ओडिशा में बीजेपी नेता गिरफ्तार, BMC अधिकारी पर हमले के मामले में 14 दिन की न्यायिक हिरासत

BMC अफसर पर हमले के मामले में BJP नेता जगन्नाथ प्रधान गिरफ्तार। 14 दिन की न्यायिक हिरासत। OAS अधिकारियों ने गिरफ्तारी के बाद आंदोलन वापस लिया।

भुवनेश्वर नगर निगम के अधिकारी रत्नाकर साहू पर हमले के आरोप में बीजेपी नेता जगन्नाथ प्रधान गिरफ्तार। प्रधान को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया। अब तक 6 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।

Odisha: भुवनेश्वर नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त रत्नाकर साहू पर कथित हमले के मामले में बीजेपी नेता जगन्नाथ प्रधान को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने स्वयं पुलिस के समक्ष सरेंडर किया। वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला गंभीर रूप से सामने आया। अब तक कुल छह लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। प्रधान को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

क्या है पूरा मामला

भुवनेश्वर नगर निगम (BMC) के एडिशनल कमिश्नर रत्नाकर साहू पर हुए हमले का वीडियो पिछले हफ्ते सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो में देखा गया कि कुछ लोग अधिकारी को उनके कार्यालय से बाहर घसीटते हुए ले जा रहे हैं और उन पर हमला कर रहे हैं। इस घटना ने पूरे राज्य में हलचल मचा दी थी।

BMC अधिकारी ने आरोप लगाया था कि यह हमला बीजेपी नेता जगन्नाथ प्रधान के समर्थकों ने किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच तेज की और अब तक कुल छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।

बीजेपी नेता जगन्नाथ प्रधान ने किया सरेंडर

गुरुवार शाम को बीजेपी नेता जगन्नाथ प्रधान ने खुद को भुवनेश्वर के DCP ऑफिस में पुलिस के हवाले कर दिया। मेडिकल जांच के बाद उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अधिकारियों ने पुष्टि की है कि प्रधान के खिलाफ पहले से ही केस दर्ज था और वायरल वीडियो व प्रत्यक्षदर्शियों के बयान इस कार्रवाई के आधार बने।

कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज की

गिरफ्तारी के बाद प्रधान को गुरुवार रात अदालत में पेश किया गया। निचली अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी और उन्हें 14 दिन की judicial custody में भेज दिया गया।

उनके वकील का कहना है कि प्रधान जांच में पूरा सहयोग करने को तैयार हैं और उन्होंने खुद को स्वेच्छा से पुलिस के सामने पेश किया ताकि मामला कानूनी रूप से सुलझाया जा सके।

ओएएस अधिकारी संघ ने आंदोलन वापस लिया

इस घटना के विरोध में ओडिशा प्रशासनिक सेवा (OAS) के अधिकारी संघ ने राज्यव्यापी आंदोलन शुरू किया था। सभी OAS अधिकारी सामूहिक अवकाश पर चले गए थे और सरकारी कामकाज प्रभावित हो रहा था।

हालांकि, जगन्नाथ प्रधान की गिरफ्तारी के बाद OAS अधिकारी संघ ने अपना आंदोलन वापस लेने का ऐलान कर दिया है। संघ की अध्यक्ष ज्योति मिश्रा ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर सरकार को अब गंभीरता दिखानी चाहिए।

“मैं सहयोग करने आया हूं” – जगन्नाथ प्रधान

गिरफ्तारी से पहले मीडिया से बातचीत में जगन्नाथ प्रधान ने कहा कि वे इस मामले में जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग देने के लिए आए हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें और उनकी पार्टी को बदनाम करने की साजिश की जा रही है।

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