Neuralink पर एलन मस्क का दावा, क्या दिमाग से पूरे शरीर को किया जा सकेगा कंट्रोल

Neuralink पर एलन मस्क का दावा, क्या दिमाग से पूरे शरीर को किया जा सकेगा कंट्रोल

एलन मस्क की कंपनी Neuralink ने ब्रेन कंप्यूटर इंटरफेस तकनीक के जरिए लकवे और दृष्टिहीनता जैसी गंभीर समस्याओं के इलाज की दिशा में बड़ा दावा किया है। मस्क के अनुसार, यह तकनीक दिमाग और शरीर के बीच टूटा कनेक्शन जोड़कर मूवमेंट और नजर लौटाने में मदद कर सकती है।

Elon Musk Neuralink: दुनिया के मशहूर उद्योगपति एलन मस्क ने अमेरिका में Neuralink तकनीक को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा है कि इसके जरिए भविष्य में लकवे से पीड़ित लोगों के पूरे शरीर की कार्यक्षमता दोबारा लौटाई जा सकती है। यह दावा हाल के दिनों में, Neuralink के मानव परीक्षणों और FDA से मिले अहम दर्जे के बाद सामने आया है। यह तकनीक दिमाग के मोटर कॉर्टेक्स पर काम करती है और रीढ़ की हड्डी में क्षति के कारण टूटे दिमाग-शरीर कनेक्शन को दोबारा जोड़ने का प्रयास करती है, जिससे गंभीर न्यूरोलॉजिकल मरीजों को नई उम्मीद मिल रही है।

कैसे काम करती है Neuralink की तकनीक

Neuralink का यह ब्रेकथ्रू दिमाग के उस हिस्से पर आधारित है जिसे मोटर कॉर्टेक्स कहा जाता है। यही हिस्सा हमारे शरीर की मूवमेंट को नियंत्रित करता है। जब रीढ़ की हड्डी में किसी जगह नसें कट जाती हैं, तो दिमाग के सिग्नल शरीर तक नहीं पहुंच पाते और व्यक्ति पैरालाइज्ड हो जाता है।

एलन मस्क के मुताबिक, Neuralink का सिस्टम दिमाग से निकलने वाले सिग्नल को उस क्षतिग्रस्त हिस्से को बायपास करके आगे भेजने का काम करता है। यानी दिमाग और शरीर के बीच दोबारा कम्युनिकेशन स्थापित किया जाता है। मस्क का दावा है कि इसी तकनीक के जरिए पूरे शरीर की कार्यक्षमता लौटाई जा सकती है।

N1 इम्प्लांट और इंसानों पर टेस्टिंग

Neuralink ने इस तकनीक की घोषणा साल 2022 में की थी और उसी साल इंसानों पर इसके ट्रायल भी शुरू कर दिए गए थे। कंपनी का N1 इम्प्लांट एक छोटे चिप की तरह होता है, जिसे खोपड़ी की हड्डी के एक हिस्से की जगह लगाया जाता है। यह चिप बेहद पतले धागों जैसे इलेक्ट्रोड्स के जरिए सीधे दिमाग से जुड़ती है।

कंपनी के अनुसार, N1 इम्प्लांट में कुल 1,024 इलेक्ट्रोड्स होते हैं, जो 64 अल्ट्रा-थिन थ्रेड्स में बंटे रहते हैं। ये इलेक्ट्रोड्स दिमाग के सिग्नल को पढ़ने और उन्हें आगे भेजने का काम करते हैं। सितंबर में Neuralink ने बताया था कि अब तक 12 मरीजों में यह डिवाइस सफलतापूर्वक इम्प्लांट की जा चुकी है।

नजर लौटाने की दिशा में भी बड़ा कदम

Neuralink सिर्फ मूवमेंट तक सीमित नहीं है। कंपनी दृष्टिहीन लोगों के लिए भी एक खास ब्रेन चिप पर काम कर रही है, जिसे Blindsight नाम दिया गया है। इस डिवाइस का मकसद देखने की क्षमता खो चुके लोगों को फिर से देखने में मदद करना है।

जनवरी की शुरुआत में एलन मस्क ने बताया था कि Blindsight को सितंबर 2024 में अमेरिकी FDA से “ब्रेकथ्रू डिवाइस” का दर्जा मिल चुका है। मस्क का दावा है कि यह चिप उन लोगों के लिए भी कारगर हो सकती है, जिन्होंने जन्म से कभी देखा ही नहीं, बशर्ते उनका विजुअल कॉर्टेक्स सही स्थिति में हो।

2026 से बड़े स्तर पर उत्पादन की योजना

एलन मस्क के मुताबिक, Neuralink साल 2026 से अपने ब्रेन कंप्यूटर इंटरफेस डिवाइस का बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू करने की तैयारी में है। इसके साथ ही सर्जरी की प्रक्रिया को भी लगभग पूरी तरह ऑटोमेटेड बनाने का प्लान है, ताकि यह तकनीक ज्यादा लोगों तक आसानी से पहुंच सके।

अगर मस्क के ये दावे आने वाले वर्षों में हकीकत में बदलते हैं, तो यह मेडिकल साइंस और न्यूरोटेक्नोलॉजी के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक बदलाव साबित हो सकता है।

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