महाराष्ट्र निकाय चुनाव 2025: भाजपा का दबदबा, ठाकरे बंधुओं का गठबंधन बुरी तरह फेल, Mahayuti ने मारी बाज़ी

महाराष्ट्र निकाय चुनाव 2025 में भाजपा और Mahayuti ने शानदार प्रदर्शन किया, जबकि ठाकरे बंधुओं का गठबंधन बुरी तरह फेल रहा। जानिए सीटों का हाल, बड़े विजेता

महाराष्ट्र के निकाय चुनाव 2025 में सत्तारूढ़ महायुति (भाजपा-कॉंग्रेस गठबंधन) ने एकतरफा जीत हासिल कर विपक्ष को चौंका दिया है। पहले चरण के नतीजों में भाजपा ने अकेले 117 नगर निकाय और नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की, जबकि कुल 3300 पार्षद सीटों में भी भाजपा का दबदबा रहा। 

मुंबई: महाराष्ट्र निकाय चुनाव के नतीजे रविवार को घोषित किए गए, जिसमें भाजपा नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन ने बंपर जीत हासिल की है। महायुति ने 288 सीटों में से 207 पर जीत दर्ज कर महाराष्ट्र की जमीनी राजनीति में अपनी पकड़ मजबूत की। वहीं विपक्ष निकाय चुनाव में काफी पीछे रहा और केवल 50 सीटों पर ही सफलता हासिल कर पाया। 

विपक्ष ने चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं, लेकिन नतीजों से यह स्पष्ट है कि महाराष्ट्र की जनता ने ठाकरे बंधुओं के गठजोड़ को नकारा है। यह चुनाव राज्य की राजनीतिक स्थिति और जनता की प्राथमिकताओं का आईना प्रस्तुत करता है।

महायुति गठबंधन की जीत

निकाय चुनाव के नतीजे रविवार को घोषित किए गए। इसमें महायुति गठबंधन ने 288 सीटों में से 207 सीटों पर जीत हासिल की, जो एक निर्णायक और बंपर जीत मानी जा रही है। इस जीत से यह स्पष्ट हो गया कि महाराष्ट्र की जनता ने ठाकरे बंधुओं के नेतृत्व वाले महाविकास अघाड़ी (महा विकास अघाड़ी) के गठबंधन को नकार दिया। महायुति की जीत के आंकड़े इस प्रकार हैं:

  • भाजपा: 117 सीटें
  • शिवसेना: 53 सीटें
  • एनसीपी: 37 सीटें

वहीं, विपक्ष का प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा।

  • कांग्रेस: 28 सीटें
  • शिवसेना यूबीटी (उद्धव ठाकरे): 9 सीटें
  • एनसीपी एसपी (शरद पवार): 7 सीटें

बीएमसी चुनाव से पहले महाविकास अघाड़ी को बड़ा झटका

मुंबई के निकाय चुनाव 15 जनवरी 2026 को होने हैं और इस बार सभी की निगाहें बीएमसी पर टिकी हुई हैं। पहले चरण के नतीजों ने भाजपा और महायुति गठबंधन को उत्साहित कर दिया है, जबकि ठाकरे बंधुओं और महाविकास अघाड़ी के लिए यह खतरे की घंटी है। विशेषज्ञों का कहना है कि बीएमसी पर लंबे समय से काबिज शिवसेना यूबीटी के लिए यह चुनाव चुनौतीपूर्ण होगा, क्योंकि भाजपा ने पहले चरण के नतीजों में अपने संगठन और जनसमर्थन की ताकत दिखा दी है।

एक समय महाराष्ट्र में शिवसेना सबसे बड़ी पार्टी मानी जाती थी। गठबंधन के दौरान भी शिवसेना को राज्य में बड़े भाई की भूमिका मिली थी। लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। भाजपा ने राजनीतिक और संगठनात्मक दोनों स्तरों पर अपना दबदबा बढ़ाया है। बीते कुछ विधानसभा चुनावों में भाजपा ने लगातार राज्य में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में अपनी पहचान बनाई है।

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