लैमोंट जैकब्स ने 9.67 सेकेंड में पूरी की 100 मीटर दौड़, तेज हवा ने छीना रिकॉर्ड; फिर भी दुनिया को रफ्तार से चौंकाया

इटली के लैमोंट जैकब्स ने ऑस्ट्रियन ओपन में 100 मीटर दौड़ 9.67 सेकेंड मे पूरी की। तेज टेलविंड के कारण रिकॉर्ड मान्य नही हुआ, लेकिन प्रदर्शन ने दुनिया को चौंकाया

इटली के ओलंपिक चैंपियन लैमोंट मार्सेल जैकब्स ने ऑस्ट्रियन ओपन में 100 मीटर दौड़ 9.67 सेकेंड में पूरी कर शानदार प्रदर्शन किया। हालांकि निर्धारित सीमा से अधिक टेलविंड होने के कारण यह समय आधिकारिक रिकॉर्ड के रूप में मान्य नहीं हो सका।

स्पोर्ट्स न्यूज़: इटली के स्टार स्प्रिंटर और टोक्यो ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता लैमोंट मार्सेल जैकब्स ने ऑस्ट्रिया के आइजनश्टाट में आयोजित ऑस्ट्रियन ओपन एथलेटिक्स मीट में ऐसा प्रदर्शन किया, जिसने पूरी एथलेटिक्स दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। जैकब्स ने पुरुषों की 100 मीटर स्पर्धा महज 9.67 सेकेंड में पूरी कर दी। यह उनके करियर का सबसे तेज समय रहा और इतिहास की सबसे तेज दौड़ों में शामिल हो गया।

हालांकि यह उपलब्धि आधिकारिक रिकॉर्ड बुक में दर्ज नहीं हो सकेगी, क्योंकि रेस के दौरान पीछे से चलने वाली हवा (टेलविंड) की गति +4.1 मीटर प्रति सेकेंड दर्ज की गई, जबकि विश्व एथलेटिक्स के नियमों के अनुसार रिकॉर्ड मान्य होने के लिए अधिकतम +2.0 मीटर प्रति सेकेंड की हवा ही स्वीकार्य होती है।
इसके बावजूद जैकब्स ने साबित कर दिया कि वे अब भी दुनिया के सबसे तेज धावकों में शामिल हैं और बड़ी प्रतियोगिताओं में पदक जीतने की क्षमता रखते हैं।

तेज हवा बनी रिकॉर्ड के रास्ते की सबसे बड़ी बाधा

100 मीटर स्प्रिंट में समय का अंतर अक्सर सेकेंड के सौवें हिस्से का होता है। ऐसे में हवा की दिशा और गति प्रदर्शन पर बड़ा प्रभाव डालती है। विश्व एथलेटिक्स के नियम कहते हैं कि यदि पीछे से चलने वाली हवा की गति +2.0 मीटर प्रति सेकेंड से अधिक हो, तो उस प्रदर्शन को रिकॉर्ड के रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता।

आइजनश्टाट में जैकब्स की दौड़ के दौरान टेलविंड +4.1 मीटर प्रति सेकेंड रही, जो निर्धारित सीमा से दोगुनी से भी अधिक थी। यही वजह रही कि 9.67 सेकेंड का समय आधिकारिक रिकॉर्ड नहीं बन सका। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी तेज दौड़ यह संकेत देती है कि जैकब्स की मौजूदा फॉर्म बेहद शानदार है और वे आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में और बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।

उसेन बोल्ट के बाद सबसे तेज समयों में शामिल

जमैका के महान धावक उसेन बोल्ट के नाम 100 मीटर का आधिकारिक विश्व रिकॉर्ड 9.58 सेकेंड है, जिसे उन्होंने 2009 विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में बनाया था। बोल्ट ने एक अन्य प्रतियोगिता में हवा की मदद से 9.63 सेकेंड का समय भी निकाला था, जिसे आधिकारिक रिकॉर्ड नहीं माना गया। अब जैकब्स का 9.67 सेकेंड का प्रदर्शन भी इसी श्रेणी में शामिल हो गया है। आधिकारिक रिकॉर्ड भले न बना हो, लेकिन किसी भी परिस्थिति में यह दुनिया की सबसे तेज दौड़ों में से एक माना जा रहा है।

धीमी शुरुआत के बाद शानदार वापसी

पहले कुछ मीटर तक ब्रिटेन के रोमेल ग्लेव और दक्षिण अफ्रीका के स्टार एथलीट वेड वैन नीकेर्क उनसे आगे दिखाई दिए। लेकिन जैसे-जैसे रेस आगे बढ़ी, जैकब्स ने अपनी असाधारण गति दिखाई। अंतिम 40 मीटर में उन्होंने सभी प्रतिद्वंद्वियों को पीछे छोड़ दिया और लगभग एक मीटर के स्पष्ट अंतर से जीत दर्ज की। उनकी फिनिशिंग स्पीड ने दर्शकों और विशेषज्ञों दोनों को प्रभावित किया।  हालांकि सभी खिलाड़ियों ने अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन जैकब्स की रफ्तार पूरे मुकाबले की सबसे बड़ी चर्चा बन गई।

टोक्यो ओलंपिक से मिली वैश्विक पहचान

लैमोंट मार्सेल जैकब्स ने वर्ष 2021 में आयोजित टोक्यो ओलंपिक में 100 मीटर स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीतकर दुनिया को चौंका दिया था। उन्होंने उस समय 9.80 सेकेंड का समय निकालते हुए ओलंपिक खिताब अपने नाम किया और पहली बार इटली को इस स्पर्धा में स्वर्ण पदक दिलाया। उस जीत के बाद जैकब्स दुनिया के शीर्ष स्प्रिंटर्स में शामिल हो गए। हालांकि पिछले कुछ वर्षों में चोटों और फिटनेस समस्याओं के कारण उनका प्रदर्शन प्रभावित रहा, लेकिन ऑस्ट्रियन ओपन में उनकी यह दौड़ बताती है कि वे फिर से अपने सर्वश्रेष्ठ स्तर की ओर लौट रहे हैं।

जैकब्स का जीवन भी प्रेरणादायक रहा है।

उनके पिता अफ्रीकी मूल के अमेरिकी सैनिक थे, जबकि उनकी मां इटली की रहने वाली थीं। बचपन में ही पिता उनसे अलग हो गए और उनकी परवरिश उनकी मां ने इटली में की। शुरुआत में जैकब्स लंबी कूद में हिस्सा लेते थे, लेकिन बाद में उन्होंने स्प्रिंट पर पूरा ध्यान केंद्रित किया। लगातार मेहनत और अनुशासन के दम पर वे विश्व स्तर के धावक बने।

आगे की प्रतियोगिताओं पर रहेंगी नजरें

हालांकि यह समय रिकॉर्ड बुक में दर्ज नहीं होगा, लेकिन जैकब्स ने अपने प्रदर्शन से साफ संकेत दिया है कि वे आगामी विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में मजबूत दावेदार होंगे। यदि वे अनुकूल मौसम और आधिकारिक परिस्थितियों में इसी तरह का प्रदर्शन दोहराने में सफल रहते हैं, तो नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड या विश्व स्तर का बड़ा समय भी संभव माना जा रहा है। एथलेटिक्स विशेषज्ञों का मानना है कि जैकब्स की मौजूदा फिटनेस और स्पीड उन्हें फिर से विश्व मंच पर पदक जीतने की दौड़ में ला सकती है।

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