Punjab National Bank ने Q3FY26 में 11.6% बढ़त के साथ ₹5,189 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया। खराब कर्ज घटा, जमा राशि और रिटेल लोन में वृद्धि, बैंक की वित्तीय मजबूती और निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत दे रही है।
PNB Q3FY26 Results: पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने तीसरी तिमाही यानी Q3FY26 में शानदार नतीजे पेश किए हैं। अक्टूबर-दिसंबर 2025 की तिमाही में बैंक का नेट प्रॉफिट 5,189.79 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की इसी तिमाही के 4,648.60 करोड़ रुपये से करीब 11.6 प्रतिशत ज्यादा है। पिछली तिमाही यानी Q2FY26 के 4,848.64 करोड़ रुपये से भी मुनाफा 7 प्रतिशत ऊपर रहा।
यह ग्रोथ न केवल बैंक की मजबूती दिखाती है, बल्कि निवेशकों के लिए भी सकारात्मक संकेत है। PNB ने लगातार बेहतर प्रदर्शन दिखाया है और इसका असर शेयर बाजार में भी देखने को मिल सकता है।
ब्याज से आय में बढ़त
PNB की तीसरी तिमाही में ब्याज से होने वाली आय भी मजबूत रही। बैंक ने इस दौरान 32,889.23 करोड़ रुपये ब्याज कमाया, जो पिछले साल के 31,894.80 करोड़ रुपये से 3.12 प्रतिशत ज्यादा है। पिछली तिमाही के 32,512.76 करोड़ रुपये के मुकाबले भी यह आंकड़ा थोड़ा ऊपर गया।
यह बढ़ोतरी बैंक की लोन प्रोफाइल और मजबूत क्रेडिट मैनेजमेंट को दर्शाती है। ब्याज आय में सुधार का मतलब है कि बैंक ने अपने एडवांस यानी लोन पोर्टफोलियो से अच्छे रिटर्न हासिल किए।
ऑपरेटिंग मुनाफा और प्रावधान
PNB का प्रावधान और आकस्मिक खर्च से पहले का ऑपरेटिंग प्रॉफिट भी शानदार रहा। सालाना आधार पर यह 13.8 प्रतिशत बढ़कर 7,570.32 करोड़ रुपये हो गया। तिमाही के हिसाब से भी ऑपरेटिंग मुनाफा 5.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी दिखाता है।
इसका मतलब है कि बैंक न केवल अपनी आमदनी बढ़ाने में सफल रहा, बल्कि लागत नियंत्रण और ऑपरेशन में दक्षता भी बनाए रखी।
NNPA में सुधार: खराब कर्ज घटा
PNB के खराब कर्ज यानी नेट नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NNPA) में लगातार सुधार देखा गया। दिसंबर 2025 तक NNPA घटकर 3,834 करोड़ रुपये रह गया, जबकि एक साल पहले यह 4,437 करोड़ रुपये था। सालाना आधार पर 603 करोड़ रुपये यानी 13.6 प्रतिशत की कमी हुई।
NNPA का अनुपात भी बेहतर हुआ और अब यह केवल 0.32 प्रतिशत है। पिछले साल दिसंबर में यह 0.41 प्रतिशत था, यानी 9 आधार अंकों का सुधार हुआ। यह संकेत करता है कि बैंक ने खराब कर्ज को संभालने में अच्छी सफलता हासिल की है और क्रेडिट क्वालिटी मजबूत बनी हुई है।
जमा राशि और कर्ज में बढ़ोतरी
बैंक की कुल जमा राशि दिसंबर 2025 तक 16.60 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई, जो पिछले साल के 15.30 लाख करोड़ से 8.5 प्रतिशत ज्यादा है। वहीं कर्ज यानी एडवांस 10.9 प्रतिशत बढ़कर 12.31 लाख करोड़ रुपये हो गया। इससे क्रेडिट-टू-डिपॉजिट रेशियो 72.6 प्रतिशत से बढ़कर 74.2 प्रतिशत हो गया।
जमा में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी सेविंग्स अकाउंट में हुई। यह 4.8 प्रतिशत बढ़कर 5.16 लाख करोड़ रुपये हो गया। करंट अकाउंट में 9.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और यह 76,377 करोड़ रुपये तक पहुंचा। कुल CASA जमा 5.92 लाख करोड़ रुपये रही, जो कुल जमा का 37.1 प्रतिशत है। टर्म डिपॉजिट भी 10.4 प्रतिशत बढ़कर 10.68 लाख करोड़ रुपये हो गए।
रिटेल लोन में तेजी
PNB ने रिटेल लोन में भी शानदार प्रदर्शन किया। घरेलू लोन 14.5 प्रतिशत बढ़कर 1.27 लाख करोड़ रुपये हो गए। वाहन लोन में 35.7 प्रतिशत की जबरदस्त बढ़ोतरी हुई और यह 33,458 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
कृषि कर्ज 9.8 प्रतिशत बढ़ा और MSME लोन 18.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। कोर रिटेल एडवांस में भी 18.9 प्रतिशत की मजबूत ग्रोथ हुई। यह दिखाता है कि बैंक ने रिटेल और SME सेगमेंट में अच्छी पकड़ बनाए रखी है और ग्राहकों की बढ़ती मांग को पूरा किया है।
PNB की मजबूत वित्तीय स्थिति
PNB के Q3FY26 के नतीजे बैंक की मजबूत वित्तीय स्थिति को दर्शाते हैं। बढ़ती ब्याज आय, घटते खराब कर्ज और बढ़ती जमा राशि ने बैंक की बैलेंस शीट को और मजबूत किया है। ऑपरेटिंग मुनाफा, रिटेल लोन और CASA डिपॉजिट में सुधार से बैंक का लाभप्रदता का ग्राफ ऊपर की ओर है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रदर्शन से PNB निवेशकों के लिए आकर्षक विकल्प बन सकता है। मजबूत क्रेडिट ग्रोथ और बेहतर NPAs बैंक की दीर्घकालिक स्थिरता को भी सुनिश्चित करते हैं।












