नेपाल में विनाशकारी बाढ़ के बाद PM मोदी ने बालेन शाह से की बात, भारत भेजेगा मानवीय और राहत सहायता

Nepal Flood News: नेपाल में विनाशकारी बाढ़ के बाद PM मोदी ने बालेन शाह से फोन पर बात की। भारत ने नेपाल को मानवीय और राहत सहायता भेजने का भरोसा दिया

नेपाल और चीन की सीमा से लगे इलाकों में आई अचानक भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी है। शुरुआती रिपोर्टों में करीब 98 लोगों की मौत और 300 से अधिक विदेशी पर्यटकों के लापता होने की जानकारी सामने आई थी, जिनमें कम से कम 105 भारतीय नागरिक शामिल बताए गए।

नई दिल्ली: नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। नेपाल और चीन सीमा से जुड़े इलाकों में अचानक आई भीषण बाढ़ ने बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान पहुंचाया है। मृतकों और लापता लोगों की संख्या को लेकर अलग-अलग रिपोर्टें सामने आ रही हैं, जबकि बचाव एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों में लगातार राहत अभियान चला रही हैं। बताया जा रहा है कि कई विदेशी पर्यटक भी लापता हैं, जिनमें बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक शामिल होने की आशंका है।

इस मानवीय संकट के बीच भारत ने नेपाल को हरसंभव सहायता देने का भरोसा दिलाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह से बातचीत कर बाढ़ से हुई तबाही और जान-माल के नुकसान पर गहरी संवेदना व्यक्त की।

PM मोदी ने नेपाल को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के नेतृत्व से बातचीत के दौरान कहा कि इस कठिन समय में भारत नेपाल के लोगों के साथ मजबूती से खड़ा है। उन्होंने बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए मानवीय सहायता और राहत सामग्री उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया के माध्यम से भी नेपाल में हुई तबाही पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि भारत और नेपाल के बीच ऐतिहासिक एवं सामाजिक संबंध हैं और संकट की इस घड़ी में भारत नेपाल के भाई-बहनों के साथ एकजुटता से खड़ा रहेगा। भारत की एजेंसियां राहत और बचाव कार्यों में सहयोग के लिए तैयार हैं।

भारत सरकार की ओर से प्रभावित क्षेत्रों तक राहत सामग्री जल्द पहुंचाने की तैयारी की जा रही है। प्राथमिकता राहत, बचाव उपकरण, चिकित्सा सहायता और जरूरतमंद लोगों तक आवश्यक सामग्री पहुंचाने पर रहेगी।

भारतीय वायुसेना के विमान से भेजी जाएगी राहत सामग्री

राहत अभियान के तहत भारतीय वायुसेना के परिवहन विमानों के जरिए नेपाल सहायता पहुंचाने की योजना बनाई गई है। जानकारी के अनुसार, एक C-17 ग्लोबमास्टर विमान राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल यानी NDRF के जवानों, राहत सामग्री और आधुनिक बचाव उपकरणों के साथ हिंडन एयरबेस से काठमांडू के लिए रवाना किया जा सकता है।

नेपाल पहुंचने के बाद राहत सामग्री और उपकरणों को स्थानीय प्रशासन की मदद से प्रभावित इलाकों तक पहुंचाया जाएगा। इसके अलावा C-130J हरक्यूलिस विमान के जरिए खाद्य सामग्री, जरूरी राहत सामान और दवाइयां भेजने की भी तैयारी की जा रही है। भारतीय सेना की विशेष पैरामेडिकल और मेडिकल टीमों को भी तैयार रखा गया है। जरूरत पड़ने पर इन विशेषज्ञ टीमों को नेपाल भेजकर चिकित्सा और आपातकालीन राहत कार्यों में लगाया जा सकता है।

भारत-नेपाल सीमा पर SSB की टीमें अलर्ट

नेपाल में बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए भारत ने सीमा क्षेत्रों में भी सतर्कता बढ़ा दी है। रिपोर्टों के अनुसार, सशस्त्र सीमा बल यानी SSB ने बचाव और राहत कार्यों के लिए कई विशेष टीमें तैनात की हैं। भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर मौजूद यूनिट्स को हाई अलर्ट पर रखा गया है। नेपाल की बाढ़ का असर भारत के सीमावर्ती राज्यों, विशेष रूप से बिहार, पर पड़ने की आशंका को देखते हुए स्थानीय प्रशासन भी सतर्क है। नेपाल से आने वाली नदियों के जलस्तर और संभावित बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

भोटेकोशी और उत्तरी रसुवा क्षेत्र में भारी नुकसान

नेपाल में अचानक आई बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में भोटेकोशी नदी के आसपास के इलाके और उत्तरी रसुवा क्षेत्र शामिल बताए जा रहे हैं। तेज बहाव के कारण कई सड़कें, वाहन और इमारतें क्षतिग्रस्त या बह गईं। कुछ सुरक्षा कर्मियों के लापता होने की भी खबरें सामने आई हैं। नेपाल की बिजली व्यवस्था को भी नुकसान पहुंचने की सूचना है। 

नेपाल विद्युत प्राधिकरण के अनुसार, कई महत्वपूर्ण जलविद्युत परियोजनाओं और ट्रांसमिशन लाइनों को नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा बाढ़ और भूस्खलन के कारण कई प्रमुख राजमार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ है और कुछ सड़कों को सुरक्षा कारणों से बंद करना पड़ा है।

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