हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मैक्लोडगंज में रेव पार्टी की सूचना पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। अपर भागसूनाग स्थित जंगल कॉलिंग कैफे में पुलिस ने रविवार तड़के दबिश दी। तलाशी के दौरान कैफे से 1.25 ग्राम चिट्टा, 25.94 ग्राम चरस और 5.35 ग्राम भांग के पत्ते बरामद किए गए। इसके अलावा नशीले पदार्थों की पैकिंग सामग्री और बिना लाइसेंस के रखी गई बीयर की 19 कैन भी पुलिस ने जब्त की हैं। मामले में कैफे मालिक समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के मुताबिक, यह कार्रवाई उस सूचना के बाद की गई जिसमें अपर भागसू के जंगल क्षेत्र में स्थित कैफे में रेव पार्टी आयोजित किए जाने की बात सामने आई थी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम सक्रिय हुई और तड़के कैफे परिसर में पहुंचकर छापेमारी की गई। कार्रवाई का नेतृत्व उत्तरी रेंज की पुलिस उपमहानिरीक्षक सौम्या सांबशिवन ने किया।
तलाशी के दौरान पुलिस को अलग-अलग तरह के नशीले पदार्थ मिले। बरामद सामग्री में चरस और चिट्टा के साथ भांग के पत्ते भी शामिल हैं। पुलिस को नशीले पदार्थों की पैकिंग में इस्तेमाल होने वाली सामग्री भी मिली है। इसके अलावा कैफे में 19 बीयर कैन बरामद हुईं। जांच में सामने आया कि कैफे के पास शराब परोसने या बेचने का वैध लाइसेंस नहीं था। इसी आधार पर पुलिस ने आबकारी कानून के तहत भी कार्रवाई की है।
पुलिस ने मामले में कैफे मालिक राकेश कुमार (39) और पश्चिम बंगाल निवासी विजित भट्टाचार्य (39) को गिरफ्तार किया है। दोनों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कैफे में आयोजित की जा रही पार्टियों में नशीले पदार्थ कहां से पहुंच रहे थे और इस पूरे मामले में अन्य कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।
प्रारंभिक जांच में पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि 22 और 23 अगस्त को कैफे परिसर में रेव पार्टियों का आयोजन किया जा रहा था। इन आयोजनों में लोगों को जोड़ने और पार्टी की जानकारी पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया तथा आपसी संपर्क का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है। पुलिस ने सोशल मीडिया प्रचार से संबंधित स्क्रीनशॉट और दूसरे डिजिटल साक्ष्य अपने कब्जे में लिए हैं। अब इन डिजिटल सबूतों की जांच की जा रही है।
पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि इन पार्टियों में कौन-कौन लोग शामिल होते थे। जांच का एक अहम पहलू यह है कि बरामद नशीले पदार्थ कैफे तक कैसे पहुंचे। इसके लिए गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के साथ-साथ उनके संपर्कों और डिजिटल गतिविधियों की भी जांच की जा रही है। पुलिस को शक है कि सोशल मीडिया के जरिए पार्टी में आने वाले लोगों तक जानकारी पहुंचाई जाती थी। हालांकि पूरे नेटवर्क की तस्वीर जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगी।
रेव पार्टी की सूचना पर हुई इस कार्रवाई के बाद मैक्लोडगंज और भागसू क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है। मैक्लोडगंज देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के बीच लोकप्रिय पर्यटन स्थल है। ऐसे में पर्यटन की आड़ में नशीले पदार्थों के इस्तेमाल या अवैध पार्टियों के आयोजन को लेकर पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है।
पुलिस ने इस मामले में NDPS एक्ट और हिमाचल प्रदेश आबकारी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। अब जांच इस दिशा में आगे बढ़ाई जा रही है कि बरामद नशीले पदार्थ व्यक्तिगत इस्तेमाल के लिए थे या उन्हें पार्टी में आने वाले लोगों को उपलब्ध कराया जाना था। पैकिंग सामग्री मिलने के कारण पुलिस इस पहलू को भी गंभीरता से जांच रही है।
