प्रयागराज में सुबह से रुक-रुककर बारिश अगले 2 दिन ऐसा ही रहेगा मौसम, शाम तक भारी बारिश का अलर्ट

प्रयागराज में मंगलवार सुबह से रुक-रुककर बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने शाम तक भारी बारिश की चेतावनी दी है, अगले दो दिन भी बारिश का दौर जारी रहेगा।
प्रयागराज में सुबह से रुक-रुककर बारिश अगले 2 दिन ऐसा ही रहेगा मौसम, शाम तक भारी बारिश का अलर्ट
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प्रयागराज: संगमनगरी में मानसून एक बार फिर सक्रिय है। मंगलवार सुबह से ही प्रयागराज में रुक-रुककर बारिश का दौर जारी है। कभी हल्की फुहारें पड़ रही हैं तो कभी बारिश तेज हो जा रही है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक मंगलवार को प्रयागराज में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए 26 अगस्त को भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

सुबह से बादल छाए रहने और रुक-रुककर बारिश होने के कारण शहर के तापमान में गिरावट महसूस की जा रही है। हालांकि वातावरण में नमी अधिक होने से बारिश के बीच उमस भी लोगों को परेशान कर रही है। मंगलवार दोपहर प्रयागराज में तापमान करीब 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि अधिकतम तापमान 33 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है। नमी का स्तर करीब 84 प्रतिशत बताया गया है।

मौसम विभाग के अनुसार 25 अगस्त को प्रयागराज समेत पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बारिश के साथ गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। प्रयागराज, प्रतापगढ़, कौशांबी, चित्रकूट और आसपास के इलाकों में बारिश की गतिविधियां देखने को मिलेंगी। कुछ स्थानों पर भारी बारिश की भी चेतावनी है।

इसका असर शहर की सड़कों और निचले इलाकों में भी दिखाई दे सकता है। लगातार बारिश होने पर जलभराव की समस्या बढ़ने की आशंका है। पहले से जिन इलाकों में जलनिकासी की समस्या है, वहां थोड़े समय की तेज बारिश भी लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है।

प्रयागराज में पिछले 24 घंटे के दौरान भी अच्छी बारिश दर्ज की गई है। एक रिपोर्ट के मुताबिक शहर में 62 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई, जिसके बाद मौसम विभाग ने अगले कई दिनों तक बारिश का दौर बने रहने का अनुमान जताया है।

मंगलवार को बारिश के दौरान तेज हवाएं और बिजली चमकने की स्थिति भी बन सकती है। ऐसे में लोगों को खुले स्थानों पर अनावश्यक रूप से रुकने से बचने की जरूरत है। खासकर गरज-चमक के दौरान पेड़, बिजली के खंभे और खुले मैदान से दूरी बनाए रखना सुरक्षित रहेगा।

शहर में बारिश का असर यातायात पर भी पड़ सकता है। सड़क पर पानी भरने के कारण वाहनों की रफ्तार धीमी हो सकती है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए जलभराव वाले रास्तों से गुजरना मुश्किल हो सकता है। बारिश के दौरान दृश्यता कम होने से सड़क दुर्घटना का खतरा भी बढ़ जाता है।

प्रयागराज के अलावा आसपास के जिलों में भी मौसम खराब रहने का अनुमान है। मंगलवार को पूर्वी और दक्षिणी यूपी के कई जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है। वाराणसी, मिर्जापुर, सोनभद्र, चंदौली, जौनपुर, गाजीपुर, प्रतापगढ़ और कौशांबी जैसे जिलों में भी बारिश का असर रह सकता है।

अगले दो दिनों तक मौसम में ज्यादा बदलाव की उम्मीद नहीं है। बुधवार यानी 26 अगस्त को भी पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी बनी हुई है। इसके बाद 27 और 28 अगस्त को भारी बारिश की चेतावनी नहीं है, हालांकि स्थानीय स्तर पर गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।

इस बीच प्रयागराज में गंगा और यमुना के जलस्तर पर भी प्रशासन की नजर बनी हुई है। बारिश के कारण नदियों और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति को देखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता जरूरी है। खासकर नदी किनारे रहने वाले लोगों को मौसम और जलस्तर से जुड़े ताजा अपडेट पर नजर रखनी होगी।

बारिश का यह दौर किसानों के लिए भी महत्वपूर्ण है। खेतों में पहले से पर्याप्त नमी होने की स्थिति में अतिरिक्त बारिश से जलभराव की समस्या पैदा हो सकती है। वहीं जिन इलाकों में बारिश कम हुई है, वहां यह बारिश फसलों के लिए फायदेमंद हो सकती है। हालांकि खेतों में पानी ज्यादा देर तक जमा रहने पर फसल को नुकसान भी हो सकता है।

शहरवासियों के लिए फिलहाल सबसे जरूरी बात यह है कि मौसम साफ समझकर जरूरी काम के बिना बाहर निकलने से बचें। मंगलवार शाम तक भारी बारिश की संभावना को देखते हुए घर से निकलने से पहले मौसम की स्थिति देखना बेहतर रहेगा।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र का असर उत्तर प्रदेश के मौसम पर दिखाई दे रहा है। इसी वजह से प्रदेश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय बना हुआ है और रुक-रुककर बारिश हो रही है।

कुल मिलाकर प्रयागराज में अगले 48 घंटे बारिश के लिहाज से महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। मंगलवार सुबह से जारी रुक-रुककर बारिश के बीच शाम तक भारी बारिश की संभावना है और बुधवार को भी पूर्वी यूपी में भारी बारिश का अलर्ट बना हुआ है। ऐसे में जलभराव वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतनी होगी और गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचना होगा।

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