मिडिल ईस्ट जंग के बीच बड़ा झटका! ऑपरेशन Epic Fury मिशन के दौरान अमेरिकी KC-135 विमान इराक में क्रैश

मिडिल ईस्ट जंग के बीच बड़ा झटका! ऑपरेशन Epic Fury मिशन के दौरान अमेरिकी KC-135 विमान इराक में क्रैश

पश्चिमी इराक में अमेरिकी KC-135 Stratotanker विमान क्रैश हो गया। घटना ‘Operation Epic Fury’ मिशन के दौरान हुई। ईरान समर्थित गुट ने विमान गिराने का दावा किया, जबकि अमेरिकी सेना ने दुश्मन के हमले से इनकार किया।

Iraq Crash: ईरान के खिलाफ जारी सैन्य संघर्ष के बीच पश्चिम एशिया से एक बड़ी खबर सामने आई है। अमेरिकी सेना का KC-135 Stratotanker रिफ्यूलिंग विमान पश्चिमी इराक में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह घटना उस समय हुई जब अमेरिका और इजरायल मिलकर ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियान ‘Operation Epic Fury’ को अंजाम दे रहे थे। यह अभियान 28 फरवरी से शुरू हुआ था और शुक्रवार को इसका 14वां दिन था।

घटना के बाद अमेरिकी सेना ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि दुर्घटना के समय दो विमान मिशन में शामिल थे। इनमें से एक विमान सुरक्षित उतर गया जबकि दूसरा दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस घटना ने पश्चिम एशिया में पहले से जारी तनाव को और बढ़ा दिया है।

Operation Epic Fury के दौरान हुआ हादसा

अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM ने बयान जारी कर बताया कि यह घटना ‘Operation Epic Fury’ के दौरान हुई। यह अभियान ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल द्वारा चलाया जा रहा संयुक्त सैन्य ऑपरेशन है।

CENTCOM के अनुसार यह दुर्घटना फ्रेंडली एयरस्पेस में हुई थी। मिशन के दौरान दो विमान एक साथ उड़ान भर रहे थे। इनमें से एक KC-135 Stratotanker रिफ्यूलिंग विमान था, जिसका काम दूसरे सैन्य विमानों को हवा में ईंधन उपलब्ध कराना होता है।

बयान में बताया गया कि मिशन के दौरान एक विमान सुरक्षित रूप से उतरने में सफल रहा जबकि दूसरा विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हालांकि घटना के कारणों की जांच अभी जारी है और अमेरिकी सेना ने विस्तृत जांच शुरू कर दी है।

KC-135 Stratotanker की अहम भूमिका

KC-135 Stratotanker अमेरिकी वायुसेना का एक महत्वपूर्ण रिफ्यूलिंग विमान है। इसका मुख्य काम हवा में उड़ रहे लड़ाकू विमानों और अन्य सैन्य विमानों को ईंधन उपलब्ध कराना होता है।

यह विमान लंबी दूरी के मिशन में बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि इसकी मदद से लड़ाकू विमान बिना जमीन पर उतरे लंबे समय तक ऑपरेशन जारी रख सकते हैं। इसी वजह से KC-135 विमान किसी भी सैन्य अभियान में रणनीतिक रूप से अहम भूमिका निभाता है।

पश्चिम एशिया में चल रहे मौजूदा सैन्य अभियान में भी यह विमान लगातार इस्तेमाल किया जा रहा था ताकि अमेरिकी और इजरायली लड़ाकू विमानों को हवा में ईंधन उपलब्ध कराया जा सके।

अमेरिकी सेना का बयान

अमेरिकी सेना ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि इस दुर्घटना का कारण दुश्मन का हमला या फ्रेंडली फायर नहीं है। सेना के अनुसार शुरुआती जांच में ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है कि विमान को किसी मिसाइल या हथियार से निशाना बनाया गया हो।

अमेरिकी अधिकारियों ने यह भी बताया कि घटना के बाद तुरंत बचाव अभियान शुरू कर दिया गया है। रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंच चुकी है और स्थिति का आकलन किया जा रहा है। फिलहाल किसी सैनिक की मौत की पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि सेना ने कहा है कि पूरी जानकारी जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी।

दो विमानों के करीब आने की आशंका

CENTCOM के बयान से यह संकेत भी मिलता है कि दुर्घटना में दो विमान शामिल थे। संभावना जताई जा रही है कि मिशन के दौरान दोनों विमान एक-दूसरे के बहुत करीब आ गए हों या उनके बीच किसी तरह की तकनीकी समस्या पैदा हुई हो।

हालांकि अमेरिकी सेना ने अभी तक आधिकारिक रूप से टक्कर की पुष्टि नहीं की है। जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ होगा कि दुर्घटना की असली वजह क्या थी।

ईरान समर्थित गुट ने हमले का दावा किया

इस घटना के बाद एक नया मोड़ तब आया जब ईरान समर्थित सशस्त्र समूह ‘Islamic Resistance in Iraq’ ने इस विमान को गिराने की जिम्मेदारी लेने का दावा किया।

समूह ने अपने बयान में कहा कि उसने पश्चिमी इराक में अमेरिकी सैन्य विमान को निशाना बनाया है। संगठन का कहना है कि यह हमला उन्होंने अपने देश की संप्रभुता और हवाई क्षेत्र की रक्षा के लिए किया है। हालांकि अमेरिकी सेना ने इस दावे को अभी तक स्वीकार नहीं किया है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में दुश्मन के हमले के कोई संकेत नहीं मिले हैं।

ऑपरेशन में पहले भी हो चुके हैं हादसे

ईरान के खिलाफ चल रहे इस सैन्य अभियान के दौरान इससे पहले भी कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। ऑपरेशन Epic Fury की शुरुआत 28 फरवरी को हुई थी और तब से अब तक कई सैन्य घटनाएं दर्ज की जा चुकी हैं।

1 मार्च को तीन F-15E Fighter Jets को फ्रेंडली फायर से नुकसान हुआ था। हालांकि उस घटना में सभी पायलट सुरक्षित बच गए थे। इन घटनाओं से यह साफ होता है कि इस अभियान के दौरान जोखिम काफी ज्यादा है और लगातार सैन्य गतिविधियों के कारण दुर्घटनाओं की संभावना भी बनी रहती है।

अमेरिकी सेना को हुआ नुकसान

अब तक इस पूरे सैन्य अभियान में अमेरिकी सेना को भी नुकसान उठाना पड़ा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार इस ऑपरेशन में सात अमेरिकी सैनिकों की मौत हो चुकी है जबकि लगभग 140 सैनिक घायल हुए हैं।

इन घटनाओं ने अमेरिकी सैन्य रणनीति और अभियान की चुनौतियों को भी उजागर किया है। लगातार हो रही सैन्य गतिविधियों और क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण स्थिति काफी संवेदनशील बनी हुई है।

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