शरीर में यूरिक एसिड बढ़ने पर जोड़ों में दर्द, सूजन और गाउट का खतरा बढ़ सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार रेड मीट, शराब और शुगर युक्त ड्रिंक्स से परहेज, पर्याप्त पानी, संतुलित आहार और नियमित व्यायाम यूरिक एसिड नियंत्रित रखने में मददगार हो सकते हैं।
The problem of high uric acid levels: आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली, असंतुलित खान-पान और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण यूरिक एसिड बढ़ने की समस्या तेजी से आम होती जा रही है। पहले यह परेशानी मुख्य रूप से उम्रदराज लोगों में देखी जाती थी, लेकिन अब युवा भी इसकी चपेट में आने लगे हैं। शरीर में यूरिक एसिड का स्तर बढ़ने पर जोड़ों में दर्द, सूजन, अकड़न और गाउट जैसी गंभीर समस्याएं विकसित हो सकती हैं। यदि समय रहते इस पर ध्यान न दिया जाए तो यह किडनी स्टोन और किडनी से जुड़ी अन्य जटिलताओं का कारण भी बन सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि दवाओं के साथ-साथ संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर यूरिक एसिड को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
क्या होता है यूरिक एसिड?
यूरिक एसिड शरीर में बनने वाला एक प्राकृतिक वेस्ट प्रोडक्ट है, जो प्यूरीन (Purine) नामक तत्व के टूटने से बनता है। प्यूरीन कई खाद्य पदार्थों और शरीर की कोशिकाओं में स्वाभाविक रूप से मौजूद होता है।
सामान्य परिस्थितियों में किडनी यूरिक एसिड को फिल्टर कर पेशाब के जरिए शरीर से बाहर निकाल देती है। लेकिन जब शरीर में इसकी मात्रा जरूरत से ज्यादा बनने लगती है या किडनी इसे प्रभावी तरीके से बाहर नहीं निकाल पाती, तब यह रक्त में जमा होने लगता है। यही स्थिति आगे चलकर हाई यूरिक एसिड या हाइपरयूरिसीमिया (Hyperuricemia) कहलाती है।
यूरिक एसिड बढ़ने के प्रमुख कारण
विशेषज्ञों के अनुसार यूरिक एसिड बढ़ने के पीछे कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं। इनमें प्यूरीन युक्त भोजन का अधिक सेवन, मोटापा, नियमित व्यायाम की कमी, अत्यधिक शराब का सेवन, मीठे पेय पदार्थों का ज्यादा उपयोग, पर्याप्त पानी न पीना और कुछ किडनी संबंधी समस्याएं प्रमुख हैं।
कुछ मामलों में आनुवंशिक कारण, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और कुछ दवाओं का लंबे समय तक सेवन भी यूरिक एसिड का स्तर बढ़ा सकता है।
यूरिक एसिड बढ़ने पर शरीर देता है ये संकेत
जब रक्त में यूरिक एसिड की मात्रा सामान्य सीमा से अधिक हो जाती है तो शरीर कई तरह के संकेत देने लगता है। सबसे आम लक्षण जोड़ों में अचानक तेज दर्द, खासकर पैर के अंगूठे में दर्द, जोड़ों में सूजन, लालिमा, अकड़न और चलने-फिरने में कठिनाई हैं।
कुछ लोगों को बार-बार दर्द का दौरा पड़ सकता है, जबकि गंभीर मामलों में हल्का बुखार, थकान और किडनी स्टोन जैसी समस्याएं भी विकसित हो सकती हैं। यदि ये लक्षण लगातार बने रहें तो डॉक्टर से परामर्श लेकर जांच करानी चाहिए।
डाइट में बदलाव क्यों है जरूरी?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि हाई यूरिक एसिड को नियंत्रित करने में दवाओं के साथ सही डाइट की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। जिन खाद्य पदार्थों में प्यूरीन की मात्रा अधिक होती है, वे शरीर में यूरिक एसिड का स्तर तेजी से बढ़ा सकते हैं।

इसी कारण डॉक्टर मरीजों को लो-प्यूरीन डाइट अपनाने, अधिक पानी पीने, फाइबर युक्त भोजन लेने और नियमित शारीरिक गतिविधियां करने की सलाह देते हैं। खान-पान में छोटे-छोटे बदलाव भी लंबे समय में बड़ा लाभ दे सकते हैं।