कैफे में शराब के लाइसेंस से जुड़ा पहलू भी पुलिस जांच का हिस्सा है। पुलिस के अनुसार, कैफे के पास शराब बेचने या परोसने का वैध लाइसेंस नहीं था। ऐसे में बरामद बीयर की कैन को लेकर भी आबकारी कानून के तहत कार्रवाई की गई है। इससे कैफे के संचालन और वहां आयोजित होने वाली पार्टियों की वैधता पर भी सवाल खड़े हुए हैं।
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि कैफे में रेव पार्टी कितने समय से आयोजित की जा रही थी। क्या केवल 22 और 23 अगस्त को ही कार्यक्रम हुआ या पहले भी इस तरह की पार्टियां आयोजित की जाती रही हैं, इसकी भी जानकारी जुटाई जा रही है। इसके साथ ही पुलिस पार्टी में शामिल लोगों की पहचान करने के लिए डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है।
पुलिस ने सोशल मीडिया पर पार्टी के प्रचार से जुड़े स्क्रीनशॉट भी जुटाए हैं। इनका सत्यापन किया जा रहा है। अगर जांच में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है। पुलिस यह भी देख रही है कि पार्टी के आयोजन, नशीले पदार्थों की व्यवस्था और शराब की उपलब्धता में अलग-अलग लोगों की क्या भूमिका थी।
इस कार्रवाई को हिमाचल पुलिस के नशे के खिलाफ अभियान से भी जोड़कर देखा जा रहा है। पर्यटन क्षेत्रों में नशे और अवैध पार्टियों को लेकर पुलिस पहले से सतर्कता बरत रही है। मैक्लोडगंज जैसे पर्यटन स्थल में इस तरह की गतिविधियों की शिकायत मिलने पर पुलिस की कार्रवाई का उद्देश्य ऐसे आयोजनों पर रोक लगाना और उनसे जुड़े नेटवर्क का पता लगाना है।
मामले में गिरफ्तार दोनों आरोपियों को पुलिस पूछताछ के बाद अदालत में पेश करेगी। आगे की जांच में बरामद नशीले पदार्थों के स्रोत, कैफे में पार्टी आयोजित करने वालों, सोशल मीडिया प्रचार करने वालों और संभावित सप्लायरों के बारे में जानकारी जुटाई जाएगी। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश करेगी कि क्या इस नेटवर्क का संबंध क्षेत्र में चल रही अन्य पार्टियों से है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पर्यटन की आड़ में किसी भी तरह की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। रेव पार्टी के नाम पर नशीले पदार्थों का इस्तेमाल या अवैध शराब परोसने जैसी गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। इस मामले में भी पुलिस अब केवल दो गिरफ्तारियों तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है।
मैक्लोडगंज और आसपास के पर्यटन क्षेत्रों में पहले भी रेव पार्टियों को लेकर पुलिस कार्रवाई होती रही है। ऐसे में इस छापेमारी के बाद पुलिस की निगरानी और बढ़ने की संभावना है। खासकर ऐसे कैफे, रिसॉर्ट और निजी स्थान जहां देर रात पार्टियां आयोजित होती हैं, वहां लाइसेंस और गतिविधियों की जांच की जा सकती है।
फिलहाल कैफे मालिक राकेश कुमार और विजित भट्टाचार्य पुलिस की गिरफ्त में हैं। कैफे से बरामद चिट्टा, चरस, भांग, पैकिंग सामग्री और बीयर को जांच का हिस्सा बनाया गया है। पुलिस डिजिटल साक्ष्यों के जरिए पार्टी से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है। यदि जांच में और लोगों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मैक्लोडगंज के अपर भागसू स्थित जंगल कॉलिंग कैफे में रेव पार्टी की सूचना पर हुई पुलिस रेड में नशीले पदार्थों और अवैध शराब की बरामदगी हुई है। पुलिस ने कैफे मालिक समेत दो लोगों को गिरफ्तार कर NDPS एक्ट और आबकारी कानून के तहत केस दर्ज किया है। अब पुलिस सोशल मीडिया प्रचार, पार्टी में शामिल लोगों और नशीले पदार्थों की सप्लाई से जुड़े पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।