आयुष हत्याकांड में 3 नाबालिग हिरासत में: पार्टी के बहाने पार्क में बुलाकर हत्या का आरोप, मां बोली इंसाफ मिलने तक अंतिम संस्कार नहीं

14 वर्षीय आयुष की हत्या के मामले में पुलिस ने तीन नाबालिगों को हिरासत में लिया है। पार्टी के बहाने पार्क में बुलाने और पैसों के विवाद में हत्या का आरोप है।
आयुष हत्याकांड में 3 नाबालिग हिरासत में: पार्टी के बहाने पार्क में बुलाकर हत्या का आरोप, मां बोली इंसाफ मिलने तक अंतिम संस्कार नहीं
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नोएडा: सेक्टर-54 के जंगल में 21 अगस्त को मिले अज्ञात शव की पहचान 14 वर्षीय आयुष के रूप में होने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि आयुष को जन्मदिन की पार्टी के बहाने पार्क में बुलाया गया था, जहां पैसों के लेनदेन को लेकर विवाद हुआ। इसके बाद उसकी हत्या कर शव को जंगल में फेंकने का आरोप है। मामले में पुलिस ने अब तक तीन नाबालिगों को हिरासत में लिया है, जबकि एक अन्य व्यक्ति को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।

परिवार के मुताबिक 16 अगस्त को एक किशोर आयुष को अपने साथ ले जाने के लिए घर आया था। उसने उसकी मां से कहा था कि वह आयुष के साथ थोड़ी देर में वापस आ जाएगा। मां को इस बात का अंदाजा नहीं था कि उनका बेटा इस तरह घर से निकलने के बाद दोबारा वापस नहीं आएगा। इसके बाद परिवार ने आयुष की तलाश शुरू की, लेकिन कई दिनों तक उसका कोई पता नहीं चला।

21 अगस्त को सेक्टर-54 के जंगल में एक अज्ञात शव मिलने की सूचना पुलिस को मिली। शव की हालत खराब थी, जिसके कारण तत्काल पहचान नहीं हो सकी। बाद में परिजनों से संपर्क और पहचान की प्रक्रिया के बाद शव की पहचान आयुष के रूप में हुई। बेटे की मौत की खबर सामने आने के बाद परिवार में कोहराम मच गया।

पुलिस के मुताबिक शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि आयुष और आरोपी किशोर एक-दूसरे को जानते थे। इसी पहचान का फायदा उठाकर उसे पार्टी के बहाने पार्क में बुलाया गया। वहां पैसों के लेनदेन को लेकर विवाद हुआ और इसी दौरान उसकी हत्या किए जाने की आशंका है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि वारदात में किसकी क्या भूमिका थी और हत्या के पीछे पूरा घटनाक्रम क्या रहा।

मामले में तीन बाल आरोपियों को पुलिस अभिरक्षा में लिया गया है। इसके अलावा एक अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आने के बाद उसे भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

आयुष की मां योगमाया बेटे की मौत के बाद बेहद सदमे में हैं। उनका कहना है कि उन्हें अपने बेटे के लिए इंसाफ चाहिए। वह पोस्टमार्टम हाउस के बाहर लंबे समय तक परिजनों और समर्थकों के साथ बैठी रहीं। रिपोर्ट के मुताबिक वहां 50 से अधिक लोग मौजूद थे और स्थिति को देखते हुए पुलिस बल भी तैनात किया गया था।

मां ने साफ कहा है कि जब तक उन्हें न्याय का भरोसा नहीं मिलता, वह बेटे का अंतिम संस्कार नहीं करेंगी। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी न्याय की गुहार लगाई है और आरोपियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई की मांग की है। परिवार का आरोप है कि आयुष के शव के मिलने की जानकारी भी उन्हें समय पर नहीं दी गई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि परिजनों से बातचीत की जा रही है।

आयुष अपने परिवार का इकलौता बेटा था। उसकी दो बहनें हैं। बेटे की मौत के बाद दोनों बहनें भी सदमे में हैं। परिवार के सामने एक और मुश्किल यह है कि आयुष के पिता पंकज का लखनऊ में इलाज चल रहा है। परिजन इस बात को लेकर चिंतित हैं कि उन्हें बेटे की मौत की जानकारी कैसे दी जाए और इस सदमे का उनकी सेहत पर क्या असर पड़ेगा।

परिजनों के मुताबिक आयुष के लापता होने के बाद उसकी मां लगातार उसे तलाशती रहीं। हाथ में बेटे की तस्वीर लेकर अलग-अलग जगहों पर उसकी जानकारी लेने की कोशिश करती रहीं। कई दिनों की तलाश के बाद जब जंगल में मिले शव की पहचान आयुष के रूप में हुई तो परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि हत्या के बाद आरोपियों ने शव को सेक्टर-54 के जंगल तक कैसे पहुंचाया। वारदात में कौन-कौन शामिल था, घटना के समय वहां कितने लोग मौजूद थे और हत्या के बाद आरोपियों ने क्या किया, इन सभी सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं।

पुलिस के सामने यह भी चुनौती है कि मामले में शामिल नाबालिगों से पूछताछ के दौरान पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ा जाए। जांच अधिकारी यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि पैसों के लेनदेन का विवाद किस बात को लेकर था और क्या हत्या पहले से तय थी या विवाद के दौरान अचानक घटना हुई।

इस बीच आयुष की मां ने पुलिस से जल्द और सख्त कार्रवाई की मांग की है। परिवार का कहना है कि उनका बेटा घर से यह सोचकर निकला था कि वह दोस्तों के साथ पार्टी में जा रहा है, लेकिन इसके बाद उसकी हत्या कर दी गई। मां का कहना है कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता, वह बेटे का अंतिम संस्कार नहीं करेंगी।

एडीसीपी नोएडा मनीषा सिंह के मुताबिक शुरुआती जांच में आयुष और आरोपी बाल अपचारी के एक-दूसरे को जानने की बात सामने आई है। पुलिस ने तीन बाल आरोपियों को अभिरक्षा में लिया है और एक अन्य व्यक्ति से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि विवेचना के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस ने आयुष की मां की सैलरी से जुड़े एक मामले को भी संज्ञान में लिया है। अधिकारियों के मुताबिक संबंधित विभाग और सीएमओ से बातचीत की गई है तथा उनकी सैलरी दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। इसके अलावा परिवार को नियमानुसार मिलने वाली सहायता के लिए भी प्रक्रिया शुरू की गई है।

फिलहाल इस मामले में तीन नाबालिगों को हिरासत में लिया जाना पुलिस जांच की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। हालांकि किस आरोपी की क्या भूमिका थी, हत्या का वास्तविक कारण क्या था और घटना में कितने लोग शामिल थे, इसका अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

आयुष की हत्या के बाद परिवार न्याय की मांग पर अड़ा हुआ है। पोस्टमार्टम हाउस के बाहर परिजनों और लोगों की मौजूदगी तथा मां के अंतिम संस्कार नहीं करने के फैसले के बीच पुलिस और प्रशासन के सामने परिवार को न्याय का भरोसा दिलाने की चुनौती है। आने वाले समय में पुलिस की पूछताछ और जांच से इस हत्याकांड की पूरी तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।

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