प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को चेन्नई के दौरे पर रहेंगे, जहां वह 13,000 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का शुभारंभ करेंगे। इन परियोजनाओं में नया मेट्रो कॉरिडोर, हाईवे का उन्नयन और पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं।
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह राज्य में 13,000 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। इन परियोजनाओं में चेन्नई मेट्रो रेल, राष्ट्रीय राजमार्ग, रेलवे, बंदरगाह, पेट्रोलियम और शिक्षा एवं अनुसंधान से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं।
प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, इन पहलों का उद्देश्य परिवहन सुविधाओं को बेहतर बनाना, माल ढुलाई की क्षमता बढ़ाना और आधुनिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है।
चेन्नई मेट्रो के फेज-2 को मिलेगी रफ्तार
प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में चेन्नई मेट्रो रेल परियोजना के दूसरे चरण का पूनामल्ली-वडापलानी कॉरिडोर प्रमुख आकर्षण रहेगा। इस परियोजना की लागत करीब 4,900 करोड़ रुपये बताई गई है। लगभग 3.7 किलोमीटर लंबे डबल-डेकर ढांचे और आधुनिक सिग्नलिंग प्रणाली से जुड़े इस कॉरिडोर से शहर के पश्चिमी इलाकों और प्रमुख शहरी केंद्रों के बीच संपर्क बेहतर होने की उम्मीद है।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, प्रधानमंत्री सुबह करीब 11:30 बजे पोरुर बाईपास से पूनामल्ली बाईपास तक मेट्रो की यात्रा करेंगे और फिर वापस लौटेंगे। इस कॉरिडोर में चालक रहित परिचालन के लिए तैयार की गई तकनीक भी महत्वपूर्ण है। मेट्रो नेटवर्क के विस्तार से सड़क यातायात पर दबाव कम करने और यात्रियों के लिए आवागमन आसान बनाने में मदद मिल सकती है।
हाईवे परियोजनाओं पर भी रहेगा जोर
तमिलनाडु में सड़क संपर्क मजबूत करने के लिए करीब 3,700 करोड़ रुपये की राजमार्ग परियोजनाएं भी कार्यक्रम का हिस्सा हैं। इनमें राष्ट्रीय राजमार्ग-744 के वडुगापट्टी-थेरकुवेंगनल्लूर हिस्से का लगभग 36 किलोमीटर लंबा चार-लेन मार्ग और राष्ट्रीय राजमार्ग-744ए पर करीब 30 किलोमीटर लंबा मदुरै रिंग रोड शामिल है।
इसके अलावा, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राजमार्ग-83 पर चार-लेन वाले तिरुवरुर बाईपास की आधारशिला रखेंगे। इन परियोजनाओं से क्षेत्रीय संपर्क, यातायात प्रबंधन और माल परिवहन को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। बेहतर सड़क नेटवर्क से व्यापारिक गतिविधियों और आसपास के क्षेत्रों की आर्थिक कनेक्टिविटी को भी बढ़ावा मिल सकता है।

रेलवे और पुनर्विकसित स्टेशनों का उद्घाटन
रेलवे क्षेत्र में 750 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं शामिल हैं। इनमें कराईकल-पेरालम रेल लाइन से जुड़ा काम और कोयंबटूर तथा आसपास के क्षेत्रों में तीन रेल फ्लाईओवर परियोजनाएं शामिल हैं। इनसे रेल परिचालन को अधिक सुचारु बनाने और कुछ स्थानों पर यातायात संबंधी बाधाएं कम करने में मदद मिलने की संभावना है।
प्रधानमंत्री पलानी, वेल्लोर छावनी, अंबासमुद्रम, परमाकुडी और नमक्कल में पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों का भी उद्घाटन करेंगे। स्टेशन सुविधाओं के आधुनिकीकरण से यात्रियों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने और रेलवे परिसरों को अधिक व्यवस्थित बनाने का लक्ष्य है।
बंदरगाहों और समुद्री कारोबार को मिलेगा बढ़ावा
चेन्नई पोर्ट पर भंडारण और वेयरहाउस सुविधाओं के उन्नयन के साथ क्रूज यात्रियों के लिए बेहतर व्यवस्था और नाविकों के लिए सीफेयरर्स क्लब जैसी सुविधाएं भी परियोजनाओं में शामिल हैं। वी.ओ. चिदंबरनार पोर्ट से जुड़ी आठ परियोजनाओं का उद्देश्य माल ढुलाई की क्षमता, लॉजिस्टिक्स और स्वच्छ समुद्री ऊर्जा से संबंधित बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है।
वहीं, कामराजार पोर्ट पर प्रधानमंत्री कोल बर्थ-III का उद्घाटन करेंगे और ड्रेजिंग कार्य की शुरुआत करेंगे। इन पहलों से बंदरगाहों की परिचालन क्षमता और समुद्री व्यापार को लाभ मिलने की उम्मीद है।
मनाली रिफाइनरी में 1,620 करोड़ रुपये की परियोजना
ऊर्जा क्षेत्र में प्रधानमंत्री चेन्नई के मनाली स्थित सीपीसीएल रिफाइनरी में लुब्रिकेंट बेस स्टॉक परियोजना की आधारशिला रखेंगे। इसकी अनुमानित लागत 1,620 करोड़ रुपये है और प्रस्तावित वार्षिक उत्पादन क्षमता 2.70 लाख टन बताई गई है। लुब्रिकेंट बेस स्टॉक का इस्तेमाल विभिन्न प्रकार के औद्योगिक और वाहन संबंधी स्नेहक बनाने में किया जाता है। इस परियोजना से घरेलू उत्पादन क्षमता बढ़ाने और औद्योगिक जरूरतों को पूरा करने में सहायता मिल सकती है।












