हाल ही में जारी कानूनी दस्तावेजों के अनुसार, 13 से 15 साल के करीब 19 प्रतिशत इंस्टाग्राम यूजर्स ने ऐसा नग्न या अश्लील कंटेंट देखा जिसे वे नहीं देखना चाहते थे। यह जानकारी California में चल रहे संघीय मुकदमे और इंस्टाग्राम प्रमुख Adam Mosseri की गवाही में सामने आई। इसके अलावा, लगभग 8 प्रतिशत किशोरों ने खुद को नुकसान पहुंचाने या धमकी देने से जुड़े कंटेंट का सामना किया, जिससे बच्चों की मानसिक सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
Instagram Children's Safety: हाल ही में California में चल रहे संघीय मुकदमे में सामने आया कि 13 से 15 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 19 प्रतिशत इंस्टाग्राम यूजर्स ने ऐसे नग्न या अश्लील कंटेंट का सामना किया जिसे वे देखना नहीं चाहते थे। इस जानकारी में मार्च 2025 में इंस्टाग्राम प्रमुख Adam Mosseri की गवाही भी शामिल है। सर्वे के अनुसार किशोरों के अनुभवों पर आधारित यह आंकड़ा सोशल मीडिया पर बच्चों की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय है।
13-15 साल के बच्चों को अश्लील कंटेंट का सामना
हाल ही में सार्वजनिक हुए कानूनी दस्तावेजों के अनुसार, 13 से 15 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 19 प्रतिशत इंस्टाग्राम यूजर्स ने ऐसा नग्न या अश्लील कंटेंट देखा जिसे वे नहीं देखना चाहते थे। यह जानकारी California में चल रहे एक संघीय मुकदमे के तहत सामने आई। दस्तावेजों में मार्च 2025 में इंस्टाग्राम प्रमुख Adam Mosseri की गवाही भी शामिल है।
सर्वे के अनुसार, यह आंकड़ा सीधे पोस्ट की समीक्षा से नहीं बल्कि किशोरों के अनुभवों पर आधारित है। इस वजह से प्लेटफॉर्म पर दिखाई जाने वाली आपत्तिजनक सामग्री और बच्चों की सुरक्षा पर चिंता बढ़ रही है।

कंपनी का पक्ष और नियंत्रण प्रयास
गवाही में Mosseri ने कहा कि इंस्टाग्राम आम तौर पर इस तरह के सर्वे के परिणाम सार्वजनिक नहीं करता। उन्होंने यह भी माना कि यूजर्स द्वारा दी गई जानकारी कभी-कभी पूरी तरह सटीक नहीं होती। Meta ने 2025 के अंत में घोषणा की थी कि वह नग्नता या स्पष्ट यौन गतिविधि वाले फोटो और वीडियो हटाएगी, चाहे वे AI से तैयार किए गए हों, हालांकि शैक्षणिक या चिकित्सा संदर्भ में कुछ अपवाद रहेंगे।
कंपनी प्रवक्ता Andy Stone ने बताया कि अधिकतर आपत्तिजनक सामग्री निजी संदेशों के जरिए साझा की जाती है। इस वजह से Instagram को कंटेंट मॉडरेशन और यूजर्स की निजता के बीच संतुलन बनाए रखना पड़ता है।
मानसिक स्वास्थ्य पर असर
सर्वे में यह भी सामने आया कि लगभग 8 प्रतिशत किशोर यूजर्स ने ऐसे यूजर्स या कंटेंट देखा जो खुद को नुकसान पहुंचाने या ऐसा करने की धमकी देने से जुड़े थे। यह आंकड़ा सोशल मीडिया और बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य के बीच संबंध पर गंभीर सवाल खड़े करता है।











