मुंबई के सांताक्रूज़ में ‘बिग बॉस’ फेम एक्ट्रेस लोपामुद्रा राउत के घर हुई चोरी का मामला पुलिस ने सुलझा लिया है। पुलिस ने इलाके में लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच और संदिग्ध की गतिविधियों पर नजर रखने के बाद मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
Lopamudra Raut Theft Case: मुंबई पुलिस ने अभिनेत्री और मॉडल लोपामुद्रा राउत के सांताक्रूज स्थित घर में हुई बड़ी चोरी के मामले को सुलझाने का दावा किया है। पुलिस ने इस मामले में बिहार के दरभंगा से 26 वर्षीय एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, आरोपी के पास से अब तक करीब 76 लाख रुपये मूल्य की चोरी की संपत्ति बरामद की गई है।
लोपामुद्रा राउत रियलिटी शो ‘बिग बॉस’ में नजर आने के बाद देशभर में पहचान बना चुकी हैं। उनके घर से नकदी, सोने के आभूषण और सोने के बिस्किट चोरी होने की शिकायत सामने आई थी। पुलिस के अनुसार, वारदात उस अवधि में हुई जब अभिनेत्री 20 जून से 27 जुलाई के बीच मुंबई से बाहर थीं।
बिहार से पकड़ा गया 26 वर्षीय आरोपी
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान चंदन कमलेश मुखिया के रूप में हुई है। वह बिहार का रहने वाला है। सांताक्रूज पुलिस और स्थानीय क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने मामले की जांच आगे बढ़ाई और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी तक पहुंचने में सफलता हासिल की। जांच के दौरान पुलिस ने इलाके में लगे CCTV कैमरों की फुटेज का विश्लेषण किया। इसके अलावा संदिग्ध की गतिविधियों पर नजर रखी गई और उसके मोबाइल फोन रिकॉर्ड तथा लोकेशन से संबंधित जानकारी की भी जांच की गई।
इन सुरागों के आधार पर जांचकर्ताओं को आरोपी के बिहार के दरभंगा में होने की जानकारी मिली। इसके बाद मुंबई पुलिस की एक टीम दरभंगा पहुंची और स्थानीय पुलिस के सहयोग से उसे गिरफ्तार किया गया।
CCTV और मोबाइल लोकेशन से मिला सुराग
पुलिस के मुताबिक, चोरी की जांच में CCTV फुटेज महत्वपूर्ण साबित हुई। फुटेज और अन्य तकनीकी जानकारी को जोड़कर संदिग्ध की गतिविधियों की एक कड़ी तैयार की गई। जांचकर्ताओं ने आरोपी के मोबाइल फोन रिकॉर्ड और लोकेशन डेटा का भी विश्लेषण किया। इससे उसके मुंबई से बिहार जाने और दरभंगा में मौजूद होने से जुड़े सुराग मिले।
इसके बाद पुलिस टीम ने स्थानीय स्तर पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में लिया। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि चोरी की वारदात में उसके साथ कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं।

घर की रेकी के बाद वारदात का आरोप
जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी ने कथित तौर पर चोरी से पहले लोपामुद्रा राउत के घर की रेकी की थी। पुलिस का कहना है कि उसने यह पता लगाया कि घर कब खाली रहता है और इसके बाद कथित तौर पर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी मुंबई में ऐसे घरों की तलाश कर रहा था, जहां लंबे समय तक कोई मौजूद न हो। राउत का घर उसकी कथित निगरानी के दौरान एक संभावित लक्ष्य बना।
जांचकर्ताओं का आरोप है कि घर के खाली होने की पुष्टि करने के बाद आरोपी कथित तौर पर वेंटिलेटर के रास्ते फ्लैट में दाखिल हुआ। घर से नकदी और कीमती सोने के सामान समेत अन्य संपत्ति चोरी करने के बाद वह उसी दिन ट्रेन से बिहार लौट गया। हालांकि, चोरी की घटना और आरोपी की भूमिका से जुड़े अंतिम तथ्य अदालत में होने वाली कानूनी प्रक्रिया के बाद ही तय होंगे।
चोरी के पैसे से जमीन खरीदने की कोशिश?
पुलिस की जांच में एक और महत्वपूर्ण जानकारी सामने आने का दावा किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, आरोपी ने कथित तौर पर चोरी से मिले पैसों का इस्तेमाल अपनी बहन के नाम पर जमीन खरीदने की कोशिश में किया था। जांच एजेंसियां अब इस लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों और पैसों के स्रोत की जांच कर रही हैं। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि चोरी की बाकी संपत्ति कहां छिपाई गई है या उसे किसी अन्य व्यक्ति को बेचा गया है।
पुलिस के मुताबिक, अब तक करीब 76 लाख रुपये की चोरी की संपत्ति बरामद की जा चुकी है। इसमें कथित तौर पर सोने के आभूषण और अन्य कीमती सामान शामिल हैं। आरोपी फिलहाल पुलिस हिरासत में है। जांच एजेंसियां उससे पूछताछ कर चोरी की पूरी रकम, बाकी सामान और संभावित सहयोगियों के बारे में जानकारी जुटा रही हैं।










