NCP (SP) प्रमुख शरद पवार की तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद उन्हें पुणे के रूबी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बुखार और गले के इन्फेक्शन की शिकायत के चलते डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है। उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
Mumbai: महाराष्ट्र की राजनीति से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है। NCP (SP) पार्टी के प्रमुख और वरिष्ठ नेता शरद पवार की तबीयत अचानक बिगड़ गई है। स्वास्थ्य में आई गिरावट के बाद उन्हें पुणे के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस खबर के सामने आते ही राजनीतिक हलकों में चिंता का माहौल बन गया है। शरद पवार लंबे समय से सक्रिय राजनीति में रहे हैं और उनकी तबीयत से जुड़ी हर जानकारी पर देश भर की नजर रहती है।
पुणे के रूबी अस्पताल में भर्ती
मिली जानकारी के मुताबिक शरद पवार को पुणे के रूबी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि उन्हें बुखार और गले में इन्फेक्शन की शिकायत थी। इसके साथ ही जुखाम, खांसी और सांस लेने में तकलीफ की भी समस्या सामने आई थी। इन लक्षणों को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती करने की सलाह दी। फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है और डॉक्टरों की एक टीम उनकी निगरानी कर रही है।
परिवार की मौजूदगी से बढ़ा भरोसा
शरद पवार के अस्पताल में भर्ती होने के दौरान उनकी बेटी और सांसद सुप्रिया सुले उनके साथ मौजूद हैं। इसके अलावा उनकी पत्नी प्रतिभा पवार भी अस्पताल में उनके पास हैं। परिवार के करीबी सदस्यों की मौजूदगी से समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं को कुछ हद तक राहत मिली है। अस्पताल प्रशासन की ओर से भी बताया गया है कि शरद पवार को आवश्यक medical care दी जा रही है और सभी जरूरी जांच की जा रही हैं।

उम्र और सेहत को लेकर चिंता
शरद पवार की उम्र 85 साल है। इस उम्र में किसी भी तरह की स्वास्थ्य समस्या स्वाभाविक रूप से चिंता का विषय बन जाती है। वह वर्तमान में राज्यसभा के सदस्य भी हैं और सक्रिय राजनीतिक गतिविधियों में हिस्सा लेते रहे हैं। बीते वर्षों में भी उनकी सेहत को लेकर समय समय पर खबरें सामने आती रही हैं, लेकिन हर बार उन्होंने मजबूती से वापसी की है। इस बार भी उनके समर्थकों को जल्द स्वस्थ होने की उम्मीद है।
शरद पवार का लंबा राजनीतिक सफर
शरद पवार को भारतीय राजनीति के सबसे अनुभवी नेताओं में गिना जाता है। वह नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी के संस्थापक रहे हैं और महाराष्ट्र की राजनीति में उनका प्रभाव लंबे समय तक बना रहा है। उन्होंने केंद्र और राज्य दोनों स्तरों पर कई अहम जिम्मेदारियां निभाई हैं। उनकी राजनीतिक समझ और रणनीति की चर्चा सिर्फ महाराष्ट्र तक सीमित नहीं रही, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति में भी उनका खास स्थान रहा है।
NCP में टूट के बाद नई शुरुआत
कुछ साल पहले नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी में बड़ा राजनीतिक विभाजन देखने को मिला था। बड़ी संख्या में पार्टी के नेता महायुति गठबंधन के साथ चले गए थे। इसके बाद शरद पवार ने अपनी नई पार्टी NCP (शरद चंद्र पवार) का गठन किया। नए चुनाव चिह्न के साथ उन्होंने एक बार फिर राजनीतिक मैदान में उतरकर यह दिखाया कि उम्र उनके हौसले को कमजोर नहीं कर सकी है। इस नई पार्टी के जरिए उन्होंने अपने समर्थकों को एकजुट रखने की कोशिश की।










