Powerica IPO की बाजार में कमजोर शुरुआत, बीएसई और एनएसई पर शेयर प्राइस प्राइस बैंड से नीचे लिस्ट

Powerica IPO लिस्टिंग पर कमजोर प्रतिक्रिया, बीएसई पर 375 रुपये और एनएसई पर 366 रुपये पर खुला, निवेशकों में उत्साह की तुलना में निराशा।

Powerica के IPO की बाजार में लिस्टिंग कमजोर रही। बीएसई पर शेयर 375 रुपये और एनएसई पर 366 रुपये पर खुले, जो प्राइस बैंड से नीचे है। निवेशकों में उत्साह अपेक्षाकृत कम रहा और ग्रे मार्केट प्राइस से भी कम सूचीबद्ध हुआ।

Powerica IPO: पावर सोल्यूशंस प्रोवाइड करने वाली कंपनी Powerica के शेयर गुरुवार, 2 अप्रैल 2026 को शेयर बाजार में लिस्ट हो गए। कंपनी के शेयर बीएसई पर 375 रुपये के भाव पर लिस्ट हुए, जो आईपीओ के अपर प्राइस बैंड 395 रुपये से 20 रुपये या 5 प्रतिशत कम है। वहीं एनएसई पर शेयर 366 रुपये के भाव पर खुले, जो प्राइस बैंड की तुलना में 29 रुपये या 7.35 प्रतिशत कम है।

इस तरह की शुरुआत ने निवेशकों में उत्साह के मुकाबले निराशा जताई। पावरिका की लिस्टिंग ग्रे मार्केट के अनुमान से भी कम रही। अनौपचारिक बाजार गतिविधियों के अनुसार, लिस्टिंग से पहले कंपनी के अनलिस्टेड शेयर ग्रे मार्केट में लगभग 402 रुपये पर सपाट कारोबार कर रहे थे। इससे संकेत मिला था कि इश्यू प्राइस के मुकाबले शेयर 7 रुपये या 1.77 प्रतिशत प्रीमियम पर लिस्ट हो सकते थे।

IPO को मिली कमजोर प्रतिक्रिया

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, पावरिका के आईपीओ को निवेशकों से अपेक्षित उत्साह नहीं मिला। कुल सब्सक्रिप्शन केवल 1.45 गुना रहा। निवेशकों ने 2.55 करोड़ शेयरों के मुकाबले 2.985 करोड़ इक्विटी शेयरों के लिए बोली लगाई।

सबसे अधिक सब्सक्रिप्शन योग्य संस्थागत खरीदारों (QIB) ने किया। इनका हिस्सा 4.5 गुना सब्सक्राइब हुआ। इसके विपरीत, गैर-संस्थागत निवेशकों (NII) का हिस्सा केवल 44 प्रतिशत सब्सक्राइब हुआ, जबकि खुदरा निवेशकों का हिस्सा मात्र 15 प्रतिशत रहा। इस तरह यह स्पष्ट है कि निवेशकों ने इस आईपीओ में अपेक्षाकृत कमजोर रुचि दिखाई।

IPO की विशेषताएं

पावरिका ने अपने प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम के जरिए कुल 1,100 करोड़ रुपये जुटाए। इसमें 700 करोड़ रुपये तक के 1.77 करोड़ शेयरों का फ्रेश इश्यू शामिल था, जबकि 400 करोड़ रुपये तक के 1.01 करोड़ शेयर ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत बेचे गए।

यह आईपीओ 375 रुपये से 395 रुपये प्रति शेयर के प्राइस बैंड में पेश किया गया था। न्यूनतम आवेदन लॉट 37 शेयरों का था। आईपीओ 24 मार्च से 27 मार्च 2026 तक निवेशकों के लिए खुला था। शेयरों का आवंटन सोमवार, 30 मार्च को अंतिम रूप दिया गया। इस इश्यू का रजिस्ट्रार एमयूएफजी इंटाइम इंडिया है, जबकि बुक रनिंग लीड मैनेजर आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज, आईआईएफएल कैपिटल सर्विसेज और नुवामा वेल्थ मैनेजमेंट हैं।

निवेशकों के लिए आरएचपी में दिशा

रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) के अनुसार, कंपनी ने शुद्ध फ्रेश इश्यू से प्राप्त 525 करोड़ रुपये का उपयोग अपने कुछ कर्ज के पूर्व भुगतान या पुनर्भुगतान के लिए करने का निर्णय लिया है। शेष राशि का उपयोग सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। इस तरह निवेशकों को स्पष्ट जानकारी मिलती है कि कंपनी अपने वित्तीय ढांचे को मजबूत करने और भविष्य में विस्तार करने की योजना बना रही है।

बाजार में लिस्टिंग के प्रभाव

शेयरों के लिस्ट होने के बाद शुरुआती भाव से यह संकेत मिलता है कि निवेशकों में उत्साह अपेक्षाकृत कम है। बीएसई और एनएसई दोनों पर शेयर प्राइस प्राइस बैंड से नीचे लिस्ट हुए, जो बताता है कि बाजार में आईपीओ के प्रति उम्मीदें थोड़ी कमजोर रही।

ग्रे मार्केट के मुकाबले भी लिस्टिंग कम रही, जिससे पता चलता है कि निवेशकों ने जोखिम को देखते हुए अधिक बोली नहीं लगाई। इस वजह से शुरुआती कारोबार में शेयरों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

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