दिल्ली-NCR में ठंड और प्रदूषण का असर नए साल में भी बना हुआ है। कई इलाकों में AQI गंभीर स्तर पर पहुंच गया है। IMD ने शीत लहर और घने कोहरे को लेकर येलो अलर्ट जारी किया।
New Delhi: दिल्ली-NCR के लोगों के लिए नए साल की शुरुआत राहत भरी नहीं रही है। राजधानी और आसपास के इलाकों में ठंड और प्रदूषण का डबल अटैक लगातार जारी है। सुबह और रात के समय कड़ाके की ठंड के साथ-साथ हवा की गुणवत्ता भी चिंता बढ़ा रही है। कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स यानी AQI ‘बहुत खराब’ से ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंच चुका है। इसी बीच भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने शीत लहर और घने कोहरे को लेकर येलो अलर्ट जारी कर दिया है।
नए साल में भी मौसम ने नहीं दी राहत
नए साल के शुरुआती दिनों में भले ही आसमान कुछ समय के लिए साफ नजर आया, लेकिन ठंड और प्रदूषण की समस्या जस की तस बनी हुई है। शनिवार के बाद रविवार को भी दिल्ली-NCR में ठंडक बनी रही। दिन के समय धूप कमजोर रही, जबकि सुबह और शाम के समय ठिठुरन ने लोगों को परेशान किया। ठंडी हवाओं के चलते तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया जा रहा है, जिससे सर्दी का असर और तेज महसूस हो रहा है।
IMD का येलो अलर्ट और शीत लहर की चेतावनी
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर और मध्य भारत में शीत लहर (Cold Wave) और तेज होने के आसार हैं। दिल्ली-NCR में रविवार को न्यूनतम तापमान 6 से 8 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। सुबह के समय मध्यम से घने कोहरे (Dense Fog) की संभावना को देखते हुए IMD ने येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने साफ कहा है कि अगले कुछ दिनों तक ठंड से राहत मिलने की संभावना कम है।
शनिवार को ठंड के बीच बदला मौसम का मिजाज

शनिवार को हवा की रफ्तार कुछ बढ़ने के कारण कोहरे का असर थोड़ा कम जरूर रहा, लेकिन ठंड का असर कम नहीं हुआ। कुछ इलाकों में हल्का कोहरा देखा गया, जबकि दिन में थोड़ी देर के लिए धूप निकली। इसके बावजूद बादल छाए रहने से दोपहर के बाद ठंड और बढ़ गई। कई इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य से 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक कम दर्ज किया गया।
तापमान के आंकड़े क्या कहते हैं
शनिवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान 17.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से करीब 2 डिग्री कम रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 8.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के मुताबिक, 4 से 7 जनवरी के बीच दिल्ली के कई इलाकों में शीत लहर की स्थिति बनी रह सकती है। जब न्यूनतम तापमान मौसमी औसत से 4.5 से 6.5 डिग्री सेल्सियस तक कम हो जाता है, तब शीत लहर घोषित की जाती है।
प्रदूषण के मोर्चे पर हालात अब भी चिंताजनक
ठंड के साथ-साथ प्रदूषण ने भी दिल्ली-NCR के लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, रविवार सुबह दिल्ली का औसत AQI 297 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। इससे एक दिन पहले यानी शनिवार को 24 घंटे का औसत AQI 267 रहा था। साफ है कि हवा की गुणवत्ता में कोई खास सुधार नहीं हुआ है।
प्रदूषण के पीछे कौन से कारण जिम्मेदार

डिसीजन सपोर्ट सिस्टम (DSS) के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली के प्रदूषण में सबसे बड़ा योगदान वाहनों से निकलने वाले धुएं का रहा है। वाहनों का योगदान 10.7 प्रतिशत दर्ज किया गया। इसके अलावा आसपास की औद्योगिक इकाइयों से 10.5 प्रतिशत, निर्माण गतिविधियों से 1.6 प्रतिशत और अन्य स्रोतों से 0.8 प्रतिशत प्रदूषण बढ़ा है। ठंड और हवा की धीमी गति के कारण प्रदूषक कण वातावरण में ही फंसे रहते हैं, जिससे हालात और बिगड़ जाते हैं।
रविवार सुबह किन इलाकों में हालात सबसे खराब
रविवार सुबह दिल्ली-NCR के कई प्रमुख इलाकों में वायु गुणवत्ता बेहद खराब बनी रही। उत्तरी दिल्ली के इलाकों में प्रदूषण का स्तर सबसे ज्यादा दर्ज किया गया। रोहिणी में AQI 343 रहा, जहांगीरपुरी में 323, दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (DTU) क्षेत्र में 319 और नरेला में 311 AQI दर्ज किया गया। ये सभी इलाके ‘गंभीर’ (Severe) श्रेणी में आते हैं, जहां सांस लेना तक मुश्किल हो सकता है।
अन्य इलाकों की वायु गुणवत्ता स्थिति
शादीपुर में AQI 279, चांदनी चौक में 269 और अलीपुर में 248 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ (Very Poor) श्रेणी में है। वहीं दिल्ली से सटे इलाकों में हालात थोड़े बेहतर जरूर रहे, लेकिन संतोषजनक नहीं कहे जा सकते। वसुंधरा में AQI 238, गुरुग्राम के विकास सदन इलाके में 234 और नोएडा के सेक्टर-125 में 201 AQI दर्ज किया गया, जो अब भी ‘खराब’ (Poor) श्रेणी में है।
स्वास्थ्य पर बढ़ता खतरा
इतना अधिक प्रदूषण खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। डॉक्टरों के मुताबिक, ‘गंभीर’ AQI स्तर पर सांस की तकलीफ, आंखों में जलन, गले में खराश और हृदय संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। लंबे समय तक ऐसी हवा में रहने से फेफड़ों पर भी बुरा असर पड़ सकता है।











