महाराष्ट्र निकाय चुनाव 2026: मुस्लिम वोटिंग पैटर्न में बड़ा बदलाव, AIMIM और ISLAM पार्टी को बढ़त

महाराष्ट्र निकाय चुनाव 2026 में मुस्लिम वोटिंग पैटर्न में बड़ा बदलाव देखने को मिला। AIMIM और ISLAM पार्टी को MVA पर बढ़त मिली है। जानिए चुनावी रुझान और राजनीतिक

महाराष्ट्र के नगर निगम चुनाव 2026 के नतीजों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। खासतौर पर मुस्लिम वोटरों के बदलते रुझान ने सभी को चौंका दिया। 

मुंबई :29 नगर निगमों के लिए हुए महाराष्ट्र निकाय चुनावों के नतीजे अधिकतर अप्रत्याशित नहीं रहे और गठबंधन के पुराने समीकरणों के अनुरूप ही रहे। हालांकि, चुनाव में मुस्लिम वोटरों के बदलते रुझान और मुसलमान समर्थित पार्टियों की भूमिका ने सबको चौंकाया। अभी तक हुए चुनावों में महाराष्ट्र के मुस्लिम वोटर बीजेपी के सबसे ताकतवर विरोधियों का समर्थन करते रहे हैं। यह ट्रेंड 2024 के लोकसभा और विधानसभा चुनावों में भी दिखाई दिया। 

महाविकास अघाड़ी का समर्थन करने वाले मुस्लिम वोटरों ने अखिल भारतीय मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) और इंडियन सेक्युलर लार्जेस्ट असेंबली ऑफ महाराष्ट्र यानी इस्लाम (ISLAM) जैसी पार्टियों को मजबूती से समर्थन दिया।

मुस्लिम वोटरों का नया रुख

पिछले दशकों में महाराष्ट्र के मुस्लिम वोटर हमेशा बीजेपी के विरोधी गठबंधन, यानी महाविकास आघाड़ी (MVA) का समर्थन करते रहे। लेकिन इस चुनाव में उन्होंने स्थानीय मुस्लिम नेतृत्व वाली पार्टियों को प्राथमिकता दी। इस बदलाव का असर खासतौर पर मालेगांव, गोंदिवली, नांदेड़ और धुले जैसे शहरों में देखा गया।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बदलाव मुस्लिम समुदाय में स्वतंत्र राजनीतिक पहचान और स्थानीय मुद्दों पर फोकस को दर्शाता है। अब तक MVA पर भरोसा जताने वाले वोटर्स ने AIMIM और ISLAM पार्टी को अपना समर्थन दिया, जो यह संकेत देता है कि मुस्लिम वोटर अब स्थानीय नेतृत्व और धर्मनिष्ठ राजनीतिक एजेंडा को महत्व दे रहे हैं।

महाराष्ट्र निकाय चुनाव 2026: मुस्लिम वोटिंग पैटर्न में बड़ा बदलाव, AIMIM और ISLAM पार्टी को बढ़त

AIMIM का जबरदस्त प्रदर्शन

असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM ने महाराष्ट्र के 13 नगर निगमों में 126 पार्षद सीटों पर जीत हासिल की।

  • मुंबई में AIMIM ने 8 सीटें जीतकर कांग्रेस को भी पीछे छोड़ा।
  • गोंदिवली में पार्टी ने 7 वॉर्ड पर जीत दर्ज की।
  • छत्रपति संभाजी नगर में 33, नांदेड़ वाघला में 15, और धुले में 8 सीटों पर AIMIM का कब्जा रहा।

विशेष रूप से मालेगांव का परिणाम चौंकाने वाला रहा। यहाँ AIMIM ने 84 में से 21 और ISLAM पार्टी ने 35 सीटें जीत लीं। समाजवादी पार्टी ने 5 सीटें हासिल कीं, जबकि शिवसेना को 18, कांग्रेस को 3 और बीजेपी को केवल 2 सीटें मिलीं।

मालेगांव: मुस्लिम आबादी का केंद्र

मालेगांव में मुस्लिम आबादी लगभग 78% है, इसलिए यहां की राजनीतिक ताकत स्थानीय मुस्लिम पार्टियों में केंद्रित रहती है। इस नगर निगम में ISLAM और S.P. का गठबंधन मेयर पद हासिल करेगा, जबकि AIMIM प्रमुख विपक्षी दल बनेगी। मालेगांव सेंट्रल विधानसभा सीट भी अद्वितीय रिकॉर्ड रखती है। आजादी के बाद से यहां केवल मुस्लिम विधायक चुने गए हैं। 2019 और 2024 के विधानसभा चुनाव में यह सीट AIMIM के इस्माइल अब्दुल खालिक के खाते में गई।

इंडियन सेक्युलर लार्जेस्ट असेंबली ऑफ महाराष्ट्र (ISLAM) पार्टी की स्थापना पूर्व कांग्रेस विधायक शेख आसिफ ने की थी। उन्होंने बताया था कि पार्टी को धार्मिक और सामाजिक बहस में मुस्लिम समुदाय के अधिकारों की रक्षा के लिए बनाया गया है। ISLAM पार्टी ने विधानसभा चुनावों में तो बड़ी सफलता नहीं पाई, लेकिन निकाय चुनावों में उन्होंने महत्वपूर्ण जीत दर्ज की। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह पार्टी स्थानीय राजनीति में पुरानी राजनीतिक फैमिली और मुस्लिम नेतृत्व का संयोजन है, जिसे मालेगांव के लोग करीब से जानते हैं।

Leave a comment