बीजेपी ने बिहार के वरिष्ठ नेता और कैबिनेट मंत्री नितिन नबीन को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है। दिल्ली से शिक्षित और बिहार की राजनीति में मजबूत पकड़ रखने वाले नबीन लंबे समय से संगठन और सरकार में सक्रिय रहे हैं। उनकी नियुक्ति को पार्टी के भविष्य के नेतृत्व से जोड़कर देखा जा रहा है।
BJP Working President Nitin Nabin: भारतीय जनता पार्टी ने बिहार सरकार के कैबिनेट मंत्री और बांकीपुर से पांच बार के विधायक नितिन नबीन को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया है। यह फैसला दिल्ली में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व द्वारा संगठनात्मक बदलाव की प्रक्रिया के तहत लिया गया है। मौजूदा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को विस्तार मिला हुआ है और जनवरी 2026 में औपचारिक अध्यक्ष चुनाव की संभावना है। दिल्ली में पढ़ाई और बिहार में लंबा राजनीतिक अनुभव रखने वाले नबीन को संगठनात्मक मजबूती और भविष्य की रणनीति के लिहाज से अहम जिम्मेदारी दी गई है।
नितिन नबीन को मिली बड़ी संगठनात्मक जिम्मेदारी
बीजेपी संसदीय बोर्ड ने नितिन नबीन को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है। मौजूदा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को अभी विस्तार मिला हुआ है और पार्टी सूत्रों के मुताबिक जनवरी 2026 में औपचारिक अध्यक्ष चुनाव की प्रक्रिया पूरी हो सकती है। अप्रैल में होने वाली राष्ट्रीय परिषद की बैठक में इस पर मुहर लगने की संभावना है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी नितिन नबीन को बधाई देते हुए उन्हें मेहनती और संगठन का अनुभवी नेता बताया। पीएम ने कहा कि विधायक और मंत्री के तौर पर उनका रिकॉर्ड प्रभावशाली रहा है और संगठन में उनका योगदान अहम रहा है।

दिल्ली में पढ़ाई, बिहार में सियासी पहचान
नितिन नबीन की शिक्षा दिल्ली से हुई है। चुनावी हलफनामे के अनुसार उन्होंने 1996 में संत माइकल स्कूल से 10वीं और 1998 में सीएसकेएम पब्लिक स्कूल से 12वीं की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति को अपना रास्ता बनाया।
वह वर्तमान में बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट से विधायक हैं और राज्य सरकार में कानून एवं न्याय, शहरी विकास और आवास विभाग के मंत्री हैं। इससे पहले वह सड़क निर्माण मंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।
युवा मोर्चा से राष्ट्रीय नेतृत्व तक का सफर
नितिन नबीन का राजनीतिक सफर बीजेपी युवा मोर्चा से शुरू हुआ। वह बिहार बीजेपी युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं। उनके पिता नवीन किशोर सिन्हा भी बीजेपी से जुड़े रहे, जिससे राजनीति की समझ उन्हें विरासत में मिली।
2006 में उन्होंने पटना पश्चिम से पहला विधानसभा चुनाव जीता और बाद में बांकीपुर सीट से लगातार पांच बार विधायक चुने गए। संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर उनकी सक्रियता उन्हें पार्टी के भरोसेमंद नेताओं में शामिल करती है।










