मुंबई का अगला मेयर कौन? 22 जनवरी की लॉटरी पर टिकी सबकी नजर

मुंबई का अगला मेयर कौन? 22 जनवरी की लॉटरी पर टिकी सबकी नजर

मुंबई के अगले मेयर को लेकर महायुति में सस्पेंस बना हुआ है। CM फडणवीस के दावोस दौरे से बातचीत थमी है। 22 जनवरी को लॉटरी से कैटेगरी तय होगी, 24 जनवरी के बाद राजनीतिक फैसला संभव है।

BMC Election: मुंबई महानगरपालिका यानी BMC में अगला मेयर कौन होगा, इसे लेकर सियासी हलचल तेज है। महायुति गठबंधन को बीएमसी में बड़ी जीत मिलने के बाद यह सवाल और भी अहम हो गया है। हालांकि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के दावोस दौरे पर जाने से मेयर पद को लेकर चल रही अहम बातचीत फिलहाल रुक गई है। अब सबकी नजर 22 जनवरी को होने वाली लॉटरी और 24 जनवरी के बाद होने वाले राजनीतिक फैसलों पर टिकी हुई है।

बीएमसी मेयर पद पर क्यों बना हुआ है सस्पेंस

मुंबई देश की आर्थिक राजधानी है और बीएमसी एशिया की सबसे अमीर नगरपालिकाओं में से एक मानी जाती है। ऐसे में यहां का मेयर पद केवल प्रशासनिक नहीं बल्कि राजनीतिक रूप से भी बेहद अहम होता है। महायुति गठबंधन को बीएमसी चुनाव में स्पष्ट बहुमत मिला है, लेकिन इसके बावजूद मेयर पद को लेकर अंतिम फैसला अब तक नहीं हो पाया है।

इस सस्पेंस की सबसे बड़ी वजह मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का विदेश दौरा है। वह इस समय स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच यानी World Economic Forum में हिस्सा ले रहे हैं। उनकी अनुपस्थिति में बीजेपी और शिंदे गुट की शिवसेना के बीच मेयर पद को लेकर चल रही बातचीत पर फिलहाल विराम लग गया है।

महायुति में किसका दावा मजबूत

बीएमसी में महायुति गठबंधन में बीजेपी और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना प्रमुख सहयोगी हैं। दोनों दलों की नजर मेयर पद पर है क्योंकि इससे मुंबई की राजनीति में मजबूत पकड़ बनती है। हालांकि गठबंधन की जीत के बावजूद यह तय करना आसान नहीं है कि मेयर किस पार्टी से होगा।

बीजेपी का तर्क है कि उसने चुनाव में बड़ी भूमिका निभाई है और संगठनात्मक मजबूती के आधार पर मेयर पद पर उसका हक बनता है। वहीं शिंदे गुट की शिवसेना भी खुद को मुंबई की पारंपरिक पार्टी बताते हुए मेयर पद पर दावा ठोक रही है। ऐसे में अंतिम फैसला शीर्ष नेतृत्व की सहमति से ही लिया जाएगा।

22 जनवरी को लॉटरी से तय होगी मेयर पद की कैटेगरी

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, बीएमसी मेयर पद की कैटेगरी 22 जनवरी को लॉटरी के जरिए तय की जाएगी। यह लॉटरी यह तय करेगी कि मेयर का पद ओपन कैटेगरी का रहेगा या फिर SC ST OBC या महिला आरक्षण के तहत आएगा।

लॉटरी का नतीजा आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि किस वर्ग के लिए मेयर पद आरक्षित होगा। इसके आधार पर ही राजनीतिक दल अपने उम्मीदवारों को अंतिम रूप देंगे। लॉटरी के नतीजों के बाद उसी दिन या अगले दिन यानी 23 जनवरी तक आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी किए जाने की संभावना है।

चुनाव की तारीखें जनवरी के आखिर में संभव

लॉटरी और नोटिफिकेशन के बाद चुनावी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। नियमों के अनुसार मेयर चुनाव के लिए कम से कम सात दिन का नोटिस देना जरूरी होता है। इसी वजह से माना जा रहा है कि मेयर का चुनाव 29 और 30 जनवरी या फिर 30 और 31 जनवरी के बीच कराया जा सकता है।

इस दौरान नामांकन, जांच और मतदान की प्रक्रिया पूरी होगी। चुनाव की तारीखें तय होते ही मुंबई की राजनीति में गतिविधियां और तेज हो जाएंगी।

दावोस दौरे पर क्यों गए हैं मुख्यमंत्री फडणवीस

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस इस समय दावोस में World Economic Forum की 56वीं वार्षिक बैठक में हिस्सा ले रहे हैं। यह बैठक 19 जनवरी से 23 जनवरी तक चल रही है। इसमें दुनिया के 130 से ज्यादा देशों से करीब 3000 नेता, उद्योगपति और नीति निर्माता शामिल हो रहे हैं।

दावोस में फडणवीस का फोकस महाराष्ट्र के लिए विदेशी निवेश यानी Foreign Direct Investment को आकर्षित करने पर है। उनके साथ उद्योग मंत्री उदय सामंत और राज्य के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद हैं। वहां पहुंचते ही मुख्यमंत्री ने मराठी समुदाय के लोगों से भी मुलाकात की।

महाराष्ट्र के लिए निवेश पर फडणवीस का फोकस

दावोस में मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि WEF 2026 महाराष्ट्र को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने बताया कि पिछले साल महाराष्ट्र ने करीब 16 लाख करोड़ रुपये के निवेश समझौते किए थे।

इस साल सरकार का लक्ष्य इससे भी ज्यादा निवेश आकर्षित करना है। खासतौर पर ऐसे industrial projects पर जोर दिया जा रहा है जो बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा कर सकें। फडणवीस वैश्विक निवेशकों के साथ वन टू वन मीटिंग्स कर रहे हैं ताकि महाराष्ट्र को मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी हब के रूप में मजबूत किया जा सके।

फडणवीस की वापसी के बाद होगा अंतिम फैसला

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस 24 जनवरी को भारत लौटेंगे। माना जा रहा है कि उनके लौटते ही बीएमसी मेयर पद को लेकर महायुति में बातचीत फिर से तेज होगी। बीजेपी और शिंदे गुट के शीर्ष नेताओं के बीच बैठकों का दौर शुरू हो सकता है।

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