मिस वर्ल्ड का मंच भले ही बेहद ग्लैमरस और चमकदार नजर आता हो, लेकिन वहां तक पहुंचने का सफर आसान नहीं होता। इसके पीछे महीनों की कड़ी तैयारी, अनुशासन और खुद को लगातार बेहतर बनाने की मेहनत छिपी होती है।
एंटरटेनमेंट न्यूज़: फेमिना मिस इंडिया वर्ल्ड 2024 निकिता पोरवाल अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने की तैयारी में हैं। मिस वर्ल्ड 2026 प्रतियोगिता के लिए निकिता इन दिनों कड़ी ट्रेनिंग, अनुशासन और लगातार अभ्यास में जुटी हुई हैं। मॉडलिंग और ब्यूटी पेजेंट की चमक के पीछे चलने वाली कठिन तैयारियों को लेकर उन्होंने अपनी दिनचर्या, परिवार के समर्थन, लेखन के शौक और भविष्य के सपनों पर खुलकर बात की है।
निकिता के लिए मिस वर्ल्ड की तैयारी सिर्फ खूबसूरत दिखने या रैंप वॉक तक सीमित नहीं है। उनके मुताबिक, इस सफर में निरंतरता, आत्मविश्वास, ज्ञान और अलग-अलग संस्कृतियों को समझना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। देश का प्रतिनिधित्व करने की जिम्मेदारी ने उनकी रोजमर्रा की जिंदगी और प्राथमिकताओं में बड़ा बदलाव किया है।
हर दिन नई चुनौती, लेकिन मेहनत में कोई कमी नहीं
निकिता बताती हैं कि मिस वर्ल्ड की तैयारी का सबसे मुश्किल हिस्सा लंबे समय तक एक ही अनुशासन के साथ काम करते रहना है। रैंप वॉक, कम्युनिकेशन और फिटनेस ट्रेनिंग के साथ उन्हें अलग-अलग विषयों की जानकारी हासिल करनी होती है। उनके अनुसार, प्रतियोगिता के लिए एक प्रतिभागी को केवल बाहरी व्यक्तित्व पर काम नहीं करना होता, बल्कि उसे अपने देश की संस्कृति, विचारों और विविधता को भी दुनिया के सामने प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करने के लिए तैयार रहना पड़ता है।
बदली दिनचर्या, रात में मेकअप और सुबह की तैयारी
निकिता के जीवन में सबसे बड़ा बदलाव उनकी दिनचर्या को लेकर आया है। वह पहले सुबह जल्दी उठना पसंद नहीं करती थीं, लेकिन अब देश का प्रतिनिधित्व करने की जिम्मेदारी उनके लिए व्यक्तिगत सुविधा से ज्यादा महत्वपूर्ण हो गई है। कई बार उन्हें रात करीब दो बजे मेकअप शुरू करना पड़ता है और सुबह तक कार्यक्रम के लिए तैयार रहना होता है।
निकिता के मुताबिक, अगर उनकी पुरानी जिंदगी वाली छवि को आज की दिनचर्या के बारे में बताया जाता, तो शायद वह खुद भी इस बदलाव पर यकीन नहीं करतीं।

पढ़ाई और कम्युनिकेशन पर भी खास जोर
मिस वर्ल्ड की तैयारी में निकिता अपना काफी समय पढ़ने और नए विषयों को समझने में लगा रही हैं। उनका मानना है कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए आत्मविश्वास के साथ-साथ व्यापक ज्ञान भी जरूरी है। वह रैंप वॉक, कम्युनिकेशन ट्रेनिंग, हेयर और मेकअप प्रैक्टिस के अलावा विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेती हैं। दूसरे देशों और संस्कृतियों को समझना भी उनकी तैयारी का हिस्सा है।
ग्लैमर और लगातार व्यस्त रहने वाली जिंदगी के बीच निकिता अपने लिए समय निकालना भी नहीं भूलतीं। जब उन्हें कोई प्रोफेशनल कमिटमेंट नहीं होती, तो वह परिवार के साथ वक्त बिताना पसंद करती हैं। इसके अलावा उन्हें कविताएं लिखने का शौक है। निकिता के लिए लेखन खुद से जुड़ने और मानसिक सुकून पाने का एक माध्यम है। वह मानती हैं कि जब उन्हें थोड़ा निजी समय चाहिए होता है, तो लिखना उन्हें सबसे ज्यादा राहत देता है।
मां का भरोसा बना सबसे बड़ा सहारा
निकिता अपने मिस इंडिया से मिस वर्ल्ड तक के सफर में अपनी मां की भूमिका को बेहद महत्वपूर्ण मानती हैं। उन्होंने बताया कि कई मौकों पर उन्हें खुद की क्षमता पर संदेह हुआ, खासकर तब जब उनके राज्य से पहले किसी ने राष्ट्रीय स्तर पर यह खिताब नहीं जीता था। ऐसे समय में उनकी मां ने उनका आत्मविश्वास बढ़ाया और उन्हें आगे बढ़ते रहने के लिए प्रेरित किया। निकिता के मुताबिक, कई बार उनकी मां का भरोसा उनके खुद के आत्मविश्वास से भी बड़ा रहा।
प्रियंका चोपड़ा और ऐश्वर्या राय से मिली प्रेरणा
निकिता अपनी प्रेरणा के तौर पर प्रियंका चोपड़ा और ऐश्वर्या राय बच्चन का नाम लेती हैं। वह प्रियंका की मॉडलिंग से लेकर बॉलीवुड और हॉलीवुड तक की यात्रा से प्रभावित हैं। उनके मुताबिक, प्रियंका ने लगातार नई सीमाएं तय कीं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई। वहीं, ऐश्वर्या राय बच्चन से निकिता ने वैश्विक मंच पर भारतीय संस्कृति और पहचान को मजबूती से प्रस्तुत करने की प्रेरणा ली है। उनका मानना है कि आधुनिक सोच के साथ अपनी जड़ों और संस्कृति से जुड़े रहना ऐश्वर्या की खासियत है।












