MRF Q1 Results: मुनाफे में 6.5% की गिरावट, डिविडेंड का नहीं किया एलान

MRF Q1 Results: MRF का जून तिमाही में मुनाफा 6.5% घटकर ₹479 करोड़ रहा, जबकि रेवेन्यू करीब 10% बढ़ा। कंपनी ने इस तिमाही में डिविडेंड का ऐलान नहीं किया।

टायर निर्माता कंपनी MRF ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में ₹479.25 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। कंपनी का मुनाफा पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही के ₹512.67 करोड़ के मुकाबले 6.52% घटा है। यानी सालाना आधार पर कंपनी के मुनाफे में कमी आई है।

बिजनेस न्यूज़: भारत की प्रमुख टायर निर्माता कंपनी MRF ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का प्रदर्शन मिश्रित रहा। अप्रैल-जून तिमाही में MRF का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 6.52% घट गया, जबकि ऑपरेशंस से मिलने वाला रेवेन्यू करीब 10% बढ़ा। मुनाफे और मार्जिन में कमजोरी के बीच मंगलवार के कारोबारी सत्र में कंपनी के शेयरों में 3% से अधिक की गिरावट देखने को मिली।

MRF का मुनाफा कितना रहा?

MRF ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में ₹479.25 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी का शुद्ध लाभ ₹512.67 करोड़ था। इस तरह सालाना आधार पर कंपनी के मुनाफे में करीब 6.52% की कमी आई। मुनाफे में गिरावट के बावजूद कंपनी के कारोबार से जुड़े राजस्व में अच्छी वृद्धि दर्ज की गई। 

MRF का ऑपरेशंस से रेवेन्यू Q1 FY27 में ₹8,415.50 करोड़ रहा, जबकि एक साल पहले की समान अवधि में यह ₹7,675.64 करोड़ था। यानी कंपनी के राजस्व में लगभग 10% की बढ़ोतरी हुई।

EBITDA और मार्जिन पर दबाव

MRF के तिमाही प्रदर्शन में सबसे अहम चिंता EBITDA को लेकर रही। कंपनी की ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमॉर्टाइजेशन से पहले की कमाई यानी EBITDA सालाना आधार पर 7.46% घटकर ₹990.63 करोड़ रह गई। पिछले साल की पहली तिमाही में यह आंकड़ा ₹1,070.43 करोड़ था। EBITDA में गिरावट का असर कंपनी के मार्जिन पर भी पड़ा। 

Q1 FY27 में EBITDA मार्जिन घटकर 11.77% रह गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह 13.95% था। इससे संकेत मिलता है कि बिक्री बढ़ने के बावजूद लागत का दबाव कंपनी की ऑपरेटिंग प्रॉफिटेबिलिटी पर असर डाल रहा है।

खर्च बढ़ने से मुनाफे पर असर

कंपनी के कुल खर्च में भी बढ़ोतरी हुई। Q1 FY27 में MRF का कुल खर्च करीब ₹7,961 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में यह लगभग ₹7,132 करोड़ था। कंपनी के लिए कच्चे माल की लागत में वृद्धि विशेष रूप से महत्वपूर्ण रही। इस्तेमाल की गई सामग्री की लागत करीब ₹5,584 करोड़ रही, जो पिछले साल की समान अवधि में ₹4,623 करोड़ थी। यानी इसमें लगभग ₹961 करोड़ की बढ़ोतरी हुई। बढ़ती लागत ने रेवेन्यू में हुई वृद्धि के बावजूद कंपनी के मुनाफे पर दबाव बनाया।

तिमाही नतीजे सामने आने के बाद MRF के शेयर पर दबाव देखने को मिला। कारोबारी सत्र के दौरान स्टॉक में 3% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। करीब पौने तीन बजे कंपनी का शेयर लगभग 1.57% नीचे कारोबार कर रहा था और इसकी कीमत करीब ₹1,31,834.20 थी। साल की शुरुआत से अब तक MRF के शेयर में करीब 13% की कमजोरी दर्ज की गई है। 

हालांकि, लंबी अवधि में स्टॉक का प्रदर्शन बेहतर रहा है और पिछले पांच वर्षों में इसमें लगभग 65% की तेजी देखने को मिली है। निवेशकों के लिए यह आंकड़ा कंपनी के लॉन्ग-टर्म प्रदर्शन और हालिया दबाव के बीच अंतर समझने में मदद करता है।

डिविडेंड पर क्या फैसला हुआ?

MRF ने Q1 FY27 के नतीजों के साथ किसी डिविडेंड की घोषणा नहीं की है। ऐसे में निवेशकों का ध्यान अब कंपनी के आगामी तिमाहियों में मार्जिन, लागत और मुनाफे की दिशा पर रहेगा। कंपनी की प्रति शेयर आय यानी EPS भी पिछली तिमाही और पिछले साल की समान अवधि की तुलना में कम रही। Q1 FY27 में MRF का EPS ₹1,167.97 रहा। Q4 FY26 में यह ₹1,655.80 और Q1 FY26 में ₹1,183.22 था। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए कंपनी का EPS ₹5,720.39 रहा।

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