Maharashtra सरकार ने गुरुवार को हुई कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए। Devendra Fadnavis की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में जबरन धर्म परिवर्तन से जुड़े एक विधेयक को मंजूरी दे दी गई।
मुंबई: भारत के पश्चिमी राज्य Maharashtra में जबरन धर्म परिवर्तन के मामलों पर नियंत्रण के लिए सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य कैबिनेट ने प्रस्तावित एंटी-कन्वर्जन (धर्मांतरण विरोधी) विधेयक के मसौदे को मंजूरी दे दी है। यह फैसला मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में लिया गया।
सरकार के अनुसार, इस विधेयक का उद्देश्य ऐसे मामलों को रोकना है जिनमें कथित रूप से दबाव, धोखाधड़ी या लालच देकर किसी व्यक्ति का धर्म परिवर्तन कराया जाता है। कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद अब इस बिल को राज्य की विधानसभा में पेश किया जाएगा, जहां इसे कानून बनाने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
जबरन धर्म परिवर्तन पर गैर-जमानती अपराध का प्रावधान
प्रस्तावित कानून के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति किसी को जबरदस्ती, धोखे से या प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सकेगी। ऐसे मामलों को गैर-जमानती अपराध की श्रेणी में रखने का प्रावधान किया गया है, जिससे आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी संभव होगी और उन्हें आसानी से जमानत नहीं मिल सकेगी।
सरकार का कहना है कि इस कानून का उद्देश्य किसी की धार्मिक स्वतंत्रता को सीमित करना नहीं है, बल्कि उन मामलों को रोकना है जिनमें कथित रूप से दबाव या लालच के जरिए धर्म परिवर्तन कराया जाता है।

मंत्री नितेश राणे ने दी जानकारी
कैबिनेट बैठक के बाद राज्य के मंत्री Nitesh Rane ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि महाराष्ट्र में लंबे समय से धर्मांतरण विरोधी कानून की मांग की जा रही थी। उन्होंने बताया कि विभिन्न संगठनों और सामाजिक समूहों ने इस विषय को लेकर कई वर्षों तक आंदोलन और प्रदर्शन किए थे। राणे के अनुसार, राज्य सरकार ने अब इस मांग को ध्यान में रखते हुए एंटी-कन्वर्जन बिल को कैबिनेट में मंजूरी दे दी है।
उन्होंने कहा कि जल्द ही इस संबंध में आधिकारिक सरकारी आदेश (GR) जारी किया जाएगा और कानून के तकनीकी व कानूनी पहलुओं की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।
अन्य राज्यों के कानूनों से सख्त होने का दावा
मंत्री नितेश राणे ने यह भी दावा किया कि प्रस्तावित कानून कई अन्य राज्यों के मौजूदा धर्मांतरण विरोधी कानूनों की तुलना में अधिक प्रभावी और सख्त होगा। भारत के कुछ राज्यों जैसे Madhya Pradesh और Gujarat में पहले से ही ऐसे कानून लागू हैं। उनका कहना है कि महाराष्ट्र का नया प्रस्तावित कानून इन राज्यों के कानूनों के अनुभव को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है, ताकि जबरन धर्म परिवर्तन के मामलों में अधिक प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
कैबिनेट बैठक के बाद मंत्री राणे ने सार्वजनिक स्थानों पर नमाज पढ़ने से जुड़े मुद्दे पर भी टिप्पणी की। उन्होंने हाल ही में आए Bombay High Court के फैसले का स्वागत किया और कहा कि धार्मिक गतिविधियों के लिए निर्धारित स्थानों का उपयोग किया जाना चाहिए। हालांकि, यह विषय राजनीतिक और सामाजिक बहस का हिस्सा बना हुआ है और विभिन्न समुदायों तथा संगठनों की इस पर अलग-अलग राय सामने आती रही है।










