OYO की पैरेंट कंपनी Prism का IPO मंजूर: जुलाई की शुरुआत तक UDRHP-1 दाखिल करेगी कंपनी

OYO की पैरेंट कंपनी Prism को IPO के लिए मंजूरी मिल गई है। कंपनी जुलाई की शुरुआत तक UDRHP-1 दाखिल करने की तैयारी में है। जानें IPO से जुड़ी अहम जानकारी, संभावित

ओयो की पैरेंट कंपनी Prism (OYO parent company) को लेकर बड़ी खबर सामने आई है, जहां कंपनी को आईपीओ के जरिए लगभग 6,650 करोड़ रुपये जुटाने की मंजूरी मिल गई है। यह जानकारी मामले से जुड़े लोगों के हवाले से सामने आई है।

बिजनेस न्यूज़: ग्लोबल हॉस्पिटैलिटी यूनिकॉर्न OYO की पैरेंट कंपनी Prism को भारतीय बाजार नियामक SEBI से अपने बहुप्रतीक्षित आईपीओ के लिए मंजूरी मिल गई है। कंपनी इस पब्लिक इश्यू के जरिए लगभग ₹6,650 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है। यह कदम भारत के तेजी से बढ़ते स्टार्टअप और टेक-टू-हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में एक बड़ा विकास माना जा रहा है।

IPO से 7–8 अरब डॉलर की वैल्यूएशन की उम्मीद

सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावित आईपीओ के बाद कंपनी का मूल्यांकन लगभग 7 से 8 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। प्रिज्म ने दिसंबर 2025 के अंत में गोपनीय प्री-फाइलिंग प्रक्रिया के तहत SEBI के पास ड्राफ्ट दस्तावेज जमा किए थे, जिन्हें कंपनी के शेयरधारकों ने एक विशेष बैठक में मंजूरी दी थी। अब कंपनी जल्द ही अपडेटेड ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (UDRHP-1) दाखिल करने की तैयारी में है, जो 21 दिनों तक सार्वजनिक टिप्पणियों के लिए उपलब्ध रहेगा। कंपनी जुलाई की शुरुआत तक इसे बाजार में लाने की योजना बना रही है।

OYO का विस्तार और बिजनेस रणनीति

Prism वर्तमान में अपने मुख्य बाजारों—भारत, अमेरिका और यूरोप—में अपनी पकड़ मजबूत करने पर ध्यान दे रही है। कंपनी का फोकस अब केवल बजट हॉस्पिटैलिटी पर नहीं, बल्कि प्रीमियम और मिड-सेगमेंट होटल ब्रांड्स के विस्तार पर भी है। इसके तहत कंपनी “संडे होटल्स” और “पैलेट होटल्स” जैसे ब्रांड्स को तेजी से विकसित कर रही है। 

साथ ही, हाल ही में कंपनी ने यूरोप के ब्रांड डैनसेंटर के सहयोग से भारत में वैकेशन होम और विला रेंटल सेगमेंट में भी प्रवेश किया है, जिससे ट्रैवल और हॉस्पिटैलिटी बाजार में इसकी मौजूदगी और मजबूत हुई है।

OYO की शुरुआत और ग्रोथ स्टोरी

Ritesh Agarwal द्वारा 2012 में स्थापित OYO ने कम समय में भारत की सबसे बड़ी होटल एग्रीगेशन और हॉस्पिटैलिटी टेक कंपनियों में अपनी जगह बनाई। रितेश अग्रवाल वर्तमान में प्रिज्म के सीईओ हैं। कंपनी में वैश्विक निवेशकों की मजबूत हिस्सेदारी है, जिनमें जापान की प्रमुख निवेश संस्था SoftBank भी शामिल है। सॉफ्टबैंक लंबे समय से OYO के सबसे बड़े शेयरधारकों में से एक रहा है।

यह पहली बार नहीं है जब कंपनी सार्वजनिक बाजार में उतरने की कोशिश कर रही है। इससे पहले 2021 में OYO ने लगभग ₹8,430 करोड़ जुटाने के लिए IPO फाइल किया था, जिसमें कंपनी ने लगभग 12 अरब डॉलर वैल्यूएशन का लक्ष्य रखा था। 2023 में कंपनी ने संशोधित वित्तीय आंकड़ों के साथ फिर से आवेदन किया था, लेकिन वैश्विक बाजारों में अस्थिरता और निवेशक धारणा कमजोर होने के कारण बाद में योजना को स्थगित कर दिया गया।

कॉरपोरेट गवर्नेंस में बड़ा कदम

IPO की तैयारी के बीच कंपनी ने अपने बोर्ड को भी मजबूत किया है। हाल ही में Ajay Tyagi, जो पूर्व SEBI चेयरमैन रह चुके हैं, को कंपनी के बोर्ड में स्वतंत्र निदेशक के रूप में शामिल किया गया है। माना जा रहा है कि उनके अनुभव से कंपनी को नियामक प्रक्रियाओं और पब्लिक लिस्टिंग की दिशा में मजबूती मिलेगी।

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