लिए सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है।
शूटिंग के दौरान हुए दिलचस्प अनुभव
संचिता ने बताया कि सीरीज के पहले सीजन के लिए उन्हें बाइक चलाना सीखना पड़ा। उन्होंने हंसते हुए कहा कि अभ्यास के दौरान कई बार वह बाइक से गिर गईं, लेकिन पूरी टीम ने उनका हौसला बढ़ाया। धवल ठाकुर ने भी इस अनुभव को याद करते हुए कहा कि शूटिंग के दौरान पूरी यूनिट सतर्क रहती थी क्योंकि बाइक वाले दृश्य चुनौतीपूर्ण थे।
एक-दूसरे से क्या सीखा?
दो वर्षों तक साथ काम करने के बाद दोनों कलाकारों ने एक-दूसरे से काफी कुछ सीखा। संचिता ने कहा कि धवल से उन्होंने हर दृश्य की भावनात्मक जरूरत को समझना सीखा, जिससे अभिनय अधिक सहज बनता है। वहीं धवल ने कहा कि संचिता की सबसे बड़ी विशेषता उनकी सीखने की इच्छा है। उन्होंने यह भी बताया कि संचिता से उन्होंने सोशल मीडिया कंटेंट तैयार करने और डिजिटल प्लेटफॉर्म को प्रभावी ढंग से इस्तेमाल करने के तरीके सीखे।
प्यार और जीवन पर दोनों कलाकारों की सोच
जब उनसे पूछा गया कि यदि वास्तविक जीवन में कोई उनका प्यार ठुकरा दे तो उनकी प्रतिक्रिया क्या होगी, तो दोनों ने बेहद संतुलित जवाब दिया। धवल ने कहा कि वह बदले में विश्वास नहीं रखते और आगे बढ़ जाना ही सबसे अच्छा विकल्प मानते हैं। संचिता ने भी कहा कि दुख होना स्वाभाविक है, लेकिन जीवन में आगे बढ़ना और नई शुरुआत करना अधिक महत्वपूर्ण है।
आने वाले प्रोजेक्ट्स पर क्या बोले कलाकार?
संचिता बसु ने बताया कि वह एक नई तेलुगु फिल्म पर काम कर रही हैं, जिसकी आधिकारिक घोषणा जल्द की जाएगी। वहीं धवल ठाकुर ने कहा कि उनकी एक स्वतंत्र फिल्म इस वर्ष रिलीज होने की संभावना है। इसके अलावा भी उनके पास कई नए प्रोजेक्ट्स हैं, जिनकी जानकारी समय आने पर साझा की जाएगी।










