Madhushree: ‘जोधा अकबर’ फेम सिंगर क्यों हुईं इंडस्ट्री से दूर? जावेद अख्तर की सिफारिश से मिला बॉलीवुड में मौका

‘जोधा अकबर’ और कई सुपरहिट गीतों से पहचान बनाने वाली सिंगर मधुश्री लंबे समय से बॉलीवुड से दूर हैं। बहुत कम लोग जानते हैं कि उन्हें इंडस्ट्री में पहला बड़ा मौका

Madhushree बॉलीवुड की उन बेहतरीन गायिकाओं में गिनी जाती हैं, जिनकी आवाज़ तो हर किसी ने सुनी है, लेकिन चेहरा और नाम बहुत कम लोग पहचानते हैं। उनकी आवाज़ में एक अलग मिठास और शास्त्रीय गहराई है, जिसने कई सुपरहिट गानों को यादगार बना दिया।

एंटरटेनमेंट न्यूज़: भारतीय फिल्म संगीत जगत में कई ऐसे कलाकार रहे हैं जिन्होंने अपनी प्रतिभा से दर्शकों का दिल जीता, लेकिन उन्हें वह पहचान और निरंतर अवसर नहीं मिले जिसके वे हकदार थे। ऐसी ही एक मशहूर गायिका हैं Madhushree, जिनकी आवाज ने कई सुपरहिट गीतों को यादगार बनाया। हालांकि, एक समय के बाद वह अचानक बॉलीवुड से लगभग गायब हो गईं।

‘कभी नीम नीम’, ‘इन लम्हों के दामन में’, ‘तू बिन बताए’ और ‘सोजा जरा’ जैसे लोकप्रिय गीतों को अपनी आवाज देने वाली मधुश्री ने कुछ वर्ष पहले फिल्म इंडस्ट्री को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने दावा किया था कि संगीत जगत में गुटबाजी, भेदभाव और “म्यूजिक माफिया” जैसी चीजें मौजूद हैं, जिनकी वजह से उनके करियर को नुकसान पहुंचा।

कोलकाता से शुरू हुआ संगीत का सफर

मधुश्री का जन्म Kolkata में एक बंगाली परिवार में हुआ था। उनका असली नाम सुजाता भट्टाचार्य है। संगीत का माहौल उन्हें परिवार से ही मिला, क्योंकि उनके माता-पिता भी संगीत से जुड़े हुए थे। उन्होंने शास्त्रीय संगीत की शिक्षा संगीताचार्य पंडित अमिया रंजन बंद्योपाध्याय से प्राप्त की और ठुमरी तथा ख्याल जैसी विधाओं में महारत हासिल की।

अपने शुरुआती करियर में उन्होंने भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद के साथ काम किया और सूरीनाम में भारतीय शास्त्रीय संगीत भी सिखाया। इसी दौरान उन्होंने अपनी गायकी की रिकॉर्डिंग तैयार कर संगीत जगत के कई प्रमुख लोगों तक पहुंचानी शुरू की।

जावेद अख्तर की सिफारिश से मिला बॉलीवुड में मौका

मधुश्री के करियर का बड़ा मोड़ तब आया जब उनकी रिकॉर्ड की गई सीडी प्रसिद्ध गीतकार Javed Akhtar तक पहुंची। जावेद अख्तर की सिफारिश पर उन्हें संगीतकार Rajesh Roshan की फिल्म ‘मोक्ष’ में गाने का मौका मिला। इसके बाद उन्होंने कई चर्चित फिल्मों में अपनी आवाज दी, जिनमें Yuva, Kal Ho Naa Ho और Kuch Naa Kaho शामिल हैं। हालांकि, उन्हें सबसे ज्यादा लोकप्रियता संगीतकार A. R. Rahman के साथ काम करने से मिली।

मधुश्री ने एआर रहमान के संगीत निर्देशन में कई यादगार गीत गाए। इनमें Tu Bin Bataye, In Lamhon Ke Daaman Mein और Hum Hain Iss Pal Yahan जैसे गाने शामिल हैं। फिल्म Jodhaa Akbar का गीत ‘इन लम्हों के दामन में’ आज भी दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय है। वहीं Baahubali 2: The Conclusion के गीत ‘सोजा जरा’ ने भी उनकी आवाज को नई पहचान दी। उन्हें फिल्म ‘युवा’ के गीत ‘कभी नीम नीम’ के लिए सर्वश्रेष्ठ महिला गायिका का सोनी स्टारडस्ट पुरस्कार भी मिला था।

इंडस्ट्री पर लगाए गंभीर आरोप

कुछ वर्ष पहले दिए गए एक इंटरव्यू में मधुश्री ने कहा था कि बॉलीवुड संगीत उद्योग में गुटबाजी और राजनीति बेहद आम है। उन्होंने दावा किया कि उनके खिलाफ गलत बातें फैलाई जाती थीं ताकि उन्हें काम न मिले। मधुश्री के अनुसार, कई बार रिकॉर्डिंग अंतिम समय पर रद्द कर दी जाती थी और कुछ मौकों पर गानों की मिक्सिंग में उनकी आवाज तक दबा दी जाती थी। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग उन्हें शो और कॉन्सर्ट से हटाने की कोशिश करते थे।

गायिका ने इंटरव्यू में कहा था कि इंडस्ट्री में “नेपोटिज्म” और “म्यूजिक माफिया” लंबे समय से मौजूद हैं और कई प्रतिभाशाली कलाकारों को इसका नुकसान उठाना पड़ता है। हालांकि मधुश्री आज भी दक्षिण भारतीय और बंगाली संगीत उद्योग में सक्रिय हैं, लेकिन हिंदी फिल्म संगीत से उन्होंने काफी दूरी बना ली है। उनका आखिरी हिंदी गीत 2024 में रिलीज हुई फिल्म ‘गुड मॉर्निंग सनशाइन’ का ‘हर करवटे’ था।

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