ग्रीनलैंड की राजधानी नूक में लगभग 10,000 लोग अमेरिका के दबाव और ट्रंप के ग्रीनलैंड पर कब्जे की योजना के खिलाफ प्रदर्शन में उतरे। नागरिकों ने पुतले फूंके, नारे लगाए और देश की संप्रभुता की रक्षा का संदेश दिया।
Greenland Protest: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ग्रीनलैंड पर कब्जे के इरादे और नए टैरिफ दबाव के खिलाफ ग्रीनलैंड की राजधानी नूक में भारी विरोध प्रदर्शन हुआ। स्थानीय मीडिया के अनुसार करीब 10 हजार लोग सड़कों पर उतरे और अमेरिका के खिलाफ मोर्चा खोला। प्रदर्शनकारियों ने ट्रंप के पुतले फूंके और नारे लगाए कि “अमेरिका वापस जाओ” और “हमारी संप्रभुता कोई सौदे की चीज नहीं है।”
पुलिस ने बताया कि प्रदर्शनकारियों की यह संख्या नूक शहर की आधी आबादी के बराबर थी। नागरिकों ने अमेरिका के दबाव और नए टैरिफ का विरोध करते हुए अपनी नाराजगी जताई।
अमेरिका वापस जाओ, ग्रीनलैंड बिकाऊ नहीं
नूक की सड़कों पर निकले प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय झंडे लहराए और अमेरिकी झंडे फूंके। उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्रीनलैंड की संप्रभुता पर किसी तरह का सौदा मंजूर नहीं किया जाएगा। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने कहा कि उनका देश बिकाऊ नहीं है और किसी विदेशी दबाव में नहीं आएगा।
स्थानीय लोग इस विरोध को ग्रीनलैंड की आजादी और स्वायत्तता को बचाने का हिस्सा मान रहे हैं। ट्रंप द्वारा ग्रीनलैंड को खरीदने और टैरिफ के जरिए दबाव बनाने की कोशिश ने नागरिकों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया।
ट्रंप के टैरिफ दबाव से यूरोपीय व्यापार पर संकट

ट्रंप के ग्रीनलैंड वाले बयान और टैरिफ की धमकी ने यूरोपीय संघ और अमेरिका के बीच ट्रेड एग्रीमेंट को भी संकट में डाल दिया है। यूरोपीय नेता इसे दबाव और ब्लैकमेल की राजनीति बता रहे हैं। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने स्पष्ट किया कि यूरोप किसी तरह के दबाव के आगे नहीं झुकेगा। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भी चेतावनी दी कि कोई भी धमकी यूरोप की नीतियों को प्रभावित नहीं कर सकती।
ट्रंप ने ग्रीनलैंड के मामले में यूरोप के आठ देशों पर टैरिफ बढ़ाने की चेतावनी दी थी। यूरोपीय देशों ने जवाबी काउंटर-टैरिफ लगाने का इशारा किया है, जिससे अमेरिका और यूरोप के बीच व्यापारिक तनाव और बढ़ गया है।
ग्रीनलैंड की रणनीतिक अहमियत
विशेषज्ञों के अनुसार ग्रीनलैंड की स्थिति सिर्फ भौगोलिक नहीं, बल्कि रणनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण है। यहां का विशाल आर्कटिक क्षेत्र प्राकृतिक संसाधनों और समुद्री मार्गों के लिए अहम माना जाता है। इसलिए ट्रंप की खरीद की योजना और टैरिफ दबाव ने न केवल ग्रीनलैंड बल्कि पूरे यूरोप को सतर्क कर दिया है।
ग्रीनलैंड की सरकार ने कहा है कि वे किसी भी विदेशी दबाव में अपने देश की स्वायत्तता से समझौता नहीं करेंगे। प्रदर्शन का यह रूप नागरिकों की एकता और संप्रभुता की रक्षा के संकल्प को दर्शाता है।
ट्रंप की धमकियों के जवाब में यूरोप ने अपने रुख को स्पष्ट किया है। यूरोपीय देश किसी भी तरह के अमेरिकी दबाव के आगे नहीं झुकेंगे। फ्रांस और जर्मनी जैसे देशों ने कहा कि अमेरिका अगर टैरिफ का इस्तेमाल करेगा तो वे जवाबी कार्रवाई करेंगे।












