पंजाब रोडवेज कर्मचारियों की आज परिवहन मंत्री से बैठक, 1300 से अधिक कर्मचारियों के नियमितीकरण पर चर्चा

पंजाब रोडवेज, पनबस और PRTC कर्मचारियों की आज मंत्री हरपाल सिंह चीमा से बैठक होगी। 1300 से अधिक कर्मचारियों के नियमितीकरण पर चर्चा होगी।

पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी के संविदा कर्मचारियों की आज परिवहन मंत्री हरपाल सिंह चीमा के साथ बैठक होगी। इसमें 1300 से अधिक कर्मचारियों को स्थायी करने, नई बसें और अन्य लंबित मांगों पर चर्चा होगी।

चंडीगढ़: पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी के संविदा कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर आज परिवहन मंत्री हरपाल सिंह चीमा के साथ बैठक होगी। बैठक में परिवहन विभाग के सचिव और वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल होंगे। कर्मचारी नेताओं को उम्मीद है कि 1300 से अधिक कच्चे कर्मचारियों को स्थायी करने समेत अन्य मांगों पर सरकार कोई ठोस फैसला ले सकती है।

परिवहन मंत्री के साथ आज होगी अहम बैठक

पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी के संविदा कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर सोमवार को परिवहन मंत्री हरपाल सिंह चीमा के साथ अहम बैठक होने जा रही है। बैठक दोपहर में होगी और इसमें परिवहन विभाग के सचिव समेत कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।

कर्मचारी लंबे समय से अपनी सेवाओं को नियमित करने सहित कई मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। ऐसे में आज होने वाली बैठक को कर्मचारियों और सरकार के बीच बातचीत के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

1300 से अधिक कर्मचारियों के नियमितीकरण का मुद्दा

बैठक में सबसे प्रमुख मुद्दा 1300 से अधिक संविदा कर्मचारियों को स्थायी करने का रहेगा। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि वे लंबे समय से नियमितीकरण की मांग उठा रहे हैं और इसे लेकर कई बार सरकार के साथ बातचीत भी हो चुकी है।

कर्मचारियों की मांग है कि विभाग में लंबे समय से काम कर रहे कच्चे और संविदा कर्मचारियों को नियमित किया जाए। इसके साथ ही आउटसोर्स व्यवस्था को समाप्त करने की मांग भी कर्मचारी संगठनों की ओर से उठाई जा रही है।

नई बसें और पुलिस मामलों पर भी चर्चा

नियमितीकरण के अलावा बैठक में पंजाब रोडवेज के नए अधिनियम को लागू करने का मुद्दा भी उठाया जाएगा। कर्मचारी डिपो में नई बसें शामिल करने की मांग भी कर रहे हैं।

आंदोलन के दौरान कर्मचारियों के खिलाफ दर्ज किए गए पुलिस मामलों को वापस लेने की मांग भी सरकार के सामने रखी जाएगी। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि इन मुद्दों पर लंबे समय से बातचीत चल रही है, लेकिन अभी तक अंतिम समाधान नहीं निकल पाया है।

पहले भी हो चुकी हैं कई बैठकें

कर्मचारी नेताओं के अनुसार, अपनी मांगों को लेकर सरकार के साथ पहले भी कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं। हालांकि, इन बैठकों में कोई अंतिम निर्णय नहीं हो सका। पिछली बैठक भी स्थगित हो गई थी और बाद में इसे 30 सितंबर को कराने की बात कही गई थी।

पिछले दो-तीन महीनों से कर्मचारी लगातार आंदोलन कर रहे हैं। इस दौरान चक्का जाम भी किया जा चुका है। कर्मचारी संगठनों ने कहा है कि यदि आज की बैठक में उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं होता है तो आंदोलन को फिर से तेज किया जा सकता है।

10 साल से ज्यादा समय से नियमितीकरण की मांग

रोडवेज कर्मचारियों का कहना है कि संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण की मांग एक दशक से भी ज्यादा समय से चली आ रही है। कर्मचारी नेताओं के अनुसार, इस मामले में अदालत का फैसला भी आ चुका है।

कर्मचारियों का आरोप है कि रोडवेज विभाग में नई बसों को शामिल करने को लेकर भी पिछले करीब पांच वर्षों से अपेक्षित काम नहीं हुआ है। उनकी मांग है कि सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए विभाग में नई बसें शामिल की जाएं।

आउटसोर्स व्यवस्था खत्म करने की मांग

कर्मचारी संगठन रोडवेज में आउटसोर्स व्यवस्था को पूरी तरह खत्म करने की मांग भी कर रहे हैं। उनका कहना है कि जो कर्मचारी पहले से विभाग में काम कर रहे हैं, उन्हें नियमित किया जाना चाहिए।

आज की बैठक में सरकार और कर्मचारी नेताओं के बीच इन सभी मुद्दों पर चर्चा होगी। बैठक के बाद यह स्पष्ट होगा कि नियमितीकरण और अन्य लंबित मांगों पर सरकार की ओर से क्या निर्णय लिया जाता है।

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