मध्य प्रदेश सरकार का 350 करोड़ रुपये का Bombardier Challenger 3500 बिजनेस जेट कनाडा से भारत आ रहा है। मुख्यमंत्री और VIP यात्रा के लिए इस्तेमाल होने वाले इस विमान के संचालन और एयरपोर्ट सुविधाओं पर भी अतिरिक्त खर्च होगा।
MP Government Jet: मध्य प्रदेश सरकार का नया Bombardier Challenger 3500 बिजनेस जेट करीब 350 करोड़ रुपये की लागत से खरीदा गया है और कनाडा से भारत आ रहा है। विमान का इस्तेमाल मुख्यमंत्री और अन्य VIP यात्राओं के लिए किया जाएगा। हालांकि, विमान खरीदने के बाद भी इसके संचालन, रखरखाव और उन एयरपोर्ट्स की उपलब्धता जरूरी होगी, जहां यह जेट सुरक्षित तरीके से उतर और उड़ान भर सके।
350 करोड़ के जेट के बाद भी खर्च यहीं खत्म नहीं होगा
मध्य प्रदेश सरकार का नया Bombardier Challenger 3500 बिजनेस जेट कनाडा से भारत आ रहा है। करीब 350 करोड़ रुपये की लागत वाले इस विमान का इस्तेमाल मुख्यमंत्री और अन्य VIP यात्राओं के लिए किया जाना है। हालांकि, किसी बिजनेस जेट की खरीद के बाद सरकार का खर्च केवल विमान की कीमत तक सीमित नहीं रहता।

विमान को नियमित रूप से उड़ाने के लिए ईंधन, पायलट और क्रू, रखरखाव, बीमा तथा अन्य परिचालन खर्च भी जरूरी होते हैं। इसके अलावा विमान के संचालन के लिए संबंधित एयरपोर्ट पर आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता भी महत्वपूर्ण होती है।
हर एयरपोर्ट पर नहीं उतर सकता Challenger 3500
सरकार के सामने एक और चुनौती विमान के संचालन से जुड़ी है। देश के सभी एयरपोर्ट ऐसे नहीं हैं, जहां बड़े बिजनेस जेट को आसानी से उतारा जा सके। किसी विमान के लिए रनवे की लंबाई, एयरपोर्ट की तकनीकी सुविधाएं, विमान का वजन और अन्य परिचालन मानक महत्वपूर्ण होते हैं।
इसलिए मध्य प्रदेश सरकार का यह जेट प्रदेश के हर एयरपोर्ट से संचालन कर पाएगा, यह जरूरी नहीं है। VIP यात्रा के लिए किसी स्थान पर पहुंचने से पहले यह देखना होगा कि संबंधित एयरपोर्ट पर विमान के उतरने और उड़ान भरने की आवश्यक व्यवस्था उपलब्ध है या नहीं
इसका मतलब यह है कि विमान की खरीद के साथ एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और संचालन से जुड़े पहलुओं पर भी ध्यान देना होगा।
विमान खरीदने के बाद आएगा संचालन का खर्च
करीब 350 करोड़ रुपये की खरीद लागत के अलावा विमान को उड़ाने के लिए लगातार खर्च करना होगा। जेट के इस्तेमाल के दौरान ईंधन की लागत, रखरखाव और तकनीकी जांच जैसे खर्च नियमित रूप से होते हैं।
इसके साथ ही विमान को उड़ाने के लिए प्रशिक्षित पायलट और क्रू की जरूरत होगी। विमान की सुरक्षा और तकनीकी स्थिति बनाए रखने के लिए निर्धारित समय पर रखरखाव भी जरूरी होगा। ऐसे में सरकार के लिए वास्तविक लागत केवल खरीद मूल्य नहीं, बल्कि लंबे समय तक विमान के संचालन पर होने वाला कुल खर्च भी होगा।
VIP यात्रा के लिए इस्तेमाल होगा विमान
मध्य प्रदेश सरकार का यह नया जेट मुख्य रूप से मुख्यमंत्री और दूसरे VIP की यात्रा के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। इससे सरकारी प्रतिनिधियों के लिए लंबी दूरी की यात्राओं में समय बचाने और यात्रा कार्यक्रम को अधिक लचीला बनाने में मदद मिल सकती है।
सरकार के लिए इसका फायदा इस बात पर निर्भर करेगा कि विमान का इस्तेमाल कितनी नियमितता से किया जाता है और इससे सरकारी यात्राओं में कितना समय और परिचालन खर्च बचता है।
क्या 350 करोड़ की डील सरकार के लिए फायदेमंद है?
किसी सरकारी विमान की खरीद को केवल उसकी कीमत के आधार पर फायदेमंद या नुकसानदायक बताना उचित नहीं होगा। इसका आकलन करते समय विमान की खरीद लागत के साथ उसके संचालन, रखरखाव, ईंधन, क्रू और एयरपोर्ट से जुड़े खर्चों को भी शामिल करना होगा।
अगर विमान का नियमित और पर्याप्त उपयोग होता है तथा इससे मुख्यमंत्री और अन्य VIP की यात्राओं में समय की बचत होती है, तो सरकार को इसका परिचालन लाभ मिल सकता है। वहीं, अगर विमान का इस्तेमाल सीमित रहता है, तो इसकी खरीद और रखरखाव की लागत पर सवाल उठ सकते हैं।
इसलिए 350 करोड़ रुपये के इस जेट की वास्तविक लागत और उपयोगिता का आकलन उसके पूरे जीवनकाल के खर्च और इस्तेमाल के आधार पर ही किया जा सकेगा।











