पंजाब कांग्रेस के नए अध्यक्ष परगट सिंह और प्रभारी सचिन पायलट 5 अक्टूबर को दिल्ली में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की बैठक में शामिल होंगे। बैठक में 2027 विधानसभा चुनाव की रणनीति और संगठन को मजबूत करने पर चर्चा होगी।
नई दिल्ली: पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन के बाद पार्टी की नजर अब 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर है। नए प्रदेश अध्यक्ष परगट सिंह और पंजाब प्रभारी सचिन पायलट 5 अक्टूबर को दिल्ली में कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के साथ बैठक करेंगे। बैठक में संगठन की स्थिति, चुनावी तैयारी और पंजाब में पार्टी की आगे की रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है।
दिल्ली में होगी कांग्रेस के शीर्ष नेताओं की अहम बैठक
पंजाब कांग्रेस में नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति के बाद सोमवार को दिल्ली में पार्टी की अहम बैठक होने जा रही है। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने 5 अक्टूबर को AICC मुख्यालय में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्षों, प्रभारियों और संगठन से जुड़े वरिष्ठ नेताओं की बैठक बुलाई है। बैठक में पंजाब से प्रदेश अध्यक्ष परगट सिंह और प्रभारी सचिन पायलट भी शामिल होंगे।

पंजाब कांग्रेस के लिहाज से यह बैठक इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि पार्टी ने हाल ही में संगठन में बड़ा बदलाव किया है। अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के इस्तीफे के बाद पूर्व भारतीय हॉकी कप्तान और जालंधर कैंट से विधायक परगट सिंह को पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी का नया अध्यक्ष बनाया गया है।
2027 चुनाव की तैयारी पर रहेगा फोकस
बैठक में पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर पार्टी की तैयारियों पर चर्चा होने की संभावना है। कांग्रेस के सामने राज्य संगठन को मजबूत करने के साथ वरिष्ठ नेताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की चुनौती भी है।
परगट सिंह ने प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालने के बाद संगठन को मजबूत करने और पार्टी को एकजुट रखने पर जोर दिया है। वहीं, सचिन पायलट को पंजाब कांग्रेस का प्रभारी बनाए जाने के बाद संगठन में बदलाव की प्रक्रिया आगे बढ़ी। पायलट ने प्रदेश के नेताओं के साथ बातचीत के बाद पार्टी नेतृत्व को फीडबैक दिया था। इसके बाद राजा वड़िंग की जगह परगट सिंह को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया।
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के सामने रखी जाएगी रणनीति
बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल समेत वरिष्ठ नेताओं के मौजूद रहने की बात कही गई है। ऐसे में पंजाब कांग्रेस की मौजूदा स्थिति और आगामी चुनावी तैयारी पर शीर्ष नेतृत्व के स्तर पर चर्चा हो सकती है।
पार्टी के लिए अहम मुद्दा यह रहेगा कि नए प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में संगठन को किस तरह चुनावी तैयारी की दिशा में आगे बढ़ाया जाए। पंजाब कांग्रेस में पिछले कुछ समय से सामने आए आंतरिक मतभेदों के बीच नेतृत्व परिवर्तन किया गया है। राजा वड़िंग के इस्तीफे के बाद पार्टी ने परगट सिंह को जिम्मेदारी दी है।
परगट सिंह के सामने संगठन को साथ लेकर चलने की चुनौती
परगट सिंह के सामने सबसे बड़ी जिम्मेदारियों में अलग-अलग नेताओं और गुटों के बीच समन्वय कायम करना शामिल है। वह तीन बार जालंधर कैंट से विधायक रह चुके हैं और भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान भी हैं। कांग्रेस ने उन्हें ऐसे समय में प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी है, जब 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी के लिए संगठन को सक्रिय करने की जरूरत है।
दूसरी ओर, सचिन पायलट की भूमिका भी महत्वपूर्ण रहेगी। पंजाब प्रभारी के तौर पर उन्हें प्रदेश संगठन और केंद्रीय नेतृत्व के बीच समन्वय बनाते हुए चुनावी तैयारियों को आगे बढ़ाना है।
राहुल गांधी के पंजाब दौरे पर भी हो सकती है चर्चा
बैठक में राहुल गांधी के प्रस्तावित पंजाब दौरे को लेकर भी चर्चा हो सकती है। प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर परगट सिंह के पदभार संभालने के कार्यक्रम और पार्टी के आगामी कार्यक्रमों को लेकर भी नेतृत्व स्तर पर विचार-विमर्श की संभावना है।
राजा वड़िंग के बाद परगट सिंह को जिम्मेदारी मिलने और सचिन पायलट के प्रभारी बनने के बाद पंजाब कांग्रेस का संगठन नए नेतृत्व संयोजन के साथ आगे बढ़ रहा है। ऐसे में दिल्ली की बैठक में 2027 के चुनाव के लिए संगठनात्मक तैयारियों और पार्टी की आगे की दिशा से जुड़े फैसलों पर नजर रहेगी।










