Q2FY26 में नॉन-निफ्टी 50 कंपनियों का शुद्ध लाभ 22.5% बढ़कर ₹1.81 लाख करोड़ रहा, जबकि निफ्टी 50 का लाभ केवल 1.2% बढ़ा। ऊर्जा, कमोडिटी और BFSI सेक्टर की कंपनियों ने इस मजबूत प्रदर्शन में योगदान दिया।
Stock Market: दूसरी तिमाही Q2FY26 में नॉन-निफ्टी 50 कंपनियों का शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 22.5% बढ़कर ₹1.81 लाख करोड़ तक पहुंच गया। यह सात तिमाहियों में सबसे तेज वृद्धि है। नॉन-निफ्टी 50 कंपनियों ने पिछली तीन तिमाहियों में मुनाफे में लगातार सुधार दर्ज किया और इस बार निफ्टी 50 कंपनियों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया।
रेवेन्यू और नेट सेल्स में रिकवरी
जुलाई–सितंबर 2025 तिमाही में नॉन-निफ्टी 50 कंपनियों की रेवेन्यू ग्रोथ में हल्की रिकवरी देखी गई। कुल नेट सेल्स या ग्रॉस इंटरेस्ट इनकम 8% बढ़कर ₹20.69 लाख करोड़ पर पहुंच गई, जो पांच तिमाहियों का उच्च स्तर है। पिछली तिमाही Q1FY26 में यह ₹20.37 लाख करोड़ थी। कुल मिलाकर ये कंपनियां Q2FY26 में सभी लिस्टेड कंपनियों के कुल शुद्ध लाभ का 50% हिस्सा रही, जबकि Q2FY25 में यह 45.2% और Q1FY26 में 46.3% थी।
नॉन-निफ्टी 50 कंपनियों के मुनाफे के कारण
लाभ में वृद्धि मुख्य रूप से ऊर्जा और कमोडिटी सेक्टर की कंपनियों जैसे इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और अंबुजा सीमेंट के बेहतर प्रदर्शन से आई। इसके अलावा BFSI सेक्टर और टेलीकॉम कंपनियों जैसे सम्मन कैपिटल, आईडीबीआई बैंक, वोडाफोन आइडिया, मुथूट फाइनेंस और सुजलॉन एनर्जी ने भी योगदान दिया। केवल इंडियन ऑयल और भारत पेट्रोलियम ने नॉन-निफ्टी 50 कंपनियों के कुल सालाना लाभ में 40% हिस्सा लिया। टॉप 5 कंपनियों ने कुल ग्रोथ का 60% योगदान किया।
BFSI और कमोडिटी को छोड़कर ग्रोथ
BFSI और कमोडिटी कंपनियों को छोड़कर नॉन-निफ्टी कंपनियों का कंबाइंड नेट प्रॉफिट Q2FY26 में साल-दर-साल 14.2% बढ़ा, जो Q1FY26 में 7.1% और Q2FY25 में 16.4% था। इस सेगमेंट की नेट सेल्स साल-दर-साल 10.2% बढ़ी, जो 10 तिमाही में सबसे तेज वृद्धि है।
निफ्टी 50 कंपनियों का प्रदर्शन धीमा
इसके विपरीत, निफ्टी 50 कंपनियों का Q2FY26 में शुद्ध लाभ केवल 1.2% बढ़ा, जो तीन वर्षों में सबसे धीमी ग्रोथ है। नेट सेल्स भी केवल 6.4% बढ़ीं, जो पिछले 17 तिमाहियों में सबसे कमजोर वृद्धि रही।
विश्लेषकों की राय
विश्लेषकों का कहना है कि नॉन-निफ्टी कंपनियों का मजबूत प्रदर्शन मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में बेहतर ग्रोथ मोमेंटम का संकेत देता है। मोतीलाल ओसवाल ने बताया कि 20 मुख्य सेक्टरों में से 17 ने प्रॉफिट ग्रोथ दिखाई। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों का दबदबा रहा और टॉप 10 प्रॉफिट देने वालों में ऑयल एंड गैस, मेटल्स, फाइनेंशियल्स और टेलीकॉम सेक्टर शामिल हैं।
एलारा कैपिटल के अनुसार, कुल मिलाकर Q2FY26 के नतीजे उम्मीद से बेहतर रहे, विशेषकर एनर्जी, सीमेंट और मेटल सेक्टर की वजह से। हालांकि, अपग्रेड-टू-डाउनग्रेड रेश्यो डाउनग्रेड की तरफ झुका है। उनके कवरेज में आने वाली 46 कंपनियों को अर्निंग्स अपग्रेड मिला, जबकि 31% यानी 84 कंपनियों को FY27 PAT डाउनग्रेड। आने वाली दो तिमाहियां तय करेंगी कि लाभ की यह रफ्तार टिकाऊ है या नहीं।










