मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने आंध्र प्रदेश दौरे के दौरान लोगों से लोकतंत्र को मजबूत करने में सक्रिय योगदान देने की अपील की। उन्होंने हालिया विधानसभा चुनावों की सफलता का जिक्र करते हुए जनभागीदारी को लोकतांत्रिक प्रक्रिया की सबसे बड़ी ताकत बताया।
अमरावती: भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त Gyanesh Kumar ने देशवासियों से लोकतंत्र को मजबूत बनाने में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र केवल चुनाव कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें जनता की जागरूक भागीदारी और जिम्मेदार भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ने यह बात Kanipakam Vinayaka Temple में मीडिया से बातचीत के दौरान कही। वह आंध्र प्रदेश के पूर्ववर्ती चित्तूर जिले के आध्यात्मिक दौरे पर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने कई प्रमुख मंदिरों में पूजा-अर्चना की और देश में हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों का भी उल्लेख किया।
विधानसभा चुनाव शांतिपूर्ण और सफल तरीके से संपन्न
ज्ञानेश कुमार ने कहा कि देश के विभिन्न राज्यों में हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव सफलतापूर्वक और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुए हैं। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया में प्रशासन, सुरक्षा एजेंसियों और मतदाताओं की भूमिका की सराहना की।
उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और इसकी मजबूती जनता की भागीदारी पर निर्भर करती है। उन्होंने लोगों से मतदान के प्रति जागरूक रहने और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करने का आह्वान किया।

कनिपाकम मंदिर में की पूजा-अर्चना
अपने दौरे के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ने प्रसिद्ध कनिपाकम वरसिद्धि विनायक स्वामी मंदिर में भगवान गणेश के दर्शन किए। मंदिर पहुंचने पर अधिकारियों और पुजारियों ने उनका पारंपरिक तरीके से स्वागत किया।
दर्शन के बाद वैदिक विद्वानों ने वेद आशीर्वचनम प्रस्तुत किया, जबकि मंदिर प्रशासन ने उन्हें तीर्थ प्रसाद भेंट किया। इस अवसर पर कई वरिष्ठ प्रशासनिक और चुनाव आयोग के अधिकारी मौजूद रहे।
तिरुमला वेंकटेश्वर मंदिर भी पहुंचे CEC
इससे पहले ज्ञानेश कुमार ने Tirumala Venkateswara Temple में भगवान वेंकटेश्वर के दर्शन किए। मंदिर प्रशासन की ओर से उनका स्वागत किया गया।
दर्शन के बाद वैदिक पंडितों ने मुख्य चुनाव आयुक्त और उनकी पत्नी को वैदिक आशीर्वाद दिया। मंदिर प्रशासन ने उन्हें श्रीवारी प्रसादम और भगवान वेंकटेश्वर तथा देवी पद्मावती की तस्वीर भेंट की।
तिरुमला मंदिर भारत के सबसे प्रतिष्ठित और लोकप्रिय हिंदू तीर्थस्थलों में से एक माना जाता है, जहां हर वर्ष करोड़ों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
श्रीकालहस्ती मंदिर में राहु-केतु पूजा
अपने धार्मिक दौरे के अगले चरण में मुख्य चुनाव आयुक्त ने Srikalahasteeswara Temple का भी दौरा किया। यहां उन्होंने भगवान शिव की पूजा-अर्चना की और प्रसिद्ध राहु-केतु पूजा में भाग लिया।
मंदिर प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। इस दौरान जिला प्रशासन, मंदिर ट्रस्ट और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
लोकतंत्र और सांस्कृतिक विरासत का संदेश
विशेषज्ञों का मानना है कि मुख्य चुनाव आयुक्त का यह दौरा केवल धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि भारतीय लोकतंत्र और सांस्कृतिक विरासत के बीच संबंधों को भी दर्शाता है। भारत में लोकतंत्र की सफलता केवल संस्थागत व्यवस्थाओं पर नहीं, बल्कि नागरिकों की सामाजिक और नैतिक भागीदारी पर भी आधारित मानी जाती है।
ज्ञानेश कुमार का यह बयान ऐसे समय आया है जब देश में चुनावी सुधार, मतदाता जागरूकता और लोकतांत्रिक भागीदारी जैसे मुद्दों पर लगातार चर्चा हो रही है। चुनाव आयोग भी लगातार तकनीक और पारदर्शिता के जरिए चुनाव प्रक्रिया को और मजबूत बनाने पर जोर दे रहा है।
जनता की भागीदारी से ही मजबूत होगा लोकतंत्र
मुख्य चुनाव आयुक्त ने अपने संदेश में स्पष्ट कहा कि लोकतंत्र की वास्तविक ताकत जनता में निहित होती है। उन्होंने युवाओं, महिलाओं और पहली बार मतदान करने वाले नागरिकों से विशेष रूप से चुनाव प्रक्रिया में सक्रिय भाग लेने की अपील की।
उन्होंने कहा कि एक जागरूक मतदाता ही मजबूत लोकतंत्र की नींव रखता है और देश के भविष्य को दिशा देता है।









