भागलपुर। बिहार में स्कूली बच्चों को मिलने वाले PM पोषण योजना के भोजन की गुणवत्ता और समय पर आपूर्ति को लेकर शिक्षा विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है। भागलपुर में अब स्कूलों तक तैयार भोजन पहुंचाने की प्रक्रिया को समयबद्ध किया जाएगा। विभागीय निर्देश के मुताबिक, भोजन तैयार होने के बाद दो घंटे के भीतर संबंधित स्कूलों तक पहुंचाना जरूरी होगा, ताकि बच्चों को ताजा और सुरक्षित भोजन मिल सके।
बरसात के मौसम में भोजन की गुणवत्ता और सब्जियों की सुरक्षा को लेकर भी विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। इस दौरान हरी पत्तेदार सब्जियों के इस्तेमाल पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया है। विभाग का मानना है कि बारिश के मौसम में हरी सब्जियों में नमी और कीटाणु संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है, इसलिए बच्चों के भोजन में वैकल्पिक सब्जियों का इस्तेमाल किया जाएगा।
शिक्षा विभाग की ओर से स्कूलों और भोजन उपलब्ध कराने वाली एजेंसियों को निर्देश दिया गया है कि भोजन तैयार करने से लेकर बच्चों तक पहुंचाने तक हर स्तर पर स्वच्छता का ध्यान रखा जाए। खाना बनाने वाले स्थान की साफ-सफाई, इस्तेमाल होने वाले पानी की गुणवत्ता और खाद्य सामग्री के रखरखाव की नियमित निगरानी करने को कहा गया है।
भोजन की आपूर्ति में देरी को लेकर भी विभाग ने स्पष्ट रुख अपनाया है। अधिकारियों के अनुसार, यदि भोजन तैयार होने के बाद लंबे समय तक रखा जाता है तो उसकी गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। खासकर गर्मी और उमस के मौसम में भोजन खराब होने की आशंका बढ़ जाती है। इसलिए दो घंटे की समय-सीमा को महत्वपूर्ण माना गया है।
स्कूलों में भोजन पहुंचने के बाद शिक्षकों और संबंधित कर्मचारियों की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी। उन्हें भोजन की स्थिति और गुणवत्ता की जांच करने के बाद ही बच्चों को परोसने की व्यवस्था करनी होगी। यदि भोजन में किसी तरह की गड़बड़ी दिखाई देती है तो इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को देने के निर्देश हैं।
बरसात के दौरान हरी सब्जियों पर रोक के पीछे स्वास्थ्य सुरक्षा को प्रमुख कारण बताया गया है। बारिश में खेतों से आने वाली पत्तेदार सब्जियों को अच्छी तरह साफ करना मुश्किल हो सकता है। इनमें मिट्टी, कीड़े या अन्य अशुद्धियां रह जाने की आशंका रहती है। ऐसे में बच्चों के स्वास्थ्य को देखते हुए कुछ समय के लिए इनके इस्तेमाल से बचने का फैसला लिया गया है।
PM पोषण योजना के तहत सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को निर्धारित मानकों के अनुसार भोजन उपलब्ध कराया जाता है। इसका उद्देश्य बच्चों को पोषण उपलब्ध कराने के साथ स्कूलों में उनकी उपस्थिति और पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ाना भी है।
भागलपुर में विभागीय अधिकारियों को स्कूलों का निरीक्षण करने और भोजन की गुणवत्ता की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। निरीक्षण के दौरान भोजन की मात्रा, गुणवत्ता, साफ-सफाई और वितरण व्यवस्था की जांच की जाएगी। लापरवाही मिलने पर संबंधित जिम्मेदार व्यक्ति या एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि बच्चों के भोजन के मामले में किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। भोजन में खराब या एक्सपायरी सामग्री के इस्तेमाल, गंदगी या निर्धारित समय से ज्यादा देरी जैसी शिकायत मिलने पर तत्काल जांच कराई जाएगी।
अधिकारियों का कहना है कि इन निर्देशों का उद्देश्य केवल नियमों को सख्त करना नहीं, बल्कि बच्चों को समय पर, पौष्टिक और सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराना है। बारिश के मौसम में विशेष सावधानी बरतकर खाद्य सुरक्षा से जुड़े जोखिमों को कम करने की कोशिश की जा रही है।
अब भागलपुर के स्कूलों में PM पोषण योजना की व्यवस्था पर शिक्षा विभाग की नजर रहेगी। दो घंटे के भीतर भोजन पहुंचाने और बरसात में हरी सब्जियों के इस्तेमाल पर रोक जैसे निर्देशों के बाद स्कूल प्रबंधन और भोजन आपूर्ति से जुड़े कर्मचारियों की जिम्मेदारी और बढ़ गई है।










