पाकिस्तान में पेट्रोलियम भंडार को लेकर राजनीतिक और व्यावसायिक विवाद तेज हो गया है। हाल ही में Pakistan Petroleum Dealers Association ने दावा किया कि देश में पेट्रोल और डीजल का स्टॉक केवल 14 दिनों के लिए पर्याप्त है।
बिजनेस न्यूज़: Pakistan में पेट्रोलियम उत्पादों के भंडार को लेकर नया विवाद उठ खड़ा हुआ है। Pakistan Petroleum Dealers Association ने Oil and Gas Regulatory Authority के आंकड़ों पर सवाल उठाते हुए दावा किया है कि देश में पेट्रोलियम भंडार को लेकर जनता को गुमराह किया जा रहा है।पीपीडीए का कहना है कि OGRA द्वारा जारी आंकड़े वास्तविक स्थिति को नहीं दर्शाते और इससे नागरिकों के बीच असुरक्षा और भ्रम की स्थिति बन रही है। इस विवाद के चलते पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति, कीमतों और सरकारी नीति पर राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज हो गई है।
पेट्रोल-डीजल स्टॉक की वास्तविक स्थिति
पीपीडीए के चेयरमैन अब्दुल सामी खान ने कहा कि देश में पेट्रोलियम उत्पादों का भंडार केवल दो हफ्तों तक ही पर्याप्त है। उनका कहना है कि अगर आपूर्ति बाधित हुई तो देशभर के पेट्रोल पंपों पर संकट उत्पन्न हो सकता है। खान ने चेतावनी दी कि आयात पर रोक और कोटा प्रणाली ने तेल विपणन कंपनियों पर अतिरिक्त दबाव डाला है, जिससे पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। डीलर्स एसोसिएशन ने यह भी कहा कि यदि स्थिति सुधारी नहीं गई तो पूरे पाकिस्तान में पेट्रोल पंप बंद होने की नौबत आ सकती है।

ओजीआरए का दावा
वहीं OGRA ने लोगों से घबराने से बचने की अपील की है। प्राधिकरण का कहना है कि देश में पर्याप्त भंडार मौजूद है और जनता को अनावश्यक रूप से पेट्रोल या डीजल की खरीदारी नहीं करनी चाहिए। संभावित आपूर्ति संकट के मद्देनजर पेट्रोलियम डीलरों ने सिंध के पुलिस महानिरीक्षक (IG) से पेट्रोल पंपों को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि किसी भी अव्यवस्था से बचा जा सके और संचालन सामान्य बना रहे।
देशभर में ईंधन आपूर्ति को लेकर Oil Marketing Association of Pakistan ने भी चिंता जताई है। लाहौर से जारी पत्र में एसोसिएशन ने कहा कि स्थानीय रिफाइनरियां पहले से तय आपूर्ति प्रतिबद्धताओं से पीछे हट रही हैं, जिससे पेट्रोल और डीजल की नियमित उपलब्धता प्रभावित हो सकती है।
ऑयल मार्केटिंग कंपनियों का आरोप
ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के समूह के चेयरमैन Tariq Wazir Ali ने कहा कि कई कंपनियों ने आयातित ईंधन की व्यवस्था नहीं की, क्योंकि उन्हें भरोसा दिया गया था कि स्थानीय रिफाइनरियां मांग पूरी कर देंगी। लेकिन बाद में रिफाइनरियों ने बिना समन्वय के नई वितरण प्रणाली लागू कर दी, जिससे कंपनियों को अपेक्षा से कम मात्रा में उत्पाद मिल रहे हैं।
OMAP ने चेतावनी दी है कि फिलहाल वैकल्पिक आपूर्ति स्रोत आसानी से उपलब्ध नहीं हैं। इस कारण, बाजार में ईंधन की स्थिर उपलब्धता बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।











