नए साल से पहले बड़ी सौगात, दिल्ली मेट्रो में जुड़ेंगे 13 नए स्टेशन, फेज 5A को कैबिनेट की हरी झंडी

नए साल से पहले बड़ी सौगात, दिल्ली मेट्रो में जुड़ेंगे 13 नए स्टेशन, फेज 5A को कैबिनेट की हरी झंडी

दिल्ली-एनसीआर के लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। केंद्र सरकार ने दिल्ली मेट्रो के चरण 5ए को मंजूरी दे दी है। इस चरण में 13 नए स्टेशन बनेंगे। 12,015 करोड़ रुपये की लागत से 16 किलोमीटर लंबी लाइन बिछेगी, जिससे मेट्रो नेटवर्क 400 किलोमीटर से ज्यादा हो जाएगा।

New Delhi: नए साल से पहले दिल्ली-NCR के लोगों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी सौगात दी है। केंद्रीय कैबिनेट ने दिल्ली मेट्रो के फेज 5A (Phase 5A) को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद राजधानी क्षेत्र में पब्लिक ट्रांसपोर्ट को और मजबूती मिलने वाली है। मेट्रो विस्तार से रोजाना सफर करने वाले लाखों लोगों को राहत मिलेगी और सड़कों पर बढ़ते ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा।

सरकार के इस फैसले को दिल्ली-NCR के शहरी विकास की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। मेट्रो नेटवर्क के बढ़ने से लोगों का समय बचेगा, ईंधन की खपत घटेगी और प्रदूषण कम करने में भी मदद मिलेगी।

फेज 5A को मिली मंजूरी

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जानकारी दी कि केंद्रीय मंत्रीमंडल ने दिल्ली मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के फेज 5A को मंजूरी दे दी है। इस चरण के तहत कुल 13 नए स्टेशन बनाए जाएंगे। पूरी परियोजना की अनुमानित लागत 12,015 करोड़ रुपये बताई गई है।

इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत करीब 16 किलोमीटर लंबी नई मेट्रो लाइन बिछाई जाएगी। इसके पूरा होते ही दिल्ली मेट्रो का कुल नेटवर्क 400 किलोमीटर के आंकड़े को पार कर जाएगा, जो इसे दुनिया के सबसे बड़े मेट्रो नेटवर्क में शामिल कर देगा।

16 किलोमीटर लंबे नए कॉरिडोर

दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) फेज 5A के तहत तीन नए कॉरिडोर विकसित करेगा। इन तीनों कॉरिडोर की कुल लंबाई लगभग 16 किलोमीटर होगी। इनका मुख्य उद्देश्य लास्ट-माइल कनेक्टिविटी (Last Mile Connectivity) को बेहतर बनाना है।

शहर के जिन इलाकों में मेट्रो कनेक्शन की कमी लंबे समय से महसूस की जा रही थी, वहां इस विस्तार से सीधा फायदा पहुंचेगा। रेजिडेंशियल एरिया, कमर्शियल ज़ोन और बड़े ट्रांजिट इंटरचेंज के बीच कनेक्शन और मजबूत होगा।

ट्रैफिक और भीड़ कम करने की दिशा में कदम

दिल्ली-NCR में बढ़ती आबादी के साथ ट्रैफिक एक बड़ी समस्या बन चुका है। सड़कों पर वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे जाम और प्रदूषण दोनों गंभीर चुनौती बन गए हैं।

मेट्रो फेज 5A के जरिए शहर के कुछ सबसे व्यस्त इलाकों में भीड़ को कम करने की योजना है। नए स्टेशन जुड़ने से लोग निजी वाहन छोड़कर मेट्रो का विकल्प अपनाने के लिए प्रोत्साहित होंगे। इससे सड़कों पर दबाव घटेगा और सफर ज्यादा सुगम बनेगा।

दिल्ली मेट्रो ने बदली शहरी जिंदगी

कैबिनेट ब्रीफिंग के दौरान केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि दिल्ली मेट्रो ने राजधानी के लोगों की जिंदगी में बड़ा बदलाव किया है। उन्होंने कहा कि मेट्रो केवल एक परिवहन साधन नहीं, बल्कि दिल्ली-NCR की लाइफलाइन बन चुकी है।

ऑफिस जाने वाले कर्मचारी, छात्र, कारोबारी और दैनिक यात्री सभी के लिए मेट्रो ने सफर को तेज, सुरक्षित और भरोसेमंद बनाया है। फेज 5A के साथ दिल्ली मेट्रो के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है।

रोजाना लाखों यात्री उठा रहे फायदा

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि औसतन रोजाना करीब 65 लाख यात्री दिल्ली मेट्रो का इस्तेमाल करते हैं। कई ऐसे पीक डे भी होते हैं, जब यह संख्या 80 लाख तक पहुंच जाती है।

यह आंकड़ा दिखाता है कि दिल्ली मेट्रो पर लोगों का भरोसा कितना मजबूत है। नेटवर्क के विस्तार से यह संख्या और बढ़ने की उम्मीद है, क्योंकि नए इलाकों को मेट्रो से सीधा कनेक्शन मिलेगा।

निर्माण कार्य की टाइमलाइन

दिल्ली मेट्रो रेल प्रोजेक्ट फेज 5A के निर्माण की अनुमानित अवधि तीन साल तय की गई है। अधिकारियों के अनुसार निर्माण कार्य ज्यादातर अंडरग्राउंड होगा। इसके लिए टनल बोरिंग मशीन (Tunnel Boring Machine) का इस्तेमाल किया जाएगा।

इस तकनीक का फायदा यह होगा कि निर्माण के दौरान सड़क यातायात पर कम से कम असर पड़ेगा। पहले के अनुभवों से यह साफ है कि DMRC ने अंडरग्राउंड प्रोजेक्ट्स को तय समय में पूरा करने की क्षमता दिखाई है।

रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा

मेट्रो विस्तार का फायदा सिर्फ यात्रियों तक सीमित नहीं रहेगा। इस परियोजना से हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। निर्माण कार्य, इंजीनियरिंग, तकनीकी सेवाएं और सप्लाई चेन से जुड़े सेक्टर में नई संभावनाएं खुलेंगी।

इसके साथ ही मेट्रो स्टेशनों के आसपास कमर्शियल गतिविधियां बढ़ेंगी। रियल एस्टेट, रिटेल और सर्विस सेक्टर को भी इससे गति मिलने की उम्मीद है।

पर्यावरण के लिहाज से अहम प्रोजेक्ट

दिल्ली-NCR में प्रदूषण एक गंभीर समस्या बनी हुई है। सरकार का मानना है कि पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मजबूत करना प्रदूषण कम करने का सबसे प्रभावी तरीका है।

मेट्रो जैसे इलेक्ट्रिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम से कार्बन उत्सर्जन घटता है। फेज 5A के जरिए ज्यादा लोग मेट्रो से जुड़ेंगे, जिससे निजी वाहनों पर निर्भरता कम होगी और हवा की गुणवत्ता सुधारने में मदद मिलेगी।

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