Munmun Dutta: शूटिंग न होने पर कैसा दिखता है ‘तारक मेहता’ का सेट? मुनमुन दत्ता बोलीं- ‘भूतिया सा लगता है’

Munmun Dutta: ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ की बबीता जी यानी मुनमुन दत्ता ने खाली सेट की झलक दिखाई। उन्होंने बताया कि शूटिंग न होने पर सेट उन्हें ‘भूतिया सा’ लगता

‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ का नाम आते ही गोकुलधाम सोसाइटी, वहां की चहल-पहल और शो की मस्ती भरी दुनिया याद आ जाती है। लेकिन शूटिंग खत्म होने के बाद यही सेट कैसा दिखाई देता है, इसकी झलक अभिनेत्री मुनमुन दत्ता ने अपने फैंस को दिखाई थी।

एंटरटेनमेंट न्यूज़: टेलीविजन का लोकप्रिय कॉमेडी शो ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ लंबे समय से दर्शकों का मनोरंजन करता आ रहा है। शो में गोकुलधाम सोसाइटी की चहल-पहल, कलाकारों की मजेदार नोकझोंक और रोजमर्रा की कहानियां दर्शकों को खासा पसंद आती हैं। हालांकि, पर्दे पर हमेशा जीवंत नजर आने वाला यह सेट शूटिंग न होने पर बिल्कुल अलग दिखाई देता है।

शो में बबीता अय्यर का किरदार निभाने वाली अभिनेत्री मुनमुन दत्ता ने अपने फैंस को सेट के इसी शांत और खाली रूप की झलक दिखाई थी। अभिनेत्री ने शूटिंग न होने के दौरान सेट के माहौल को लेकर मजाकिया अंदाज में अपनी बात रखी। हालांकि, जिस वीडियो का जिक्र किया गया है, वह अब सोशल मीडिया पर उपलब्ध नहीं है।

खाली सेट को लेकर मुनमुन दत्ता ने क्या कहा?

मुनमुन दत्ता ने जो वीडियो साझा किया था, उसमें शो के सेट पर शूटिंग होती नजर नहीं आ रही थी। आमतौर पर कलाकारों और क्रू की मौजूदगी से व्यस्त रहने वाली जगहें उस समय काफी शांत दिखाई दे रही थीं। वीडियो के साथ अभिनेत्री ने मजाकिया अंदाज में लिखा था कि जब शूटिंग नहीं होती, तो यह सेट उन्हें भूतिया सा लगता है। उनके इस अंदाज ने दर्शकों को शो की दुनिया का एक अलग पहलू दिखाया। कैमरे के सामने जिस सेट पर लगातार गतिविधियां होती रहती हैं, शूटिंग रुकने के बाद वही जगह काफी खाली और सुनसान नजर आती है।

मुनमुन की पोस्ट से यह भी पता चलता है कि कलाकारों के लिए शूटिंग सेट केवल काम करने की जगह नहीं, बल्कि लंबे समय से जुड़ी यादों का हिस्सा भी होता है।

करीब 18 साल से शो का हिस्सा हैं मुनमुन

मुनमुन दत्ता ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ के शुरुआती दौर से ही शो से जुड़ी हुई हैं। वह लंबे समय से बबीता कृष्णन सुब्रमण्यम अय्यर का किरदार निभा रही हैं। बबीता के किरदार ने उन्हें टेलीविजन दर्शकों के बीच खास पहचान दिलाई है। लगभग 18 वर्षों के इस सफर के दौरान अभिनेत्री ने सेट पर अपने करियर का एक बड़ा हिस्सा बिताया है। उन्होंने पहले भी सेट से जुड़ी यादों और अपने अनुभवों के बारे में सोशल मीडिया पर बात की है।

मुनमुन के मुताबिक, शूटिंग के बीच सेट पर घूमते समय उन्हें पुराने दिनों की याद आती है। इन जगहों से जुड़ी यादें उन्हें यह एहसास कराती हैं कि उनकी जिंदगी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा इसी सेट पर बीता है। अभिनेत्री ने इस लंबे सफर का हिस्सा बनने के लिए खुद को भाग्यशाली भी बताया।

एक गाने ने मुनमुन को कर दिया भावुक

सेट से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो साझा करते समय मुनमुन दत्ता ने एक फोटो के साथ ‘सावन बीतो जाए’ गाना भी लगाया था। उन्होंने बताया था कि यह गीत उनके दिल के बेहद करीब है। अभिनेत्री के अनुसार, इस गाने को सुनने के बाद आज भी उनकी आंखों में आंसू आ जाते हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि शो के सेट और उससे जुड़ी यादें उनके लिए कितनी भावनात्मक अहमियत रखती हैं।

महिलाओं की भूमिका को लेकर भी रख चुकी हैं राय

‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ के 18 वर्ष पूरे होने के अवसर पर मुनमुन दत्ता ने टेलीविजन इंडस्ट्री में महिलाओं के साथ होने वाले व्यवहार पर भी अपनी राय साझा की थी। उन्होंने कहा था कि कई कार्यस्थलों पर महिलाओं को पुरुषों के बराबर महत्व नहीं मिलता, लेकिन इस शो के सेट पर महिला कलाकारों को भी समान सम्मान और अहमियत दी जाती है। उनके इस बयान ने शो के कार्यस्थल के माहौल और कलाकारों के अनुभवों पर ध्यान आकर्षित किया।

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