वेनेजुएला में आए विनाशकारी भूकंप के आठ दिन बाद भी हर्नान गिल नामक सुरक्षा गार्ड मलबे में जीवित मिला। सात देशों की रेस्क्यू टीमें उसे सुरक्षित बाहर निकालने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं और उसकी हालत स्थिर बताई गई है।
काराकस: वेनेजुएला में 24 जून को आए दो शक्तिशाली भूकंपों ने व्यापक तबाही मचा दी। इमारतें गिर गईं, सड़कें टूट गईं और हजारों लोग प्रभावित हुए। सरकारी आंकड़ों के अनुसार लगभग 2300 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। इस आपदा ने देश की आपातकालीन सेवाओं पर भारी दबाव डाल दिया है।
मलबे में 8 दिन बाद भी जिंदा मिला व्यक्ति
सबसे चौंकाने वाली घटना राजधानी क्षेत्र कैटिया ला मार में सामने आई, जहां सुरक्षा गार्ड हर्नान गिल को एक ढही हुई बहुमंजिला पार्किंग के मलबे के नीचे जिंदा पाया गया। वह पिछले आठ दिनों से लगभग नौ मीटर गहरे मलबे में फंसा हुआ था।
रेस्क्यू टीमों ने शनिवार को उसकी लोकेशन ट्रेस की, लेकिन लगातार अस्थिर मलबे के कारण सीधे संपर्क स्थापित करने में कठिनाई आ रही थी। कई घंटों की मेहनत के बाद आखिरकार बचाव दल ने उससे दृश्य संपर्क (visual contact) स्थापित किया।

सात देशों की संयुक्त बचाव टीम सक्रिय
इस बचाव अभियान में वेनेजुएला के साथ-साथ चिली, कोस्टा रिका, एल साल्वाडोर, मैक्सिको, पुर्तगाल और संयुक्त राज्य अमेरिका की रेस्क्यू टीमें शामिल हैं।
लगभग 350 बचावकर्मी लगातार मलबे को हटाने और सुरक्षित रास्ता बनाने में जुटे हैं। लेकिन लगातार ढहते मलबे ने इस अभियान को बेहद जोखिम भरा बना दिया है। कई बार बनाए गए सुरंग जैसे रास्ते भी गिर चुके हैं, जिससे रेस्क्यू ऑपरेशन धीमा पड़ गया है।
होश में और उत्साहित मिला पीड़ित
रेस्क्यू टीमों के अनुसार हर्नान गिल होश में है और उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। बचावकर्मियों ने बताया कि वह बातचीत कर रहा है और बचाव टीमों को हौसला भी दे रहा है। उसकी पत्नी ने इस घटना को “चमत्कार” बताया है। गिल ने रेस्क्यू टीमों से अपने पसंदीदा फ्लेवर वाले पेय और पानी की मांग भी की, जिससे उसकी मानसिक स्थिति मजबूत प्रतीत होती है।
कैसे बची उसकी जान?
जानकारी के अनुसार, गिल जिस सुरक्षा बूथ में तैनात था, वह भूकंप के दौरान मलबे के नीचे आ गया लेकिन पूरी तरह दबा नहीं। यह छोटा कंक्रीट ढांचा उसके लिए एक सुरक्षात्मक ढाल की तरह काम करता रहा।
करीब 140 टन मलबा उसके आसपास गिरा, लेकिन वह पूरी तरह से कुचला नहीं गया। इसी वजह से वह जीवित बच गया, जबकि आसपास का पूरा ढांचा ढह गया।
पानी और मेडिकल सपोर्ट पहुंचाया गया
रेस्क्यू टीमों ने कई दिनों की कोशिशों के बाद धीरे-धीरे उसे पानी पहुंचाया। बाद में एक IV ड्रिप भी लगाया गया ताकि उसकी हालत स्थिर रखी जा सके। रेस्क्यू अधिकारी बताते हैं कि उसे सुरक्षित निकालने में समय इसलिए लग रहा है क्योंकि मलबा बेहद अस्थिर है और एक गलत कदम बड़े हादसे का कारण बन सकता है।
कैमरे से पहली बार संपर्क
हाल ही में बचाव दल ने एक छोटा कैमरा मलबे के अंदर भेजा, जिससे पहली बार हर्नान गिल को देखा गया। वीडियो में वह मास्क पहने हुए दिखाई दिया, जिसकी एक आंख में चोट के कारण लालिमा थी। रेस्क्यू टीम ने उसे आंखों की सुरक्षा के लिए चश्मा पहनने की सलाह भी दी ताकि खुदाई के दौरान उड़ने वाली धूल से बचाव हो सके।
बचाव अभियान की चुनौतियां
रेस्क्यू कार्य बेहद कठिन परिस्थितियों में चल रहा है। मलबे की गहराई और अस्थिर संरचना के कारण हर कदम सावधानी से उठाया जा रहा है। टीमों का कहना है कि प्राथमिक लक्ष्य सुरक्षित निकासी है, इसलिए गति से ज्यादा सुरक्षा पर ध्यान दिया जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय सहयोग की मिसाल
इस घटना ने एक बार फिर दिखाया है कि बड़े आपदाओं में अंतरराष्ट्रीय सहयोग कितना महत्वपूर्ण होता है। विभिन्न देशों की टीमें मिलकर तकनीकी और मानवीय सहायता प्रदान कर रही हैं।










