मणिमहेश यात्रा 2026: हेलीकॉप्टर बुकिंग, किराया, रूट और रजिस्ट्रेशन से जुड़ी पूरी जानकारी

मणिमहेश यात्रा 25 अगस्त से 19 सितंबर 2026 तक चलेगी। जानें हेलीकॉप्टर किराया, ऑनलाइन बुकिंग, पैदल रूट और रजिस्ट्रेशन की पूरी जानकारी।

मणिमहेश यात्रा 25 अगस्त से शुरू होगी और 19 सितंबर 2026 को समाप्त होगी। श्रद्धालुओं के लिए भरमौर और होली से गौरीकुंड तक हेली टैक्सी सेवा उपलब्ध रहेगी। ऑनलाइन बुकिंग और पंजीकरण वेबसाइट से किया जा सकेगा।

मणिमहेश यात्रा 2026: हिमाचल प्रदेश की प्रसिद्ध मणिमहेश यात्रा के लिए प्रशासन ने 25 अगस्त से हेली टैक्सी सेवा शुरू करने की तैयारी की है। श्रद्धालु भरमौर और होली से गौरीकुंड तक हेलीकॉप्टर सेवा ले सकेंगे। टिकट की ऑनलाइन बुकिंग श्री मणिमहेश ट्रस्ट की वेबसाइट से होगी। यात्रा 19 सितंबर 2026 को राधाअष्टमी के अवसर पर समाप्त होगी।

25 अगस्त से शुरू होगी मणिमहेश यात्रा

हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में स्थित मणिमहेश कैलाश की यात्रा श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण धार्मिक यात्राओं में शामिल है। इस वर्ष यात्रा 25 अगस्त से शुरू करने की योजना है। हालांकि यात्रा मार्ग को हुए नुकसान के कारण शुरुआत में एक दिन की देरी की संभावना भी जताई गई है।

यात्रा का समापन 19 सितंबर 2026 को राधाअष्टमी के अवसर पर होगा। राधाअष्टमी स्नान का शुभ समय 18 सितंबर को दोपहर 1 बजे से शुरू होकर 19 सितंबर को दोपहर 3:26 बजे तक रहेगा।

इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के मणिमहेश पहुंचने की उम्मीद है। प्रशासन की ओर से पैदल यात्रा के साथ हेलीकॉप्टर सेवा की भी व्यवस्था की गई है।

भरमौर और होली से मिलेगी हेलीकॉप्टर सेवा

इस बार श्रद्धालुओं के लिए कुल 4 हेली टैक्सी उपलब्ध रहेंगी। इनमें दो हेलीकॉप्टर भरमौर से गौरीकुंड और दो हेलीकॉप्टर होली से गौरीकुंड के बीच सेवा देंगे।

हेलीकॉप्टर श्रद्धालुओं को मणिमहेश शिवकुंड से करीब एक किलोमीटर नीचे स्थित गौरीकुंड तक पहुंचाएगा। यहां से आगे श्रद्धालुओं को निर्धारित मार्ग से यात्रा पूरी करनी होगी।

भरमौर से गौरीकुंड तक हेली टैक्सी का किराया 3,828 रुपये निर्धारित किया गया है। वहीं होली से गौरीकुंड तक हेलीकॉप्टर से जाने के लिए 6,255 रुपये किराया देना होगा।

ऑनलाइन कैसे होगी हेलीकॉप्टर बुकिंग?

हेली टैक्सी की बुकिंग श्रद्धालु श्री मणिमहेश ट्रस्ट की आधिकारिक वेबसाइट manimaheshyatra.hp.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन कर सकते हैं।

ऑफलाइन टिकट की सुविधा सामान्य रूप से उपलब्ध नहीं होगी। विशेष परिस्थितियों में गौरीकुंड से भरमौर की एकतरफा वापसी के लिए ऑफलाइन टिकट का विकल्प मिल सकता है।

श्रद्धालुओं को यात्रा से पहले अपनी बुकिंग और यात्रा संबंधी जानकारी ध्यान से जांच लेनी चाहिए, क्योंकि मौसम और यात्रा मार्ग की स्थिति के अनुसार व्यवस्थाओं में बदलाव हो सकता है।

पैदल यात्रा कहां से शुरू होगी?

जो श्रद्धालु पैदल मणिमहेश की यात्रा करना चाहते हैं, उनके लिए मुख्य पैदल मार्ग हड़सर से शुरू होता है। भरमौर से करीब 11 किलोमीटर आगे हड़सर तक वाहन से पहुंचा जा सकता है। इसके बाद मणिमहेश झील तक का सफर पैदल करना होता है।

हड़सर से मणिमहेश झील यानी शिवकुंड की दूरी 13 किलोमीटर से अधिक है। रास्ते में कई जगह खड़ी चढ़ाई है। ऊंचाई बढ़ने के साथ ऑक्सीजन का स्तर भी कम होता जाता है, इसलिए यात्रियों को अपनी शारीरिक क्षमता का ध्यान रखते हुए यात्रा करनी चाहिए।

यात्रा मार्ग पर कहां रुक सकते हैं?

पैदल यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के लिए धनछो, सुंदरासी, गौरीकुंड और मणिमहेश शिवकुंड के आसपास ठहरने की व्यवस्था की जाती है। यहां टेंट में रहने की सुविधा उपलब्ध रहती है।

टेंट में एक बिस्तर के लिए करीब 250 से 350 रुपये तक शुल्क लिया जाता है। यात्रा के दौरान मौसम बदलने की संभावना को देखते हुए श्रद्धालुओं को गर्म कपड़े और जरूरी सामान साथ रखने की जरूरत होगी।

मणिमहेश की ऊंचाई कितनी है?

मणिमहेश की पवित्र झील समुद्र तल से करीब 13,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। वहीं मणिमहेश कैलाश की ऊंचाई 18,000 फीट से अधिक बताई गई है।

ऊंचाई और कठिन चढ़ाई के कारण यात्रियों के लिए यह सामान्य पर्यटन यात्रा से अलग अनुभव है। विशेष रूप से बुजुर्गों और स्वास्थ्य संबंधी परेशानी वाले श्रद्धालुओं को यात्रा से पहले आवश्यक सावधानी बरतनी चाहिए।

यात्रा के लिए पंजीकरण जरूरी

मणिमहेश यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को ट्रस्ट की वेबसाइट के माध्यम से पंजीकरण करना होगा। पंजीकरण के लिए 50 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है।

यात्रा पर जाने से पहले ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पूरा करना जरूरी है। साथ ही श्रद्धालुओं को यात्रा की तारीख, मौसम, मार्ग की स्थिति और प्रशासन की ओर से जारी ताजा निर्देशों की जानकारी लेते रहना चाहिए।

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