मणिपुर में सुरक्षा बलों और पुलिस ने अलग-अलग अभियानों में चार कथित उगाहीकर्ताओं और प्रतिबंधित उग्रवादी संगठनों से जुड़े सक्रिय कैडरों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान एक पिस्तौल, मैगजीन और छह जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए। आगे की जांच जारी है।
इम्फाल: मणिपुर में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और उग्रवाद पर लगाम लगाने के उद्देश्य से सुरक्षा बलों और मणिपुर पुलिस ने पिछले दो दिनों में कई संयुक्त अभियान चलाए। इन अभियानों के दौरान चार कथित उगाहीकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया, जिनमें प्रतिबंधित उग्रवादी संगठनों के सक्रिय सदस्य भी शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तारियां इंफाल वेस्ट, जिरीबाम, बिष्णुपुर और काकचिंग जिलों में अलग-अलग स्थानों से की गईं। इन अभियानों के दौरान हथियार और जिंदा कारतूस भी बरामद हुए हैं।
इंफाल वेस्ट में कथित उगाहीकर्ता गिरफ्तार
सुरक्षा बलों ने 7 जुलाई को इंफाल वेस्ट जिले के तैरनपोकपी अवांग लेइकाई निवासी 29 वर्षीय निंगथौजाम रोशन सिंह को उसके घर से गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई लामसांग पुलिस स्टेशन क्षेत्र के अंतर्गत की गई। अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी इलाके से गुजरने वाले वाहनों से कथित तौर पर अवैध रूप से धन उगाही कर रहा था। शिकायतों के आधार पर सुरक्षा एजेंसियों ने निगरानी के बाद उसे हिरासत में लिया।
जिरीबाम में केएनएफ के कथित सक्रिय सदस्य की गिरफ्तारी
एक अन्य अभियान में 6 जुलाई को जिरीबाम जिले के नुंगखाल ब्रिज क्षेत्र से 22 वर्षीय मोहम्मद अब्दुल्ला हुसैन को गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों का दावा है कि वह प्रतिबंधित संगठन कुकी नेशनल फ्रंट (केएनएफ) का सक्रिय सदस्य है। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से एक देशी .32 बोर पिस्तौल, एक मैगजीन और छह जिंदा कारतूस बरामद किए गए। बरामद हथियारों को जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
बिष्णुपुर में पीएलए और आरपीएफ से जुड़े आरोपी पर कार्रवाई
उसी दिन मणिपुर पुलिस ने बिष्णुपुर जिले के उटलौ क्षेत्र से 38 वर्षीय केशम केनेडी सिंह उर्फ रोजर को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, वह प्रतिबंधित पीपुल्स लिबरेशन आर्मी और रिवोल्यूशनरी पीपुल्स फ्रंट से जुड़ा सक्रिय कैडर है। प्रारंभिक जांच में उसके कथित रूप से उगाही गतिविधियों में शामिल होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब उसके नेटवर्क और अन्य संभावित सहयोगियों की भी जांच कर रही है।

काकचिंग जिले में केसीपी गुट का कथित सदस्य गिरफ्तार
सुरक्षा बलों ने काकचिंग जिले के सुगनू माखा लेइकाई इलाके में भी एक विशेष अभियान चलाया। यहां से 30 वर्षीय मोइरांगथेम थोइबा सिंह को गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों का कहना है कि वह प्रतिबंधित केसीपी (नोंगद्रेनखोम्बा) गुट का सक्रिय सदस्य है। गिरफ्तारी के बाद उससे पूछताछ की जा रही है ताकि संगठन की गतिविधियों और संपर्कों के बारे में अधिक जानकारी जुटाई जा सके।
लगातार जारी हैं उग्रवाद विरोधी अभियान
मणिपुर में पिछले कई महीनों से सुरक्षा बल उग्रवाद और उगाही के खिलाफ लगातार अभियान चला रहे हैं। राज्य के संवेदनशील क्षेत्रों में संयुक्त तलाशी अभियान, गश्त और खुफिया सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इन अभियानों का उद्देश्य आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, अवैध वसूली पर रोक लगाना और उग्रवादी नेटवर्क को कमजोर करना है।
हथियारों की बरामदगी से बढ़ी जांच की अहमियत
जिरीबाम में हुई गिरफ्तारी के दौरान हथियार और कारतूस की बरामदगी को जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि बरामद हथियारों का इस्तेमाल किसी आपराधिक या उग्रवादी गतिविधि में हुआ था या नहीं। इसके अलावा गिरफ्तार आरोपियों के बीच संभावित संबंधों और उनके वित्तीय नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।
सुरक्षा एजेंसियों का फोकस उगाही नेटवर्क पर
अधिकारियों के अनुसार, उग्रवादी संगठनों के वित्तीय स्रोतों को कमजोर करने के लिए उगाही के मामलों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कई इलाकों में व्यापारियों, वाहन चालकों और स्थानीय लोगों से अवैध वसूली की शिकायतें मिलती रही हैं। इसी के मद्देनजर सुरक्षा एजेंसियां खुफिया सूचनाओं के आधार पर लक्षित अभियान चला रही हैं।
जांच जारी, और गिरफ्तारियां संभव
पुलिस ने बताया कि चारों मामलों में विस्तृत जांच जारी है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर अन्य संदिग्धों की पहचान करने और संभावित नेटवर्क का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में नए तथ्य सामने आते हैं तो आगे भी गिरफ्तारियां की जा सकती हैं।










