जनवरी 2026 में AMFI लार्जकैप और मिडकैप शेयरों की नई सूची जारी करेगा। लार्जकैप का कट-ऑफ 1.05 लाख करोड़ रुपये और मिडकैप 34,800 करोड़ रुपये तक बढ़ सकता है। निवेशकों को पोर्टफोलियो रणनीति अपडेट करनी होगी।
Mutual Funds: जनवरी के पहले सप्ताह में म्युचुअल फंड निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण अपडेट आने वाला है। एसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) जनवरी में लार्जकैप, मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों की नई सूची जारी करेगा। इस नई सूची के साथ म्युचुअल फंड्स के लिए पात्र शेयरों का बाजार पूंजीकरण (market capitalization) कट-ऑफ बढ़ सकता है। खासकर लार्जकैप और मिडकैप यूनिवर्स में यह बढ़ोतरी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
लार्जकैप शेयरों का नया कट-ऑफ
नुवामा अल्टरनेटिव ऐंड क्वांटिटेटिव रिसर्च की रिपोर्ट के अनुसार लार्जकैप शेयरों के लिए मौजूदा कट-ऑफ 91,572 करोड़ रुपये है। जनवरी 2026 में यह लगभग 15 प्रतिशत बढ़कर 1.05 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। ध्यान देने योग्य बात यह है कि जनवरी 2025 में भी लार्जकैप का कट-ऑफ पहले ही 1 लाख करोड़ रुपये से ऊपर जा चुका था। लार्जकैप शेयरों में यह बढ़ोतरी बाजार की वर्तमान स्थिरता और बड़े निवेशकों की रुचि को दर्शाती है।
मिडकैप शेयरों में भी बढ़त
मिडकैप शेयरों के लिए भी कट-ऑफ बढ़ने की संभावना है। रिपोर्ट में अनुमान जताया गया है कि मौजूदा 30,756 करोड़ रुपये की तुलना में यह 34,800 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से नई लिस्टिंग वाले शेयरों को मिडकैप यूनिवर्स में शामिल करने के लिए की जा रही है। इस बदलाव से मिडकैप निवेशकों को नए अवसर मिल सकते हैं और मिड-साइज कंपनियों की लिस्टिंग में अधिक तरक्की देखने को मिलेगी।
AMFI की समीक्षा प्रक्रिया
AMFI हर साल जनवरी और जुलाई में पिछले छह महीने के शेयर प्रदर्शन के आधार पर लार्जकैप, मिडकैप और स्मॉलकैप की सूची संशोधित करता है। इस प्रक्रिया में औसत बाजार पूंजीकरण (average market capitalization) के आधार पर टॉप 100 कंपनियों को लार्जकैप में शामिल किया जाता है। इसके बाद अगली 150 कंपनियों को मिडकैप के रूप में सूचीबद्ध किया जाता है, और बाकी शेयर स्मॉलकैप श्रेणी में रखे जाते हैं। इस प्रक्रिया से निवेशकों को यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि कौन से शेयर लंबी अवधि के लिए लार्ज या मिडकैप निवेश के लिए उपयुक्त हैं।
पिछली प्रवृत्ति और कट-ऑफ में वृद्धि
कोविड-19 महामारी के बाद से लार्जकैप और मिडकैप शेयरों के कट-ऑफ में लगातार वृद्धि देखने को मिली है। पिछले पांच साल के आंकड़ों के अनुसार लार्जकैप कट-ऑफ तीन गुना से अधिक बढ़ चुका है। जनवरी 2023 से जुलाई 2025 तक हर समीक्षा में लार्जकैप और मिडकैप दोनों का कट-ऑफ बढ़ा है। इस अवधि में बाजार में तेजी और नई कंपनियों की लिस्टिंग मुख्य कारण रहे हैं। छोटे लार्जकैप और मिडकैप शेयरों का आकार भी लगातार बढ़ता गया है, जिससे निवेशकों के लिए नई संभावनाएं खुलीं।
निवेशकों के लिए असर
इस नए रिक्लासिफिकेशन का सबसे बड़ा असर म्युचुअल फंड्स के पोर्टफोलियो पर पड़ेगा। बड़े और मझोले आकार के शेयरों के कट-ऑफ बढ़ने से फंड मैनेजरों को अपने निवेश रणनीति में बदलाव करना पड़ सकता है। निवेशक भी इस बदलाव को ध्यान में रखकर म्युचुअल फंड्स में अपनी निवेश योजना को अपडेट कर सकते हैं।
लंबी अवधि के अवसर
लार्जकैप और मिडकैप में कट-ऑफ बढ़ने के बावजूद ये शेयर लंबी अवधि के निवेश के लिए आकर्षक बने हुए हैं। लार्जकैप शेयर स्थिर रिटर्न देने में सक्षम हैं, जबकि मिडकैप शेयर तेज ग्रोथ की संभावनाओं के कारण निवेशकों को अच्छा रिटर्न दे सकते हैं। नए रिक्लासिफिकेशन से निवेशक अपनी पोर्टफोलियो विविधता (portfolio diversification) बढ़ा सकते हैं।











