Pakistan: 24 घंटे में चार बड़े हमले, बलूचिस्तान में बीएलएफ ने दिखाई ताकत, 10 पाक सैनिकों की मौत

Pakistan: 24 घंटे में चार बड़े हमले, बलूचिस्तान में बीएलएफ ने दिखाई ताकत, 10 पाक सैनिकों की मौत

बलूचिस्तान लिब्रेशन फ्रंट (बीएलएफ) ने पाकिस्तानी सेना पर चार बड़े हमले किए। जाहो, बरकान, टंप और तुर्बत में इन हमलों से 10 सैनिक मारे गए और सुरक्षा व्यवस्था कमजोर हुई। यह क्षेत्र में तनाव बढ़ाने वाला कदम माना जा रहा है।

Pakistan: बलूचिस्तान लिब्रेशन फ्रंट (बीएलएफ) ने पाकिस्तान की सेना पर फिर से हमला किया है। सोमवार को बीएलएफ ने दावा किया कि उसके लड़ाकों ने बलूचिस्तान के विभिन्न क्षेत्रों में पाकिस्तान के 10 जवानों को मार गिराया। बीएलएफ ने बताया कि 28 और 27 दिसंबर को जाहो, बरकान, टंप और तुर्बत में उसके लड़ाकों ने कई हमले किए। इन हमलों के दौरान सेना को गंभीर नुकसान हुआ और कुछ सैनिक घायल भी हुए।

बीएलएफ का यह हमला पिछले दिनों हुई कार्रवाइयों के ठीक बाद आया है, जिसमें कथित तौर पर कम से कम 15 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए थे। बलूचिस्तान में बीएलएफ और पाकिस्तानी सेना के बीच लंबे समय से संघर्ष जारी है और हाल के हमले इस क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति को और नाजुक बना रहे हैं।

जाहो में घात लगाकर हमला

बीएलएफ के प्रवक्ता मेजर ग्वाहराम बलोच ने बताया कि 28 दिसंबर को दोपहर करीब 1 बजे जाहो क्षेत्र में पाकिस्तानी सेना के काफिले पर घात लगाकर हमला किया गया। उन्होंने कहा कि इस काफिले में पैदल गश्त करने वाले सैनिक, बम निष्क्रिय करने वाली टीम और एक पिकअप वाहन शामिल था, जो सभी एक ही स्थान पर इकट्ठा हो गए थे।

प्रवक्ता ने बताया, "हमले में आठ सैनिक मौके पर ही मारे गए, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हुए। काफिले की सुरक्षा के लिए मौजूद बख्तरबंद वाहन हमले के दौरान पीछे हट गया, और वहां फंसे शवों और घायलों को छोड़कर चला गया।" इस हमले ने बीएलएफ की सशस्त्र क्षमताओं और रणनीति को उजागर किया है।

बरकान में सैन्य कैंप पर हमला

बीएलएफ ने बताया कि जाहो के हमले के बाद ही उसी रात बरकान जिले के रखनी के पास स्थित सराती-टिक क्षेत्र में एक सैन्य कैंप पर भी हमला किया गया। इस हमले में लड़ाकों ने रॉकेट-प्रोपेल्ड ग्रेनेड (RPG) और अन्य भारी हथियारों का इस्तेमाल किया। हमले के परिणामस्वरूप कैंप में दो सैनिक मारे गए और एक घायल हुआ।

टंप और तुर्बत में हमले

बीएलएफ ने 28 दिसंबर को टंप के गोमाजी इलाके में एक चेकपोस्ट पर हमला किया। इस हमले में कई एएल गोले (explosive grenades) दागे गए, जिससे वहां तैनात पाकिस्तानी सैनिकों को नुकसान पहुंचा और सेना की सामग्री भी क्षतिग्रस्त हुई।

इसके अलावा 27 दिसंबर को तुर्बत में नौसेना कैंप के मुख्य द्वार पर भी हैंड ग्रेनेड से हमला किया गया। बीएलएफ के अनुसार, इस हमले में द्वार पर तैनात सैनिक हताहत हुए। विस्फोट के बाद पाकिस्तानी सैनिकों ने क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी, लेकिन बीएलएफ ने यह दावा किया कि उनके लड़ाके अपनी गतिविधियों में सक्षम रहे।

24 घंटे में चार बड़े हमले

बीएलएफ ने बताया कि इन हमलों के दौरान उसने केवल 24 घंटे में चार बड़े हमले किए। जाहो, बरकान, टंप और तुर्बत के हमलों ने पाकिस्तानी सेना की सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती दी। बीएलएफ के अनुसार, इन हमलों से स्थानीय क्षेत्र में सेना की नियंत्रण क्षमता कमजोर हुई और बलूच सशस्त्र समूहों की ताकत का संदेश दिया गया।

पाकिस्तान की प्रतिक्रिया

पाकिस्तानी सेना ने अब तक इन हमलों पर कोई विस्तृत बयान जारी नहीं किया है। हालांकि, बीएलएफ के दावों के अनुसार पाकिस्तानी सेना ने बलूचिस्तान में गश्त और सुरक्षा बढ़ा दी है। स्थानीय सुरक्षा बलों ने काफिलों और सैन्य कैंपों की सुरक्षा सख्त कर दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि बीएलएफ और अन्य बलूच समूहों की सक्रियता से पाकिस्तान के लिए सुरक्षा चुनौतियां और बढ़ गई हैं।

Leave a comment