पीएम मोदी और अमित शाह से क्यों मिले राहुल गांधी? प्रधानमंत्री कक्ष में हुई अहम बैठक

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री कक्ष में पीएम मोदी और अमित शाह से अहम मुलाकात की। इस अचानक हुई बैठक के पीछे क्या कारण था? जानें पूरी राजनीतिक हलचल की डिटेल।

लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बुधवार को संसद में प्रधानमंत्री के कक्ष में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। यह बैठक मुख्य सूचना आयुक्त (CIC) और केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) में सतर्कता आयुक्त की नियुक्ति के चयन को लेकर हुई।

नई दिल्ली: लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बुधवार को संसद भवन स्थित प्रधानमंत्री के कक्ष में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस मुलाकात ने राजनीतिक हलकों में काफी चर्चा पैदा कर दी है। हालांकि यह बैठक किसी राजनीतिक रिश्तों को लेकर नहीं, बल्कि संवैधानिक नियुक्तियों से जुड़ी एक औपचारिक प्रक्रिया के तहत की गई थी।

जानकारी के मुताबिक, यह बैठक मुख्य सूचना आयुक्त (CIC) और केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) में सतर्कता आयुक्त के चयन को लेकर आयोजित की गई थी। इसके अलावा केंद्रीय सूचना आयोग में खाली पड़े आठ पदों पर नियुक्ति को लेकर भी इस बैठक में विचार-विमर्श हुआ।

क्यों हुई यह बैठक?

दरअसल, सूचना के अधिकार अधिनियम (RTI Act) के तहत मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्तों की नियुक्ति के लिए एक चयन समिति बनाई जाती है। इस समिति में:

  • प्रधानमंत्री – अध्यक्ष
  • लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष
  • प्रधानमंत्री द्वारा नामित एक केंद्रीय मंत्री

शामिल होते हैं। इसी संवैधानिक प्रक्रिया के तहत राहुल गांधी इस बैठक में शामिल हुए। चयन समिति की यह बैठक इसलिए भी बेहद अहम मानी जा रही है क्योंकि मुख्य सूचना आयुक्त का पद 13 सितंबर से खाली पड़ा हुआ है, जिससे सूचना आयोग के कामकाज पर असर पड़ रहा है।

राहुल गांधी ने सौंपा ‘डिसेंट नोट’

सूत्रों के अनुसार, इस बैठक के दौरान राहुल गांधी ने मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति को लेकर एक असहमति नोट (Dissent Note) भी सौंपा। हालांकि उसमें क्या आपत्तियाँ दर्ज की गई हैं, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। सरकार की ओर से पहले ही सुप्रीम कोर्ट को जानकारी दी गई थी कि प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में चयन समिति बुधवार को शीर्ष पदों के लिए चयन प्रक्रिया करेगी।

फिलहाल केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) में मामलों का भारी बोझ है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, आयोग में इस समय 30,838 से अधिक मामले लंबित हैं। कई पद खाली होने के कारण आरटीआई आवेदनों के निपटारे में लगातार देरी हो रही है। आरटीआई कानून के तहत आयोग में एक मुख्य सूचना आयुक्त और अधिकतम 10 सूचना आयुक्त होते हैं। ये सभी अधिकारी उन मामलों पर निर्णय देते हैं, जिनमें नागरिक सरकारी विभागों से संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर अपील दायर करते हैं।

पूर्व मुख्य सूचना आयुक्त हीरालाल समरिया ने 13 सितंबर को अपना पद छोड़ा था। उन्हें 6 नवंबर 2023 को इस पद पर नियुक्त किया गया था। उनके जाने के बाद से ही यह शीर्ष पद खाली है। इसके अलावा भी कई आयुक्तों के पद लंबे समय से रिक्त चल रहे हैं, जिससे पारदर्शिता से जुड़े मामलों पर खासा असर देखने को मिल रहा है।

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