National Senior Federation Athletics Championships: भारतीय एथलीटों का दमदार प्रदर्शन, एक दिन में टूटे कई राष्ट्रीय रिकॉर्ड

National Senior Federation Athletics Championships में भारतीय एथलीटों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एक ही दिन में कई राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ दिए। ट्रैक और फील्ड

रांची के Birsa Munda Stadium में आयोजित नेशनल सीनियर फेडरेशन एथलेटिक्स चैंपियनशिप का दूसरा दिन भारतीय एथलेटिक्स के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ। इस दौरान खिलाड़ियों ने कई पुराने राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ते हुए शानदार प्रदर्शन किया।

स्पोर्ट्स न्यूज़: भारतीय एथलेटिक्स के इतिहास में 23 मई का दिन लंबे समय तक याद रखा जाएगा। National Senior Federation Athletics Championships के दौरान भारतीय खिलाड़ियों ने ऐसा प्रदर्शन किया जिसने न केवल राष्ट्रीय रिकॉर्ड बुक को बदल दिया, बल्कि एशियाई और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत की नई पहचान बनाई। रांची के Birsa Munda Stadium में आयोजित इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता के दूसरे दिन कई भारतीय एथलीटों ने दशकों पुराने रिकॉर्ड तोड़ते हुए इतिहास रच दिया।

सबसे अधिक चर्चा 100 मीटर स्प्रिंट में Gurindervir Singh के प्रदर्शन की रही। उन्होंने 10.09 सेकंड में दौड़ पूरी कर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बना दिया। यह प्रदर्शन इस वर्ष एशिया में दूसरा सबसे तेज समय माना जा रहा है। भारतीय स्प्रिंटिंग इतिहास में यह उपलब्धि बेहद खास मानी जा रही है, क्योंकि लंबे समय से भारत को पुरुषों की 100 मीटर स्पर्धा में विश्व स्तर की प्रतिस्पर्धा देने वाला धावक तलाश था।

गुरिंदरवीर सिंह की इस उपलब्धि ने भारतीय ट्रैक एंड फील्ड के भविष्य को लेकर नई उम्मीदें जगाई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वह इसी लय को बनाए रखते हैं, तो आने वाले वर्षों में भारत को ओलंपिक और विश्व चैंपियनशिप जैसे बड़े मंचों पर मजबूत प्रतिनिधित्व मिल सकता है। उनके प्रदर्शन के बाद खेल जगत के साथ-साथ राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों से भी उन्हें बधाइयों का सिलसिला शुरू हो गया।

विशाल टी.के. ने रचा नया इतिहास

पुरुषों की 400 मीटर दौड़ में Vishal T K ने भारतीय एथलेटिक्स में एक नया अध्याय जोड़ दिया। उन्होंने यह रेस 44.98 सेकंड में पूरी की और 45 सेकंड से कम समय में 400 मीटर दौड़ पूरी करने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए। यह प्रदर्शन इस वर्ष एशिया का सर्वश्रेष्ठ समय भी माना जा रहा है। 22 वर्षीय विशाल टी.के., जो तमिलनाडु से आते हैं, पिछले कुछ समय से लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। 

इससे पहले उन्होंने चेन्नई में आयोजित एक प्रतियोगिता में 45.12 सेकंड का समय निकालकर राष्ट्रीय रिकॉर्ड अपने नाम किया था। अब उन्होंने अपने ही रिकॉर्ड को तोड़ते हुए भारतीय एथलेटिक्स को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है। विशाल के इस प्रदर्शन का एक बड़ा महत्व यह भी है कि उन्होंने 2026 Commonwealth Games के लिए क्वालीफाई कर लिया है। उनके समय को देखते हुए विशेषज्ञ अब उन्हें आगामी एशियाई और वैश्विक प्रतियोगिताओं में भारत के मजबूत दावेदारों में शामिल कर रहे हैं।

डेकाथलॉन में तेजस्विन शंकर का ऐतिहासिक प्रदर्शन

भारतीय एथलेटिक्स में बहु-प्रतिभा वाले खिलाड़ियों की सूची में Tejaswin Shankar का नाम अब और अधिक मजबूती से जुड़ गया है। उन्होंने डेकाथलॉन में 8057 अंक हासिल कर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बना दिया। इसके साथ ही वह 8000 अंक का आंकड़ा पार करने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए हैं। तेजस्विन ने अपना ही पुराना रिकॉर्ड तोड़ते हुए यह उपलब्धि हासिल की। इससे पहले उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 7063 अंक था। 

डेकाथलॉन को एथलेटिक्स की सबसे कठिन स्पर्धाओं में गिना जाता है, क्योंकि इसमें खिलाड़ियों को 10 अलग-अलग खेलों में प्रदर्शन करना पड़ता है। ऐसे में 8000 से अधिक अंक हासिल करना किसी भी एथलीट के लिए बड़ी उपलब्धि माना जाता है। इस प्रदर्शन के बाद तेजस्विन शंकर एशिया के शीर्ष डेकाथलॉन खिलाड़ियों में शामिल हो गए हैं। वर्तमान रैंकिंग के अनुसार उन्होंने महाद्वीप में सातवां स्थान हासिल किया है, जो भारतीय एथलेटिक्स के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

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