1. रेड मीट और ऑर्गन मीट से बनाएं दूरी
यदि आपका यूरिक एसिड बढ़ा हुआ है तो सबसे पहले रेड मीट और ऑर्गन मीट का सेवन कम करना चाहिए। बीफ, मटन, लैम्ब और लीवर, किडनी जैसे ऑर्गन मीट में प्यूरीन की मात्रा काफी अधिक होती है।
इनका नियमित और अधिक मात्रा में सेवन शरीर में यूरिक एसिड के उत्पादन को बढ़ा सकता है। यही वजह है कि डॉक्टर हाई यूरिक एसिड या गाउट के मरीजों को इन खाद्य पदार्थों से दूरी बनाए रखने की सलाह देते हैं। यदि प्रोटीन की जरूरत हो तो कम प्यूरीन वाले विकल्प जैसे दालें, लो-फैट डेयरी और संतुलित मात्रा में अन्य प्रोटीन स्रोतों का चयन किया जा सकता है।
2. शराब का सेवन तुरंत कम करें
शराब, विशेष रूप से बीयर, यूरिक एसिड बढ़ाने वाले प्रमुख कारणों में शामिल मानी जाती है। शराब शरीर की उस प्रक्रिया को प्रभावित करती है, जिसके जरिए किडनी यूरिक एसिड को बाहर निकालती है। परिणामस्वरूप रक्त में इसकी मात्रा बढ़ने लगती है।
लगातार शराब का सेवन करने वाले लोगों में गाउट का खतरा अधिक देखा गया है। यदि किसी व्यक्ति का यूरिक एसिड पहले से बढ़ा हुआ है, तो शराब से पूरी तरह परहेज करना बेहतर माना जाता है।
3. मीठी और शुगर वाली ड्रिंक्स से बचें
सॉफ्ट ड्रिंक्स, एनर्जी ड्रिंक्स, पैक्ड फ्रूट जूस और हाई फ्रक्टोज कॉर्न सिरप वाले पेय पदार्थ भी यूरिक एसिड बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
इन पेय पदार्थों में मौजूद अधिक मात्रा में शुगर शरीर के मेटाबॉलिज्म को प्रभावित करती है और यूरिक एसिड के उत्पादन को बढ़ा सकती है। साथ ही इनका अधिक सेवन मोटापा और इंसुलिन रेजिस्टेंस जैसी समस्याओं का खतरा भी बढ़ाता है, जो हाई यूरिक एसिड से जुड़ी स्थितियों को और गंभीर बना सकती हैं।
यूरिक एसिड कंट्रोल करने के लिए क्या खाएं?
यूरिक एसिड को नियंत्रित रखने के लिए संतुलित और पौष्टिक आहार अपनाना बेहद जरूरी है। हरी पत्तेदार सब्जियां, ताजे फल, साबुत अनाज, लो-फैट दूध और दही, पर्याप्त मात्रा में पानी तथा फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं।
दिनभर पर्याप्त पानी पीने से किडनी यूरिक एसिड को आसानी से बाहर निकाल पाती है। इसके अलावा नियमित व्यायाम और स्वस्थ वजन बनाए रखना भी इस समस्या को नियंत्रित करने में प्रभावी माना जाता है।
लाइफस्टाइल में ये बदलाव भी हैं जरूरी
सिर्फ खान-पान ही नहीं, बल्कि दैनिक जीवन की आदतों में सुधार भी यूरिक एसिड नियंत्रण के लिए महत्वपूर्ण है। रोजाना कम से कम 30 मिनट शारीरिक गतिविधि, पर्याप्त नींद, तनाव कम करना और वजन को नियंत्रित रखना लंबे समय तक लाभदायक साबित हो सकता है।
बार-बार फास्ट फूड, प्रोसेस्ड फूड और अत्यधिक मीठे खाद्य पदार्थों का सेवन करने से बचना चाहिए। साथ ही किसी भी सप्लीमेंट या दवा का सेवन बिना डॉक्टर की सलाह के नहीं करना चाहिए।
कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?
यदि जोड़ों में बार-बार तेज दर्द, सूजन, चलने में परेशानी, पेशाब में बदलाव या किडनी स्टोन जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। केवल घरेलू उपायों पर निर्भर रहना उचित नहीं है।
रक्त जांच के जरिए यूरिक एसिड का स्तर आसानी से पता लगाया जा सकता है। जांच रिपोर्ट के आधार पर डॉक्टर आवश्यक दवा, डाइट और जीवनशैली से जुड़ी सलाह देते हैं। समय पर इलाज शुरू करने से गाउट और अन्य जटिलताओं के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।












