पश्चिम एशिया में अमेरिका और इजरायल के हमलों के बीच ईरान ने अपना कड़ा रुख बनाए रखा है। अमेरिका की संभावित जमीनी कार्रवाई को लेकर ईरान ने चेतावनी दी है कि यह उनके लिए बेहद खतरनाक साबित होगा।
World News: Iran ने अमेरिका और Israel के लगातार हमलों के बावजूद अपने रुख को सख्त बनाए रखा है। ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने कहा है कि उनका देश अमेरिका के जमीनी हमले के लिए पूरी तरह तैयार है। अराघची की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब खबरें हैं कि अमेरिका और इजरायल ईरान में जमीनी अभियान के लिए सैनिकों की तैनाती की तैयारी कर रहे हैं।
अमेरिकी ब्रॉडकास्टर NBC के साथ एक इंटरव्यू में ईरानी विदेश मंत्री ने अमेरिका के साथ किसी भी बातचीत से साफ इनकार कर दिया। इस बयान ने क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा दिया है और वैश्विक सुरक्षा पर भी चिंता बढ़ा दी है।
अमेरिका के संभावित जमीनी हमले पर ईरान की चेतावनी
ईरान के विदेश मंत्री ने NBC के साथ इंटरव्यू में कहा कि अमेरिका का कोई भी जमीनी अभियान ईरान के लिए चुनौतीपूर्ण होगा। अराघची ने बताया कि ईरान की फोर्स लंबे समय से युद्ध की तैयारी कर रही है और जो भी देश इसे बढ़ाने की कोशिश करेगा, उसके लिए यह "दलदल" बन जाएगा। उन्होंने कहा, हम उनका इंतजार कर रहे हैं। हमें भरोसा है कि हम उनका सामना कर सकते हैं।
यह उनके लिए बड़ी मुसीबत होगी। अराघची ने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका और इज़राइल के हमलों के बावजूद ईरान ने कभी भी सीजफायर की मांग नहीं की।

जून के इजरायली हमले का उदाहरण
ईरानी विदेश मंत्री ने बीते जून के इजरायली हमले का उल्लेख करते हुए बताया कि उस समय भी ईरान ने कोई सीजफायर की पेशकश नहीं की थी। जून 2025 में इजरायल ने 12 दिनों तक ईरान पर हमले किए, जिसमें ईरान की मिलिट्री लीडरशिप और परमाणु वैज्ञानिकों को निशाना बनाया गया। उस दौरान अमेरिका ने ईरान की परमाणु सुविधाओं पर एयरस्ट्राइक की थी।
अराघची ने कहा, पिछली बार भी हमने सीजफायर के लिए नहीं कहा था। हम लगातार उनके हमलों का मुकाबला कर रहे थे। आखिरकार, इजरायल ही बिना शर्त सीजफायर पर तैयार हुआ था।
अमेरिका के साथ बातचीत से इनकार
ईरानी विदेश मंत्री ने अमेरिका के साथ किसी भी नई बातचीत से इनकार किया। अराघची ने कहा कि अमेरिका ने पिछली बार बातचीत के दौरान ही हमला किया था, जिससे ईरान के लिए भरोसा करना मुश्किल हो गया। उन्होंने कहा, सच तो यह है कि अमेरिका के साथ बातचीत का कोई अच्छा अनुभव नहीं है। हमने पिछले साल और इस साल दो बार बातचीत की और बातचीत के बीच में ही हम पर हमला किया गया। इसलिए हमें उनसे फिर कभी वार्ता करने का कोई कारण नहीं दिखता।
अराघची का यह बयान अमेरिका को स्पष्ट चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है कि किसी भी तरह का जमीनी अभियान ईरान के लिए बेहद जोखिमपूर्ण होगा। विशेषज्ञों के अनुसार, ईरान की सेना इस समय पूरी तरह तैयार है और किसी भी संभावित अमेरिकी या इजरायली हमला का प्रभावी जवाब देने की क्षमता रखती है। ईरान की रणनीति में सिर्फ आक्रामक प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि सुरक्षा के लिए क्षेत्रीय गहराई और तैयारियों का व्यापक नेटवर्क शामिल है।
ईरान की यह स्थिति अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकती है, खासकर यदि जमीनी अभियान शुरू होता है। अराघची के शब्दों के अनुसार, किसी भी कदम से पहले अमेरिका को कई जोखिमों का सामना करना पड़ेगा।










