बॉलीवुड अभिनेत्री माधुरी दीक्षित हाल ही में क्विज रियलिटी शो ‘कौन बनेगा करोड़पति 18’ में पहुंचीं, जहां उन्होंने शो के होस्ट और महानायक अमिताभ बच्चन के साथ बातचीत के दौरान अपनी मां को याद किया।
एंटरटेनमेंट न्यूज़: बॉलीवुड अभिनेत्री माधुरी दीक्षित ने अपनी अदाकारी और डांस से दशकों तक दर्शकों के दिलों पर राज किया है। हालांकि, उनके इस सफल सफर के पीछे मेहनत के साथ-साथ परिवार का सहयोग भी रहा है। हाल ही में क्विज रियलिटी शो ‘कौन बनेगा करोड़पति 18’ में पहुंचीं माधुरी ने अपने करियर के शुरुआती दिनों और मां से मिली सीख के बारे में बात की। उन्होंने बताया कि जब फिल्म इंडस्ट्री में किसी की नकारात्मक टिप्पणी उन्हें परेशान कर देती थी, तब उनकी मां उन्हें हिम्मत देती थीं और आगे बढ़ते रहने के लिए प्रेरित करती थीं।
शो के होस्ट और दिग्गज अभिनेता अमिताभ बच्चन के साथ बातचीत के दौरान माधुरी ने अपनी मां के मजबूत व्यक्तित्व और जीवन में उनके योगदान को याद किया। उन्होंने यह भी बताया कि कला और डांस के प्रति उनकी रुचि को निखारने में मां की अहम भूमिका रही है।
जब दूसरों की बातें सुनकर दुखी हो जाती थीं माधुरी
माधुरी दीक्षित ने बताया कि फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखते समय वह काफी युवा थीं। उस उम्र में किसी की नकारात्मक टिप्पणी का उन पर गहरा असर पड़ता था। कई बार लोगों की बातें सुनकर वह दुखी हो जाती थीं और घर लौट आती थीं। ऐसे मुश्किल समय में उनकी मां उन्हें भावनात्मक सहारा देती थीं। अभिनेत्री के मुताबिक, उनकी मां उन्हें समझाती थीं कि दूसरों की नकारात्मक बातों से कमजोर पड़ने के बजाय अपने काम पर ध्यान देना चाहिए। वह उन्हें मेहनत करने और अपने लक्ष्य की दिशा में लगातार आगे बढ़ने की प्रेरणा देती थीं।
माधुरी ने बताया कि उनकी मां का मानना था कि सफलता मिलने के बाद लोगों का नजरिया भी बदल सकता है। इसलिए जरूरी है कि व्यक्ति अपनी मेहनत और काम के प्रति ईमानदार रहे, न कि हर आलोचना से प्रभावित होकर अपने कदम पीछे खींच ले। यह सीख माधुरी के जीवन में महत्वपूर्ण साबित हुई। मनोरंजन जगत में पहचान बनाने के लिए प्रतिभा के साथ धैर्य, आत्मविश्वास और लगातार बेहतर प्रदर्शन करना भी जरूरी होता है।
मां से सीखा कला और डांस का महत्व

अमिताभ बच्चन से बातचीत के दौरान माधुरी ने अपनी मां के योगदान को विशेष रूप से याद किया। उन्होंने कहा कि कला, डांस और रचनात्मक गतिविधियों से जुड़ी कई बातें उन्होंने अपनी मां से सीखी हैं। अभिनेत्री ने अपनी मां की मजबूती की तुलना अमिताभ बच्चन की दिवंगत मां तेजी बच्चन के व्यक्तित्व से भी की।
माधुरी के इस बयान से स्पष्ट होता है कि उनके लिए मां केवल परिवार का हिस्सा नहीं, बल्कि प्रेरणा और मार्गदर्शन का महत्वपूर्ण स्रोत भी रही हैं। किसी कलाकार के विकास में परिवार का समर्थन कई बार निर्णायक भूमिका निभाता है, खासकर तब जब उसे करियर की शुरुआत में आलोचनाओं और अनिश्चितताओं का सामना करना पड़ता है।
माधुरी का अनुभव उन युवाओं के लिए भी प्रेरणादायक है, जो अपने क्षेत्र में आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं। उनकी कहानी बताती है कि दूसरों की राय सुनना स्वाभाविक है, लेकिन उससे अपने आत्मविश्वास और लक्ष्य को प्रभावित नहीं होने देना चाहिए।
‘काहे छेड़ छेड़ मोहे’ पर माधुरी का शानदार डांस
कार्यक्रम के दौरान बातचीत के अलावा दर्शकों को माधुरी के डांस का आनंद लेने का मौका भी मिला। अमिताभ बच्चन ने उनसे डांस करने का अनुरोध किया और ‘काहे छेड़ छेड़ मोहे’ गाना बजाने के लिए कहा। गाना शुरू होते ही माधुरी ने अपनी जगह पर बैठे-बैठे ही शानदार डांस मूव्स दिखाए। उनके चेहरे के भाव, हाथों की मुद्राएं और शास्त्रीय नृत्य की झलक ने इस छोटी-सी प्रस्तुति को खास बना दिया। उनकी परफॉर्मेंस देखकर दर्शकों ने तालियां बजाईं, जबकि अमिताभ बच्चन भी उनके डांस को ध्यान से देखते नजर आए।
प्रस्तुति के बाद अमिताभ ने माधुरी की तारीफ करते हुए उनके डांस को शानदार बताया। उनकी प्रतिक्रिया से अभिनेत्री के प्रति सम्मान और उनके नृत्य कौशल की सराहना साफ दिखाई दी। माधुरी दीक्षित लंबे समय से अपनी अभिनय क्षमता के साथ-साथ बेहतरीन डांस के लिए भी पहचानी जाती हैं। उनकी प्रस्तुतियों में भाव-भंगिमाओं और लय का तालमेल उन्हें हिंदी सिनेमा की विशिष्ट अभिनेत्रियों में शामिल करता है।











