हिमाचल प्रदेश के मंडी में कीरतपुर-मनाली फोरलेन परियोजना से जुड़ी एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) मंडी बाईपास के तहत मलोरी सुरंग के ऊपर अपना आधुनिक तीन मंजिला कार्यालय भवन बनाने जा रहा है। इस भवन में परियोजना निदेशक समेत प्रमुख तकनीकी अधिकारियों के लिए छह अलग-अलग चैंबर बनाए जाएंगे। इसके अलावा कर्मचारियों के बैठने के लिए आधुनिक कार्यस्थल, बैठकों के लिए बड़ा कॉन्फ्रेंस हॉल और वाहनों की पार्किंग की सुविधा भी उपलब्ध होगी। करीब डेढ़ बीघा जमीन पर बनने वाले इस भवन का निर्माण जल्द शुरू होने की उम्मीद है। इससे फिलहाल किराये के निजी भवन में चल रहे एनएचएआई कार्यालय को अपनी स्थायी जगह मिल सकेगी।
मंडी बाईपास की मलोरी सुरंग के ऊपर प्रस्तावित यह कार्यालय भवन कीरतपुर-मनाली फोरलेन परियोजना के प्रबंधन और प्रशासनिक कामकाज के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस फोरलेन पर लगातार बढ़ती यातायात गतिविधियों, निर्माण कार्यों और तकनीकी व्यवस्थाओं के बीच एनएचएआई के अधिकारियों को परियोजना से जुड़े कामकाज के लिए व्यवस्थित कार्यालय की जरूरत है। नए भवन में अधिकारियों और कर्मचारियों के बैठने की बेहतर व्यवस्था होने से रोजमर्रा के प्रशासनिक कार्यों को सुचारु बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
फिलहाल एनएचएआई का कार्यालय मंडी के चक्कर क्षेत्र में एक निजी भवन से संचालित हो रहा है। किराये के भवन में कार्यालय चलने के कारण जगह और सुविधाओं से संबंधित कुछ व्यावहारिक दिक्कतें सामने आती रही हैं। नए भवन के निर्माण के बाद विभाग को किराये के परिसर पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। साथ ही, अधिकारियों, कर्मचारियों और विभिन्न कार्यों से कार्यालय आने वाले लोगों के लिए भी सुविधाजनक व्यवस्था विकसित की जा सकेगी।
प्रस्तावित भवन को कुल तीन मंजिला बनाया जाएगा। इसमें भूतल भी शामिल होगा। भवन के भूतल पर करीब 10 वाहनों को खड़ा करने के लिए पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी। कार्यालय में आने वाले अधिकारियों और आगंतुकों को वाहन खड़ा करने के लिए अलग से जगह तलाशने की परेशानी से राहत मिलने की उम्मीद है। मंडी जैसे व्यस्त क्षेत्र में कार्यालय के लिए निर्धारित पार्किंग उपलब्ध होना उपयोगी रहेगा।
भवन में परियोजना निदेशक यानी पीडी समेत प्रमुख तकनीकी अधिकारियों के बैठने के लिए छह अलग-अलग चैंबर बनाए जाएंगे। इससे अलग-अलग विभागीय और तकनीकी कार्यों का संचालन व्यवस्थित तरीके से किया जा सकेगा। फोरलेन परियोजना में निर्माण, गुणवत्ता, सुरक्षा, रखरखाव और अन्य तकनीकी मामलों से जुड़े अधिकारियों के बीच समन्वय की जरूरत रहती है। ऐसे में अधिकारियों के लिए अलग-अलग चैंबर और कर्मचारियों के लिए उपयुक्त कार्यस्थल कार्यालय के कामकाज को सुविधाजनक बना सकते हैं।
कार्यालय की ऊपरी मंजिलों पर कर्मचारियों के बैठने के लिए आधुनिक कार्यस्थल तैयार किया जाएगा। इसकी योजना कॉरपोरेट कार्यालयों की तर्ज पर बनाई गई है, ताकि कर्मचारियों को व्यवस्थित वातावरण मिल सके। इसके अलावा, भवन में एक बड़ा और सुसज्जित कॉन्फ्रेंस हॉल भी बनाया जाएगा। इसमें परियोजना से संबंधित उच्चस्तरीय बैठकों और समीक्षा कार्यक्रमों का आयोजन किया जा सकेगा। निर्माण कार्यों की प्रगति, तकनीकी समस्याओं और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय जैसे विषयों पर बैठक करने के लिए यह सुविधा उपयोगी हो सकती है।
कीरतपुर-मनाली फोरलेन हिमाचल प्रदेश के महत्वपूर्ण सड़क संपर्क मार्गों में शामिल है। यह मार्ग चंडीगढ़ क्षेत्र से बिलासपुर, मंडी और कुल्लू होते हुए मनाली की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए प्रमुख संपर्क उपलब्ध कराता है। पर्यटन सीजन के दौरान इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बढ़ जाती है। स्थानीय लोगों के अलावा देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले पर्यटक भी इसी मार्ग का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में फोरलेन से जुड़े निर्माण और रखरखाव के कार्यों की निगरानी करने वाली एजेंसी के लिए बेहतर कार्यालय व्यवस्था का महत्व बढ़ जाता है।
फोरलेन परियोजना के कई हिस्सों में सुरंगों, पुलों और पहाड़ी सड़कों का निर्माण किया गया है। पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण यहां भूस्खलन, भारी बारिश और भूगर्भीय परिस्थितियों से जुड़ी चुनौतियां भी सामने आती हैं। इन परिस्थितियों में सड़क की सुरक्षा और रखरखाव से जुड़े कामों के लिए तकनीकी निगरानी और संबंधित एजेंसियों के बीच तालमेल जरूरी रहता है। मंडी में प्रस्तावित नया कार्यालय एनएचएआई के प्रशासनिक कामकाज को बेहतर ढंग से संचालित करने के लिए उपयोगी आधार उपलब्ध करा सकता है।
मलोरी सुरंग के ऊपर कार्यालय भवन बनाने की योजना की औपचारिकताएं लगभग पूरी कर ली गई हैं। रिपोर्ट के अनुसार, निर्माण कार्य जल्द शुरू होने की उम्मीद है। हालांकि, निर्माण की निश्चित शुरुआत और भवन तैयार होने की समयसीमा को लेकर आधिकारिक तारीख सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कार्यालय कब तक इस्तेमाल के लिए उपलब्ध हो सकेगा।
प्रस्तावित कार्यालय मंडी जिला मुख्यालय से करीब चार किलोमीटर की दूरी पर होगा। इससे विभागीय अधिकारियों को परियोजना से जुड़े कार्यों के संचालन के लिए व्यवस्थित स्थान मिलेगा। आधुनिक सुविधाओं, छह चैंबर, पार्किंग और बड़े कॉन्फ्रेंस हॉल के साथ यह भवन एनएचएआई के प्रशासनिक ढांचे को बेहतर बनाने की दिशा में एक कदम माना जा रहा है।
कुल मिलाकर, कीरतपुर-मनाली फोरलेन पर मलोरी सुरंग के ऊपर बनने वाला तीन मंजिला एनएचएआई कार्यालय मंडी में परियोजना प्रबंधन से जुड़े कामों को व्यवस्थित करने के उद्देश्य से तैयार किया जा रहा है। करीब डेढ़ बीघा जमीन पर बनने वाले इस भवन में अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। निर्माण पूरा होने के बाद विभाग को किराये के निजी भवन से छुटकारा मिलने के साथ ही बैठकों, प्रशासनिक कार्यों और तकनीकी समन्वय के लिए स्थायी परिसर मिल सकेगा।











