वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को कहा कि कारोबारी सुगमता बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए अनेक कदमों और सुधारों के कारण चालू वित्त वर्ष की जुलाई-सितंबर तिमाही में अर्थव्यवस्था ने 8.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है।
GDP: वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को चालू वित्त वर्ष की जुलाई-सितंबर तिमाही में भारत की अर्थव्यवस्था में 8.2% की रिकॉर्ड वृद्धि की बड़ी वजहों का खुलासा किया। गोयल ने बताया कि सरकार के सुधारात्मक उपायों, मजबूत सार्वजनिक निवेश, सेवाओं की बढ़ती मांग और औद्योगिक उत्पादन की वजह से यह वृद्धि संभव हुई। उन्होंने इसे भारत की वैश्विक अर्थव्यवस्था में बढ़ती अहमियत का संकेत भी बताया।
8.2% की GDP वृद्धि के पीछे की मुख्य वजहें
पीयूष गोयल ने कहा कि चालू वित्त वर्ष की इस दूसरी तिमाही में आर्थिक वृद्धि दर 7.8% से बढ़कर 8.2% हो गई है। उन्होंने इसके मुख्य कारणों के रूप में निम्न बिंदु बताए:
- सार्वजनिक निवेश में तेजी: सरकारी परियोजनाओं और इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए निवेश बढ़ाया गया। निर्माण और विनिर्माण क्षेत्र में नई योजनाओं से रोजगार और उत्पादन में वृद्धि हुई।
- सेवाओं की मांग: वित्तीय, आईटी, स्वास्थ्य और व्यापारिक सेवाओं में मांग लगातार बढ़ी। घरेलू और वैश्विक स्तर पर सेवा निर्यात में सकारात्मक प्रदर्शन देखा गया।
- औद्योगिक उत्पादन में उछाल: विनिर्माण क्षेत्र में 9.1% और निर्माण क्षेत्र में 7.2% की वृद्धि दर्ज की गई। इससे न केवल रोजगार बल्कि देश की उत्पादन क्षमता भी बढ़ी।
- घरेलू उपभोग और व्यापार सुगमता: सरकार द्वारा उठाए गए कदमों और सुधारों से व्यापार करने में आसानी हुई, जिससे घरेलू बाजार में उपभोग बढ़ा।
गोयल ने कहा, "यह वृद्धि उन दावों को खारिज करती है जो कुछ वर्गों द्वारा भारत की विकास क्षमता पर सवाल उठाने के लिए किए जा रहे थे। भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है।"
निर्यात में भी मजबूती

भारत का निर्यात भी लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। अप्रैल-अक्टूबर अवधि में:
- माल निर्यात: 254.25 अरब डॉलर (+0.63%)
- माल आयात: 451.08 अरब डॉलर (+6.37%)
- सेवा निर्यात: 237.55 अरब डॉलर (पिछले वर्ष की समान अवधि में 216.45 अरब डॉलर)
गोयल ने बताया कि निर्यात वृद्धि और अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारत की मजबूत पकड़ ने अर्थव्यवस्था को स्थिर और तेज विकासशील बनाए रखा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस तिमाही के प्रदर्शन को "बहुत उत्साहजनक" बताया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सुधार, उपभोग की गति और राजकोषीय समेकन के कारण भारत वैश्विक विकास में अग्रणी बना हुआ है।
पीयूष गोयल ने यह भी कहा कि भारत अब दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। चालू वित्त वर्ष में निवेश, विनिर्माण, सेवाओं और निर्यात में संतुलित वृद्धि ने भारत की अर्थव्यवस्था को सभी अनुमानों के ऊपर ले जाने में मदद की। सरकार की नीति और सुधारात्मक कदमों के कारण निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। घरेलू उत्पादन, रोजगार सृजन और निर्यात में तेजी ने न केवल जीडीपी को मजबूत किया बल्कि भारत को वैश्विक आर्थिक मंच पर प्रमुख शक्ति के रूप में स्थापित किया है।










